प्रधानमंत्री मोदी ने आज तमिलनाडु के कोयम्बतूर में आदियोगी भगवान शिव की 112 फीट आकृति का अनावरण किया और देवी देवताओं के दर्शन करके प्रोग्राम को संबोधित किया। पीएम मोदी यहाँ पर सद्गुरु जेवी और ईशा फाउंडेशन के आमत्रण पर पहुंचे थे, प्रोग्राम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के अलावा कई अन्य बड़े नेता भी मौजूद थे। यह कार्यक्रम महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित किया गया था और इसमें यह बताने की कोशिश की गयी कि भगवान शिव सबसे पहले योगी थे और योग में ही सभी बीमारियों का निवारण और ख़ुशी समाहित है।
मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योग की जरूरत और उत्पत्ति पर प्रकाश, उन्होने बताया कि योग करने से कैसे एकता की भावना पैदा होती है और तनाव को दूर करके खुश कैसे रहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि योग अच्छे स्वास्थय के लिए पासपोर्ट का काम करता है। योगा रोग मुक्ति के अलावा भोग मुक्ति का भी साधन है। यह मानव के कल्याण का साधन है।
मोदी ने महाशिवरात्रि के बारे में बोलते हुए कहा वैसे तो कई त्यौहार हैं लेकिन इस अकेले त्यौहार में महा जुड़ा हुआ है, इसके अलावा भारत में कई देव हैं लेकिन महादेव केवल एक हैं, इसके आलावा कई मंत्र हैं लेकिन एक मंत्र भगवान शिव से जुड़ा हुआ है जिसे महामृत्युंजय मंत्र कहा जाता है। यह भगवान शिव की महिमा है।
मोदी ने कहा कि मेरा गृह राज्य गुजरात है जिसे सोमनाथ की धरती कहा जाता है, मैं इस वक्त काशी का सांसद हूँ जिसे विश्वनाथ की धरती कहा जाता है, इसके अलवा केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम और काशी से लेकर कोयम्बतूर तक हर जगह शिव विद्यमान हैं और आज यह मूर्ति जिसका अनावरण हो रहा है यह सबको शिवमय होने की प्रेरणा देती रहेगी।
इस अवसर पर बोलते हुए सद्गुरु जेवी ने कहा कि आज इंसान एक दूसरे से इसलिए लड़ रहा है क्योंकि एक इंसान किसी को भगवान मनाता है और दूसरा किसी और को गॉड मानता है, आज इश्वर के लिए लोग मार काट मचा रहे हैं लेकिन योग ही एक ऐसा माध्यम है जो हमें एकता सिखाता है इसलिए हमें आदियोगी शिवा के रास्ते पर चलकर योगा को दुनिया भर में पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि आदियोगी की यह मूर्ति केवल 8 महीने में बनकर तैयार हुई है और इसे प्रधानमंत्री मोदी के हाथों से इसलिए अनावरण किया है क्योंकि ये स्वयं योगी हैं और पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में करोड़ों लोगों को योग करवा चुके हैं।
मोदी ने कहा कि मेरा गृह राज्य गुजरात है जिसे सोमनाथ की धरती कहा जाता है, मैं इस वक्त काशी का सांसद हूँ जिसे विश्वनाथ की धरती कहा जाता है, इसके अलवा केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम और काशी से लेकर कोयम्बतूर तक हर जगह शिव विद्यमान हैं और आज यह मूर्ति जिसका अनावरण हो रहा है यह सबको शिवमय होने की प्रेरणा देती रहेगी।
इस अवसर पर बोलते हुए सद्गुरु जेवी ने कहा कि आज इंसान एक दूसरे से इसलिए लड़ रहा है क्योंकि एक इंसान किसी को भगवान मनाता है और दूसरा किसी और को गॉड मानता है, आज इश्वर के लिए लोग मार काट मचा रहे हैं लेकिन योग ही एक ऐसा माध्यम है जो हमें एकता सिखाता है इसलिए हमें आदियोगी शिवा के रास्ते पर चलकर योगा को दुनिया भर में पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि आदियोगी की यह मूर्ति केवल 8 महीने में बनकर तैयार हुई है और इसे प्रधानमंत्री मोदी के हाथों से इसलिए अनावरण किया है क्योंकि ये स्वयं योगी हैं और पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में करोड़ों लोगों को योग करवा चुके हैं।
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