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बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाने की कला सिर्फ डॉक्टर साहब के पास -- पीएम मोदी का मनमोहन सिंह पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यभा में भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा। मोदी ने कहा, ‘बाथरूम में रेनकोट पहनकर नाहने की कला तो सिर्फ डॉक्टर साहब के पास थी।’ इसपर राज्यसभा में काफी हंगामा हुआ। दरअसल, मोदी कांग्रेस के कार्यकाल में हुए घोटालों का जिक्र करते हुए इस बात पर आए। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में इतने घोटाले हुए फिर भी उनपर कोई दाग नहीं लगा। उन्होंने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह 30-35 साल तक देश के बड़े आर्थिक फैसले लेने वाले लोगों के समूह में बने रहे थे।
मोदी के इस बयान के बाद राज्यसभा में हंगामा मच गया। इसपर कांग्रेस के सांसदों ने वॉक आउट किया। मोदी द्वारा किए गए हमले पर जब मनमोहन सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह कुछ नहीं कहना चाहते। वहीं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘ऐसे कमेंट बर्दाश्त नहीं किए जा सकते, इसलिए वॉक आउट किया। पहले किसी प्रधानमंत्री ने किसी पूर्व पीएम के लिए ऐसे शब्द नहीं बोले।’
मोदी ने इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व ब्यूरोक्रेट माधव गोडबोले ने अपनी किताब में जिक्र किया है कि 1971 में इंदिरा गांधी को नोटबंदी करने की सलाह दी गई थी लेकिन उन्होंने आइडिया रिजेक्ट कर दिया था।

मोदी विरोधियों मोदी के लिए कहे ,नीचे दिये गये बयान संसदीय हैं न ?
😂😂😂😂😂
#रेनकोट पहनकर नहाने की कला मनमोहन सिंह जी से सीखिए#-मोदी जी 
इस साधारण से मुहावरे को जो अमर्यादित,असंसदीय भाषा कह रहे हैं ,कांग्रेस समर्थकों को छोडकर सभी बुद्धिजीवी, व्यंग्यकार अव्वल दर्जे के बेवकूफ या बिकाऊ हैं ।
#नौ सो चूहे खा कर बिल्ली हज को चली।"
उपरोक्त मुहावरे का अर्थ यह तो नही है कि आपने नौ सो चूहों को पहले मारा फिर फिर लहसुन ,प्याज, टमाटर का मसाला बना उसमें चूहों का मांस डालकर भूना और फिर बिरयानी के साथ खाया और फिर आप अपने पाप धोने के लिए हज चले गए ।
यदि ये बुद्धिजीवी हर मुहावरे का अर्थ इसी तरह से लेते हैं तो हिन्दी की शब्दशक्ति की आत्मा रो रही होगी ।
ऐ मेरे भगवान सद्बुद्धि दे मेरे बुद्धिमान मित्रों को
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(1) मोदी एक कायर, बद्तमीज़ ,विकृत इंसान, और मानसिक रोगी इंसान है । --- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल
(2) मोदी की सरकार हराम खोर है। -- आप नेता अमनतुल्लाह खान
(3) मोदी की सरकार नपुंसक है । -- आप नेता कपिल मिश्रा
(4) मोदी ने चाय नही खून बेचा है । -- लालू यादव
(5) मोदी लहू पुरुष , ‘पानी पुरुष’, ‘असत्य पुरुष’,रावण , बिछो और सांप है , चाय बेचे हमारे यहाँ आकर -- कोंग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री मणि शंकर अय्यर
(6) मोदी के टुकड़े टुकड़े कर देंगे । -- वरिष्ठ कोंग्रेस नेता इमरान मसूद
(7) मोदी रावण और हिटलर है । -- आज़म खान
(8) मोदी यमराज है । -- बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र
(9) मोदी मौत के सौदागर है । -- कोंग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी
(10) मोदी तो बंदर है, रेबीज का शिकार है :- अर्जुन मोड़वाडिया (गुजरात कांग्रेस)
(11) मोदी भस्मासुर है :- जयराम रमेश (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
(12) मोदी पागल कुत्ता है, आदमखोर है :- बेनी प्रसाद वर्मा
(13) मोदी नपुंसक , मेढक और खलनायक है :- सलमान खुर्शीद (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
(14) मोदी गन्दी नाली का कीड़ा :- बी.के हरिप्रसाद (कांग्रेस महासचिव)
(15) मोदी रावण है :- दिग्विजय सिंह
(16) मोदी के हाथ खून से रंगे हुए है वह कसाई है । -- डेरेक ओ ब्रायन , तृणमूल कोंग्रेस के वरिष्ठ नेता
(17) मोदी नीच जात घांची है । -- गुजरात से कांग्रेस सांसद सोमा पटेल
(18) मोदी दाऊद इब्राहिम है । -- मनीष तिवारी , कोंग्रेस वरिष्ठ नेता , पूर्व केंद्रीय मंत्री
(19) कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने मोदी की तुलना ‘हिटलर’ और ‘पोल पोट’ से की ।
(20) मोदी निमोनिया जैसी बीमारी है । -- कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी
(21) मोदी गुगा तेली है । -- वरिष्ठ कोंग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाब नबी आज़ाद,
(22) मोदी तानाशाह है उन्हें वोट देने वाले को समुद्र में फेंक देना चाहिए --- नैशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला
(23) मोदी को बांधकर जेल में ठूंस देना चाहिए। -- ममता बनर्जी

Sheher tumhara,qaatil tum, shahid tum, haakim tum, mujhe yaqeen hai ki mera hi kasoor niklega: PM Modi





Walked out as protest,such harsh&ugly comments not acceptable.No PM in past made sch comments about a former PM: PChidambaram on PM's speech





ट्विटर पर छबि देखेंट्विटर पर छबि देखें

I do not want to speak: Former PM Manmohan Singh on PM Modi's remarks on him in Rajya Sabha


For almost 35 years, Manmohan Singh ji had a lot of influence on country's economic policies: PM Modi
Ek bhi daagh nahi laga un par? Bathroom mein raincoat pehen kar nahaane ki kala sirf Dr. saab(MMS) hi jaante hain: PM Modi


For almost 35 years, Manmohan Singh ji had a lot of influence on country's economic policies: PM Modi


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में बोल रहे हैं। मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दे रहे हैं। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है वह राजनीतिक नहीं है। मोदी ने आगे कहा, ‘कुछ लोग उछल-उछल के बोल रहे हैं कि आतंकियों के पास 2000 के नोट मिले, बैंक जम्मू और कश्मीर में लूटे गए थे। उसके बाद आतंकवादी मारे गए।’
मोदी ने इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व ब्यूरोक्रेट माधव गोडबोले ने अपनी किताब में जिक्र किया है कि 1971 में इंदिरा गांधी को नोटबंदी करने की सलाह दी गई थी लेकिन उन्होंने आइडिया रिजेक्ट कर दिया था।
कुछ नए भाषाविद आए हैं । उनकी भाषा के बारे में कुछ कहना ठीक नहीं होगा लेकिन नरेन्द्र मोदी की भाषा से उनकी तकलीफ पर चुप रहना भी अन्याय होगा । जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भाषा से शिकायत है, उन्हें लालू की पंद्रह साल लंबी लट्ठमाऱ भाषा और आतंकी शासन से कोई शिकायत नहीं थी । तब बिहार में बहार थी, अब भी है । उन्हें मुलायम सिंह यादव की भाषा से तकलीफ नहीं होती जो बलात्कारिय़ों के लिए ये कह जाते हैं कि लड़कों से गलती हो जाती है ( इससे अभद्र और निकृष्ट बयान क्या हो सकता है ?) । उन्हें केजरीवाल की उद्दंड बोली, अमर्यादित, लंपटों वाली भाषा पर सांप सूंघ जाता है । और उन तमाम नेताओं के घटिया बोल पर वे चुप रहते हैं जो भारतीय राजनीति को निचले स्तर पर ले गए । लेकिन उन्हें मोदी की भाषा से बड़ी दिक्कत है । मेरी खुली चुनौती है उन सभी भाषा वैज्ञानिकों और भाषा के मर्मज्ञों से कि वो साबित करें, मोदीजी की भाषा कहां खराब हुई । जिस कांग्रेसी शासन के काले कारनामों से देश की कमर टूटी उस पर करारा व्यंग्य करना गलत है? मनमोहन को जबरन का महान अर्थशास्त्री और ईमानदार प्रधानमंत्री साबित कर विधवा विलाप करने वालों को समझ लेना चाहिए कि उनकी इसी ढीलापोली की वजह से देश गर्त में गया । अपनी नाक के नीचे लाखों करोड़ का घोटाला देखने वाले महान ईमानदार प्रधानमंत्री को सवालों का सामना तो करना होगा । मोदी की भाषा और उऩकी व्यंग्य शक्ति मारक है, अमर्यादित नहीं । जब वो कहते हैं कि बाथरूम में रेन कोट पहन कर नहाना तो कोई डॉक्टर मनमोहन सिंह से सीखे तो एक क्षण में उनके सभी सुकार्यों के प्रपंच को ध्वस्त कर देते हैं । इसमें भाषा कहां से खऱाब हो गई, जरा मुझे समझाएंगे ! जब एक पियक्कड़ और संसद में गंध फैला देने वाले सांसद पर वो चुटकी लेते हैं तो कहां से अपनी गरिमा से गिर जाते हैं ? प्रधानमंत्री का मतलब किसी के आगे पीछे घूमने वाला, संसद में सोने वाला होता है क्या? अब वो समय चल गया जब प्रधानमंत्री मिमिया कर... में में करेंगे । इस देश को मिमियाने और आगे-पीछे घूमने वाले विद्वानों की नहीं और न ही सेकुलरिज्म के नाम पर पिष्टपोषण करने वाले हिन्दूघातिय़ों की जरूरत है बल्कि दृढ़प्रतिज्ञ, कर्मठ और ईमानदार प्रधानमंत्री की जरूरत है, जो स्त्रैण न हो, जिसमें पौरुष हो । और ये सभी बातें नरेन्द्र मोदी में हैं । जो उऩकी काट नहीं खोज पाते ,कुढ़ते हैं और आलतू-फालतू तर्क देकर उन्हें छोटा साबित करने की कोशिश करते हो । आश्चर्य है कि इस देश में कुछ लोग मोदी के बरक्स, लालू मुलायम, अखिलेश, राहुल, मायावती और केजरीवाल जैसों को खड़ा करने में अपना बड़प्पन समझते हैं और मोदी समर्थकों को भक्त,घटिया, दंगाई, मूर्ख कहकर उपहास करते हैं ।

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

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