उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी को शानदार सफलता मिली| इधर भाजपा को भारी मत से जीत मिली तो उधर सभी ने बिना वक़्त जाया किये इस जीत का कारण भी ढूंढना शुरू कर दिया| इस कारण ढूँढने की प्रक्रिया में एक बात जो सबसे ज्यादा उभर कर सामने आई वो थी जीत के पीछे जातीय और धार्मिक समीकरण, लेकिन इन दो बड़े मुद्दों के अलावा एक मुख्य तर्क यह भी दिया गया कि तीन तलाक का विरोध करने वाली मुस्लिम महिलाओं ने बड़ी संख्या में BJP को वोट दिया।जबकि मुस्लिम पुरुष वर्ग का कहना कि "इस चुनाव में मुसलमान ने भी भाजपा को वोट दिया है, वरना इतनी सीटें नहीं आती। " यह वर्ग यह भूल गया कि वोट पुरुष वर्ग की बजाए महिला वर्ग ने खुलकर वोट दिया।
हालाँकि सिर्फ पक्ष-विपक्ष ही नहीं बल्कि खुद BJP की ओर से भी कहा गया है कि तीन तलाक पर उसके रुख को देखते हुए बड़ी तादाद में मुस्लिम महिलाओं ने उसके पक्ष में मतदान किया है। अब तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वालीं सहारनपुर की आतिया साबरी ने खुलकर BJP को वोट देने की बात कही है। मालूम हो कि BJP ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भी तीन तलाक का मुद्दा उठाया था।
पहली बार कैमरे के सामने आई आतिया
तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जंग लड़ने वाली सहारनपुर की आतिया साबरी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को मतदान करने की बात कहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ उनकी पार्टी के एजेंडे को याद दिलाया है| स्थानीय मीडिया से बात करते हुए तीन तलाक के खिलाफ जंग लड़ने वाली इस महिला ने कहा है कि तीन तलाक का विरोध करने के कारण ही उन्होंने और उनके परिवार के लोगों ने भाजपा को अपना बहुमूल्य मत दिया है|
आतिया ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की है कि भाजपा के एजेंडे में शामिल तीन तलाक पर रोक लगाने के मसले पर अमल करना चाहिए| आतिया की ओर दायर याचिका पर आगामी 30 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है| हम यहाँ आपको बता दें कि आतिया के पति ने कागज पर तीन तलाक लिखकर उनके साथ अपना रिश्ता तोड़ लिया था। आतिया इस तलाक का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई भी लड़ रही हैं।
आतिया की शादी साल 2012 में हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। उनका आरोप है कि लगातार दो बेटियों के जन्म से उनके पति और ससुराल वाले नाराज थे और इसीलिए उन्हें घर से निकालना चाहते थे। आतिया का आरोप है कि ससुराल वालों ने पहले तो उन्हें जहर खिलाकर मारने की कोशिश की। फिर 2016 में आतिया के पति ने एक कागज पर तीन तलाक लिखकर उनसे तलाक ले लिया। इस विवाद में दारुल उलूम देवबंद का नाम भी शामिल है। आतिया का आरोप है कि दारुल उलूम ने उनके पति द्वारा कागज पर तीन बार लिखकर भेजे गए तलाक को जायज बताया था।
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)
Comments