राजनीति से कोसो दूर रहने वाली जसोदाबेन जब कार्यक्रम में पहुची तो उन्होंने अपने भाषण से सबका मन मोह लिया। आयोजको ने लम्बे प्रयास के बाद जसोदाबेन को कार्यक्रम में आने के लिए मना पाए।
जशोदाबेन को पटना एयरपोर्ट उतरने के बाद राजधानी पटना स्थित होटल मौर्या ले जाया गया जहां तैलिक सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उनका अभिनंदन किया गया। इस मौके पर जशोदा बेन ने कहा कि यहां के लोगों के द्वारा किया गया स्वागत से मैं अभिभूत हूं मुझे यहां के लोगों से मिलकर काफी खुशी हो रही है इस मौके पर उन्होंने कहा कि मैं खुद भी इस साहू समाज की हूं और भामा शाह को मानने वाले सभी समाज के लोग अपने जीवन में आगे बढ़ें तरक्की करें।
जशोदाबेन की यह बिहार यात्रा कई मायने में महत्व रखता है। 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। यह हार तब हुई थी जब नरेंद्र मोदी अपनी तरफ से एड़ी चोटी लगा दिये थे।पिछले विधानसभा में अत्यंत पिछड़ा वोट बीजेपी को न के बराबर मिला था। अत्यंत पिछड़ा वोट नीतीश और लालू के महागठबंधन के साथ चला गया, जिसका परिणाम विधानसभा में प्रचंड बहुमत के साथ नीतीश कुमार फिर से सत्ता में आए और सीएम की कुर्सी पर काबिज हुए। तेली समुदाय भी EBC में ही आता है जिसकी संख्या ठीक ठाक है इस समुदाय को रिझाने अब प्रधानमंत्री की पत्नी जशोदा बिहार में 3 दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेने आई है। . उनके साथ उनके भाई अशोक भाई मोदी भी आये है उनके आने से तेली समुदाय में उत्साह देखने को मिल रहा है।
दरअसल जसोदाबेन इन दिनों बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान के लिए काम कर रही है। कार्यक्रम के दौरान जसोदाबेन ने अपनी टूटी फूटी हिंदी में भाषण दिया। इस दौरान उन्होने समाज के जातिवाद पर ऊँगली उठाई, उन्होंने कहा हम सब समाज का हिस्सा हैं और समाज का ही हिस्सा बन कर रहना चाहिए, जातिप्रथा हमारे देश को पीछे कर रही है।
प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन पर बोलते हुए उन्होंने कहा की अब वक़्त आ गया है की हम सबको बेटी की महत्ता को समझना होगा। बेटी एक नहीं दो-दो परिवारों को संभालती हैं, बेटियां आगे बढेंगी तो ही समाज बढ़ेगा। मोदी सरकार के प्रयास को सराहते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की भावना और उसके प्रयास में साथ दीजिये, हमारा देश जरुर बदलेगा।
कार्यक्रम से पहले उनकी शोभा यात्रा निकाली गई, इस दौरान वो एक खुली जीप में बैठी रही, लोगों ने फूल और मालाओं से उनका अभिवादन किया।
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