मशहूर लेखक जावेद अख्तर बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं, उन्होने हरियाणा के खिलाडियों वीरेंद्र सेहवाग, योगेश्वर दत्त, गीता फोगाट, बबीता फोगाट को अनपढ़ बताते हुए कहा था कि ये लोग अनपढ़ होने की वजह से गुरमेहर कौर को ट्रोल करते हैं तो समझ में आता है लेकिन केंद्रीय राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ऐसा करें यह समझ के बाहर है।
जैसे ही जावेद अख्तर ने हरियाणा के टॉप खिलाडियों को अनपढ़ बताया, पूरे देश में बवाल मच गया, लोग इन्टरनेट पर ढूँढने लगे कि आखिर जावेद अख्तर ने कितना पढ़ा लिखा है कि दूसरों को अनपढ़ता का प्रमाण पत्र बाँट रहे हैं।
जब उनकी DNA एनालिसिस की गयी तो पता चला कि उन्होने भोपाल के सैफिया कॉलेज से महज ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने ना तो कहीं से PhD की है और ना ही कोई वैज्ञानिक रहे हैं इसके बावजूद भी उन्होंने बड़े खिलाडियों को अनपढ़ बता दिया।
जब उनकी लाइफ की गहराई से डीएनए एनालिसिस की गयी तो और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए, ये खुलासे पढ़कर देश का कोई भी इंसान जावेद अख्तर जैसा नहीं बनना चाहेगा और सभी को उनपर शर्म आएगी। लोग कहेंगे कि अगर पढ़े लिखे लोग ऐसे होते हैं तो हमें नहीं पढना लिखना।
इस पर जावेद अख्तर ने कहा "मिस्टर मंत्री जी आप वामपंथियो पर सैनिकों की मौत पर जश्न मनाने का झूठा आरोप लगा रहे हैं ,मगर ABVP के बारे में कुछ नहीं बोल रहे ये पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है.
अख्तर यही नहीं रुके उन्होंने किरन रिजजू के उस व्यान पर भी हमला बोला जिसमे मंत्री जी ने कहा था कि "कुछ लोग शहीद की बेटी का दिमाग दूषित करने में लगे हैं" ,इस पर जावेद ने ट्वीट करके कहा कि "मिस्टर मंत्री जी मैं ये तो नहीं जानता कि लडकी का दिमाग कौन दूषित कर रहा है मगर ये अच्छी तरह से जानता हूँ कि आपका दिमाग कौन दूषित कर रहा है"
जैसे ही जावेद अख्तर ने हरियाणा के टॉप खिलाडियों को अनपढ़ बताया, पूरे देश में बवाल मच गया, लोग इन्टरनेट पर ढूँढने लगे कि आखिर जावेद अख्तर ने कितना पढ़ा लिखा है कि दूसरों को अनपढ़ता का प्रमाण पत्र बाँट रहे हैं।
जब उनकी DNA एनालिसिस की गयी तो पता चला कि उन्होने भोपाल के सैफिया कॉलेज से महज ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने ना तो कहीं से PhD की है और ना ही कोई वैज्ञानिक रहे हैं इसके बावजूद भी उन्होंने बड़े खिलाडियों को अनपढ़ बता दिया।
जब उनकी लाइफ की गहराई से डीएनए एनालिसिस की गयी तो और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए, ये खुलासे पढ़कर देश का कोई भी इंसान जावेद अख्तर जैसा नहीं बनना चाहेगा और सभी को उनपर शर्म आएगी। लोग कहेंगे कि अगर पढ़े लिखे लोग ऐसे होते हैं तो हमें नहीं पढना लिखना।
देश हित में बात करने वाले उन खिलाडिओं को जिन्होंने विश्व पटल पर भारत का नाम ऊँचा किया उन्हें अनपढ़ बताने वाले गद्दार जावेद अख्तर अब खुलकर वामपंथियों के समर्थन में आ गये हैं और केन्द्रीय मंत्री किरन रिजजू के उस व्यान पर हमला किया है जिसमे किरन रिजजू ने कहा था कि "ये वही वामपंथी हैं जो देश के सैनिकों के मरने पर जश्न मनाते हैं"
इस पर जावेद अख्तर ने कहा "मिस्टर मंत्री जी आप वामपंथियो पर सैनिकों की मौत पर जश्न मनाने का झूठा आरोप लगा रहे हैं ,मगर ABVP के बारे में कुछ नहीं बोल रहे ये पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है.
अख्तर यही नहीं रुके उन्होंने किरन रिजजू के उस व्यान पर भी हमला बोला जिसमे मंत्री जी ने कहा था कि "कुछ लोग शहीद की बेटी का दिमाग दूषित करने में लगे हैं" ,इस पर जावेद ने ट्वीट करके कहा कि "मिस्टर मंत्री जी मैं ये तो नहीं जानता कि लडकी का दिमाग कौन दूषित कर रहा है मगर ये अच्छी तरह से जानता हूँ कि आपका दिमाग कौन दूषित कर रहा है"
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौर की टाइमलाईन देखेंगे तो हर 14 अगस्त को उसने पाकिस्तान की स्वतंत्रता की बधाई दी है लेकिन अगले दिन 15 अगस्त को भारत की आजादी पर कुछ नही लिखा।
जहर अंदर तक भरा गया है ...2 साल में पिता शहीद हो गए ..माँ कोटे से मिले पेट्रोल पम्प पर ही ध्यान देती रही ...पैसो की कोई कमी नही ..पिता की शहादत पर 1.3 करोड़ रु मिले ..शहीद पिता की बची हुई नौकरी तक पूरी सेलेरी..... बारहवीं में 76% मार्क मिलने के बाद भी शहीद कोटे से दिल्ली के मशहूर कालेज लेडी श्रीराम कालेज में एडमिशन मिला जहां 99.9% कट ऑफ़ है। सब कुछ बैठ-बिठाए सरकार से मिला और ऊपर से भारत के टुकड़े करने वाले देश के गद्दारों का साथ मिला, दिमाग तो खराब होना ही था।
जहर अंदर तक भरा गया है ...2 साल में पिता शहीद हो गए ..माँ कोटे से मिले पेट्रोल पम्प पर ही ध्यान देती रही ...पैसो की कोई कमी नही ..पिता की शहादत पर 1.3 करोड़ रु मिले ..शहीद पिता की बची हुई नौकरी तक पूरी सेलेरी..... बारहवीं में 76% मार्क मिलने के बाद भी शहीद कोटे से दिल्ली के मशहूर कालेज लेडी श्रीराम कालेज में एडमिशन मिला जहां 99.9% कट ऑफ़ है। सब कुछ बैठ-बिठाए सरकार से मिला और ऊपर से भारत के टुकड़े करने वाले देश के गद्दारों का साथ मिला, दिमाग तो खराब होना ही था।
गद्दारों और मौकापरस्तों के बहकावे में आकर शहीद पिता की शहादत को मिट्टी में मिलाने पर तुली हुई है मूर्ख लड़की।
कुल मिलाकर कैम्पस में बैठे कामुक वामपंथी भेड़ियों के लिए गुरमेहर कौर एक परफेक्ट शिकार थी जिनके पास बोलने की आजादी के नाम पर केवल बातें उछालकर शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है और न ही किसी समस्या का कोई समाधान है।
अब बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर ने देश हित में बात करने वाले इन सभी लोगों को अनपढ़ और गंवार बता दिया उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा "अगर कम पढ़े लिखे अनपढ़ खिलाडी और पहलवान किसी शहीद की बेटी का मजाक उड़ायें तो समझ आता है ,लेकिन कुछ पढ़े लिखे लोगों को क्या हो गया"
जावेद अख्तर का सीधा मतलब देश के उन सभी देशभक्त और देशहित की बात करने वालों के लिए था जो अपने देश से प्यार करते हैं और देश के लिए सोंचते हैं ,जावेद अख्तर की नजर में सभी देशप्रेमी अनपढ़ और गंवार हैं जबकि देश के टुकड़े करने वाले सभ्य और पढ़े लिखे हैं.
रामजस कॉलेज का सारा ड्रामा दिल्ली के ड्रामेबाज और भारतीय राजनीति इतिहास के सबसे नीच आदमी अरविन्द केजरीवाल द्वारा रचाया गया है ,जिसमे इस आदमी ने एक शहीद की बेटी का राजनीतिक इस्तेमाल सिर्फ मोदी को नीचा दिखाने के लिए किया ,जिसमे उस लड़की ने फेसबुक पर एक फोटो पोस्ट किया जिसमे लिखा हुआ था "मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं ने बल्कि युद्ध ने मारा" ,इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वीरेंद्र सहवाग ने भी एक फोटो पोस्ट जिसमे लिखा हुआ था "शतक मैंने नहीं बनाये ,मेरे बल्ले ने बनाये" ,इसी क्रम में हरियाणा की गीता और बबिता फोगाट ने भी ट्वीट किया और लिखा जो लड़की अपने देश के लिए नहीं बोल सकती उसके लिए बोलना ठीक है क्या ?
अब बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर ने देश हित में बात करने वाले इन सभी लोगों को अनपढ़ और गंवार बता दिया उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा "अगर कम पढ़े लिखे अनपढ़ खिलाडी और पहलवान किसी शहीद की बेटी का मजाक उड़ायें तो समझ आता है ,लेकिन कुछ पढ़े लिखे लोगों को क्या हो गया"
जावेद अख्तर का सीधा मतलब देश के उन सभी देशभक्त और देशहित की बात करने वालों के लिए था जो अपने देश से प्यार करते हैं और देश के लिए सोंचते हैं ,जावेद अख्तर की नजर में सभी देशप्रेमी अनपढ़ और गंवार हैं जबकि देश के टुकड़े करने वाले सभ्य और पढ़े लिखे हैं.


Comments