पाकिस्तानी वकीलों ने शनिवार (20 मई) को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अल्टीमेटम दिया कि अगर वह पनामा पेपर्स मामले में सात दिनों में सत्ता नहीं छोड़ते तो वे उनके खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने आज इस रूख का एलान किया। दोनों बार एसोसिएशन की ओर से जारी साझा बयान में कहा गया है, ‘‘दोनों बार एसोसिएशन का मानना है कि पनामा पेपर्स मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अब अपने पद बने नहीं रहना चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि पनामा मामले ने इस बात का स्पष्ट संकेत दिया है कि शरीफ और उनके बच्चों ने वित्तीय अनियिमताएं और भ्रष्टचार किए तथा जांच के लिए जेआईटी का गठन किया गया है। पनामा गेट मामले में प्रधानमंत्री और उनके परिवार को धनशोधन और भ्रष्टाचार का आरोपी बनाया गया है। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संयुक्त जांच टीम का गठन कर दिया है और पीएम नवाज शरीफ और उनके दोनों बेटों को इस टीम के सामने जांच के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया है।
नवाज शरीफ ने कहा- मैं हार गया, मैं भारत के PM से नहीं जीत सकता
कुलभूषण जाधव पर नवाज़ शरीफ की फिक्सिंग -- इमरान खान
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के चीफ इमरान खान ने कुलभूषण जाधव मामले पर कहा है कि ये नवाज शरीफ की फिक्सिंग है।
इमरान ने ये भी कहा कि पनामा पेपर लीक मामले में नवाज के खिलाफ जांच कर रही ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (JIT) को नवाज के भारत में बिजनेस इंट्रेस्ट्स की भी जांच करनी चाहिए।
बता दें कि जाधव को पाकिस्तान ने भारत का जासूस बताते हुए पिछले साल गिरफ्तार किया था। मार्च में जाधव को पाक मिलिट्री कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। इस पर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी ICJ ने फिलहाल रोक लगा दी है।
एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बातचीत में इमरान ने कहा, “नरेंद्र मोदी ने जब भारत के पीएम के तौर पर शपथ ली तो उन्होंने नवाज शरीफ को भी बुलाया। शरीफ मोदी से तो मिले लेकिन हुर्रियत के नेताओं से मुलाकात नहीं की।
लगता है मामला पहले भी फिक्स था और अब भी फिक्स ही है।” “अब शरीफ कह रहे हैं कि जाधव का मामला हमारे हाथ में नहीं है बल्कि ICJ के हाथ में है। वो भारत से नहीं जीत सकते। शरीफ पहला राउंड तो हार ही चुके हैं। जाधव की सजा पर रोक तो तभी लग गई थी जब भारतीय कारोबारी सज्जन जिंदल से मिलने आए थे।”
पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक, इमरान ने शरीफ पर नया और गंभीर आरोप लगाया। पनामा पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए इमरान ने कहा, “इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की बनाई JIT कर रही है। इस टीम को ये भी जांच करनी चाहिए कि आखिर शरीफ के भारत में क्या बिजनेस इंट्रेस्ट्स हैं। शरीफ जनता की कमाई को उसी तरह लूट रहे हैं जैसे कभी ईस्ट इंडिया कंपनी ने लूटा था।
नवाज ने की भारत से सीक्रेट डील: विपक्ष
जाधव मामले में आईसीजे के ऑर्डर के बाद अपोजिशन नवाज सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ यानी पीटीआई के नेता शफकत महमूद ने गुरुवार को कहा था- इंडियन स्टील किंग सज्जन जिंदल से शरीफ ने क्या बात की? उनके बीच क्या सीक्रेट डील हुई? नवाज संसद में आकर सच्चाई बताएं।
महमूद ने कहा- सरकार ने ऐसा वकील क्यों हायर किया जो ब्रिटेन में रहता है और जो लंदन क्वींस काउंसल जो कतर में है, उसकी वकालत करता है और जिसने कभी इंटरनेशनल कोर्ट का मुंह भी नहीं देखा था। इसका मतलब साफ है कि जिंदल और शरीफ के बीच कोई डील हुई थी।
ICJ के फैसले से कोई हैरानी नहीं :
- एक और अपोजिशन लीडर शिरीन मजारी ने कहा था, हमें ICJ में मात मिली, इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है। सरकार ने जानबूझकर वही किया जो भारत चाहता था। इस खेल की शुरुआत तभी हो गई थी, जब सज्जन जिंदल नवाज से मिलने पाकिस्तान आए थे। सच्चाई तो ये है कि पाकिस्तान की लीगल टीम वहां भारत की मदद करने गई थी। हमने एक अनाड़ी को ICJ भेज दिया था।
Comments