एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे सीएम आदित्य नाथ योगी की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है| मामला उस वक़्त का है जब योगी आदित्यनाथ अपने काफिले के साथ लखनऊ यूनिवर्सिटी में हिंदवी स्वराज दिवस के कार्यक्रम में मौजूद होने जा रहे थे कि तभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले को काला झंडा दिखाया और उनपर हमला करने की भी साजिश की|
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हालाँकि बताया जा रहा है कि सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर चिनहट थाने के दारोगा वीरेंद्र यादव व छह कांस्टेबल अलाउद्दीन, जीवन सहाय, आत्मेंद्र, विजेंद्र व देवेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। इस मुद्दे में जो सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात है वो ये कि मामले के सभी आरोपी समाजवादी छात्र सभा और आइसा के छात्र नेता है| सभी 14 छात्र नेताओं पर 7-CLA एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हसनगंज पुलिस ने सभी 14 छात्र नेताओं को जेल भेजने की तैयारी कर ली है।
मुख्यमंत्री के विरोध की तैयारी की पूर्व सूचना के बावजूद पुलिस प्रदर्शनकारी छात्र-छात्रओं को मुख्यमंत्री के काफिले के आगे आने से रोकने में नाकाम रही। सीएम लखनऊ यूनिवर्सिटी में हिंदवी स्वराज दिवस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस बीच हनुमान सेतु के पास सुरक्षा घेरा तोड़कर सपा छात्रसभा, एसएफआइ व आइसा से जुड़े छात्र-छात्राएं आगे आ गए और काले झंडे दिखाते हुए सीएम के काफिले को रोक दिया।
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कुछ छात्र काफिले के आगे बीच सड़क पर लेट गए। सीएम अपनी कार से यह सब देखते रहे। पुलिसकर्मियों ने सीएम विरोधी नारेबाजी कर रहे छात्रों को किसी तरह घसीटकर काफिले के आगे से हटाया। इस बीच प्रदर्शनकारी छात्रों ने यूनिवर्सिटी के गेट नंबर दो के पास तक अपना विरोध जारी रखा।
लेकिन इस पूरे प्रकरण के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना संयम नहीं खोया और शायद इसी के चलते कोई बड़ा हादसा होने से टल गया|
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