बीएमसी की 227 सीटों में से 226 सीटों के नतीजे आ गए हैं। शिवसेना को 84 सीटें मिली हैं। वहीं भाजपा 82 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही है। कांग्रेस के हाथ 31 सीटें लगी हैं। एनसीपी को 9, एमएनएस 7 और अन्य को 14 सीटें मिली हैं।
बीएमसी चुनाव पर सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करके कहा है कि शिव सेना और भाजपा को एक हो जाना चाहिए क्योंकि दोनों में हिंदूत्व के खून का रिश्ता है। सुब्रमण्यम स्वामी ने दोनों को साथ लाने के लिए काम करने की भी बात भी कही।
कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारण संजय निरुपम ने इस्तीफे की पेशकश की है। बीएमसी में कांग्रेस की हार पर बोलते हुए संजय निरुपम ने कहा कि, ”मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं” साथ ही संजय निरूपम ने पार्टी के अंदर गुटबाजी का भी आरोप लगाया है। इससे पहले नारायण राणे ने कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए संजय निरुपम को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं शिव सेना के संजय राउत ने साफ किया किया कि बीजेपी से गठबंधन नहीं करेंगे।
PMC Chunav Result Update: 2012 में पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) में एनसीपी ने जीत दर्ज की थी। एनसीपी ने 162 में से 51 सीटें जीती थीं।
पुणे के अभिभावक मंत्री और भाजपा नेता गिरीश बापट ने पीएमसी चुनावों में भाजपा की बढ़त के पीछे राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार को वजह बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रमुख समस्याओं पर सुस्त रवैया के चलते पुणे के निवासियों ने एनसीपी और कांग्रेस को नकार दिया है। चुनाव में पुणे के वर्तमान मेयर प्रशांत जगताप और उनकी मां ने जीत दर्ज की। हालांकि पुणे के पूर्व मेयर दत्तात्रेय धवकावड़े (NCP) को हार का सामना करना पड़ा। खुशी में प्रशांत ने अपनी माता को गोद में उठा लिया था।
2012 में पीएमसी में एनसीपी ने जीत दर्ज की थी। एनसीपी ने 162 में से 51 सीटें जीती थी, वहीं भाजपा (26), कांग्रेस (28) और एमएनसी (29) के बीच कड़ी टक्कर रही थी। पीएमसी के लिए मेयर चुनने के लिए 21 फरवरी को वोट डाले गये थे। यहां रिकॉर्ड 55.5 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले थे। ख़ास बात ये है कि पानी और सफाई की समस्या से जूझ रहे झुग्गी बस्तियों में वोटिंग का प्रतिशत और भी ज्यादा रहा है। हालांकि बीजेपी के हौसले बुलंद हैं, पार्टी का कहना है कि पीएमसी पर इस बार बीजेपी अपना झंड़ा लहराएगी।
पीएमसी की 162 सीटों के लिए 1090 कैंडिडेट अपना भाग्य आजमा रहे हैं। बस कुछ ही घंटों में पुणे की तस्वीर साफ हो जाएगी। पुणे में राज्य सरकार और महानगरपालिका पर मेट्रो चलाने की अहम जिम्मेदारी है। इसके अलावा पुणे में सफाई का मुद्दा भी नगरपालिका चुनाव में बड़े जोर-शोर से उभरा था। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर पुणे से ही आते हैं और 21 फरवरी को उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ वोट डाला था।
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