कुलभूषण जाधव के मामले में भारत को एक बड़ी इंटरनेशनल जीत मिल गई है। फिलहाल कोर्ट ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है।
कुलभूषण जाधव को लेकर छुड़ाने के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है कि केंद्र सरकार ने कुलभूषण को भारत लाने की कोशिशें शुरू कर दी। भारत सरकार इस मामले पर शीर्ष स्तर पर बातचीत की तैयारी कर सकती है।
गौरतलब है कि अगले हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी भारत आ रहे हैं। उनसे भी इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। सरकार की इस योजना को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल को सौंपी जा सकती है।
तो वहीं इस जीत के बाद जाधव के केस लड़ रहे वकील हरीश साल्वे ने कहा कि हमारा पहला प्लान इस जीत के बाद इंटरनेशल कोर्ट से जाधव को रिहा करने का अनुरोध कर सकते हैं।
तो दूसरा प्लान पाकिस्तानी अदालतों से होकर गुज़रता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हरीश साल्वे ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय अदालत वह अदालत नहीं है, जहां अपील की गई हो, और जहां हमें उनकी निर्दोषिता सिद्ध करनी हो।
अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट वह अदालत है, जहां हम बताते हैं कि पाकिस्तान ने उन्हें फांसी की सजा सुनाने के लिए जो तरीका अपनाया था, वह विएना समझौते का उल्लंघन है।
भारत की दलीलों को स्वीकार करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में बंद कुलभूषण जाधव से भारत को संपर्क बनाने की अनुमति न देकर गैरकानूनी काम किया है।
कोर्ट ने कहा कि विएना समझौते के तहत जासूसी तथा आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों के लिए भी कॉन्स्यूलर एक्सेस दिए जाने का प्रावधान है।
इस प्लान के तहत भारत पाक पर दबाव बना सकता है और कुलभूषण जाधव की रिहाई की मांग कर सकता है।
कुत्ता पालो, बिल्ली पालो, मगर ग़लतफ़हमी मत पालो-- वीरेंद्र सहवाग
सबसे पहले कैफ ने जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले के बाद ट्वीट कर सभी को बधाई दी। कैफ ने लिखा कि भारतीयों को बधाई, इंटरनेशनल कोर्ट को भी शुक्रिया, इस मामले में न्याय हुआ।
तभी कैफ को पाक से भी ट्वीट आया और कहा कि तुम अपने नाम से मोहम्मद हटा दो। उसके बाद ट्वीट वॉर शुरु हुई और कैफ ने जवाब में कहा कि वाह, अगर मैं भारत की जीत का समर्थन करता हूं।
तो मुझे अपने नाम से मोहम्मद को निकाल देना चाहिए। मुझे अपने नाम पर गर्व है। आमिर का अर्थ होता है, जीवन से भरा हुआ, जिसकी आपको जरूरत है।
कैफ के ट्वीट के बाद सहवाग ने कहा कि तुम लोग जैसे सपने में वर्ल्डकप में भारत को हराने का सपना देखते रहते हो, वैसा ही सपना देख रहे हो।
इसके आगे उन्होंने लिखा कि कुत्ता पालो, बिल्ली पालो, लेकिन गलतफहमी मत पालो।’ इसके बाद एक और ट्वीट कर उन्होंने पाकिस्तान पर चोट करते हुए लिखा लिखा सत्यमेव जयते।
दरअसल, पाकिस्तानी यूजर ने ट्विटर पर ट्वीट किया कि ‘हिन्दुस्तानियों का दिमाग कम है? अभी इस मामले पर पूरा फैसला आना बाकी है, और अगर इंटरनेशनल कोर्ट कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक भी लगा देता है। तो पाकिस्तान उसे फांसी पर जरुर लटकाएगा, हिन्दुस्तानियों को जहां मर्जी है वहां चले जाएं।
मोदी कुलभूषण को जरूर वापस ले आएंगे: अनु मालिक
कुलभूषण जाधव को वापस लाने के मसले पर देश में लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास का समर्थन में कई हस्तियां सामने आई हैं। प्रसिद्ध संगीतकार अनु मलिक ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को भारत सरकार निश्चिततौर पर देश वापसी करवाएंगें, जिसके लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज लगातार प्रयासरत हैं, जिसमें उन्हें सफलता हासिल होगी।
अनु मलिक ने कहा कि भारत सरकार लगातार कोशिश कर रही है जिस तेजी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को घेरा है तय है कि इसके परिणाम अच्छे निकलेंगे। भारत ने अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान को कूटनीति स्तर पर लगातार घेरा गया है जिसने बिना सबूत और ट्रायल के हमारे नागरिक कुलभूषण जाधव को सजा सुना दी है। जिसको लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और पाकिस्तान से आग्रह किया है कि किसी भी तरह से कुलभूषण जाधव को छोड़ें। ill back soon
जिस तरह से कुलभूषण जाधव को बिना सबूत के ही फांसी की सजा सुनाया गया है जो कहीं से भी उचित नहीं है। गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव पर मुकदमा पाकिस्तान मिलिट्री कोर्ट में चलाया गया। जो बिना प्रमाण के ही जाधव को मौत की सजा सुना दी है। जिसको लेकर भारत ने ऐतराज जाहिर किया है। अभी कुलभूषण जाधव के पास विकल्प है कि वे उच्चतम न्यायालय जाए और उसके बाद राष्ट्रपति से भी क्षमा याचना मांग सकते हैं।
कुलभूषण जाधव बिजनेस मैन हैं लेकिन पाकिस्तान ने उनपर जासूस होने का आरोप लगाकर उनपर पाकिस्तान मिलिट्री कोर्ट द्वारा सजा सुना दिया है। जिसका विरोध वहां के नेताओं ने भी किया है। भारत ने तत्काल रूप से पाकिस्तान के राजनयिक को बुलाकर ऐतराज जाहिर किया था। उसके बाद भारत ने मुस्लिम देशों से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की भी कूटनीति पर कार्य की थी और लगातार इस कोशिश में है जिससे की कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा से बचाकर भारत वापस लाया जाए। k

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