उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी में बहुत दिनों से नाटक चल रहा है, जो किसी भी विषय को लेकर मीडिया में चर्चा रहने का प्रयास कर रही है, और अब इस नाटक पर एक बड़ा खुलासा भी हुआ है जिसमे यह आरोप है की उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार सरकारी तंत्र का उपयोग करके चुनाव जीतना चाहती है ! आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में अचार संहिता लग चुकी है ! यूपी के बलिया में जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश कुमार सिंह पर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के एजेंट बनने का आरोप लगा है। यह आरोप रमेश कुमार सिंह के नाम व हस्ताक्षर से जारी हुए उस कथित सरकारी लेटर के वायरल होने के बाद लगा है, जिसमें सभी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को समाजवादी पार्टी को वोट देने की अपील करने का निर्देश है। यही नहीं उस चिट्ठी में सपा सरकार की शान में कसीदे पढ़ते हुए उसकी नीतियों का बखान भी किया गया है। हालांकि रमेश सिंह ने इसे अपने खिलाफ साजिश करार देते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराने का दावा किया है। देखिये वो चिट्ठी
पत्र में विद्यार्थी और उनके परिजनों की मीटिंग कर समाजवादी पार्टी की सरकार के गठन के लिये प्रेरित करने का निर्देश है। मीडिया में खबरें आने के बाद अब डीआईओएस रमेश कुमार सिंह ने इसे अपने खिलाफ साजिश करार देते हुए सफाई देनी शुरू कर दी है। आरोप लगाया है कि शिक्षा माफिया ने उन्हें जिले से हटाने की नीयत से फर्जी लेटर उनके नाम और स्कैन हस्ताक्षर से जारी कराया है। जब रमेश कुमार सिंह से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि कुछ प्रधानाध्यापक जिन्हें किसी कार्रवाई में हटा दिया गया है और शिक्षा माफिया मिलकर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। सफाई दी कि कोई सरकारी अधिकारी ऐसी चिट्ठी कैसे और क्यों जारी करेगा। उन्होंने कहा कि लेटर पर उनके हस्ताक्षर हैं और डिस्पैच नंबर भी फर्जी है। इस के खिलाफ एफआईआर करा दिया है।

पत्र में विद्यार्थी और उनके परिजनों की मीटिंग कर समाजवादी पार्टी की सरकार के गठन के लिये प्रेरित करने का निर्देश है। मीडिया में खबरें आने के बाद अब डीआईओएस रमेश कुमार सिंह ने इसे अपने खिलाफ साजिश करार देते हुए सफाई देनी शुरू कर दी है। आरोप लगाया है कि शिक्षा माफिया ने उन्हें जिले से हटाने की नीयत से फर्जी लेटर उनके नाम और स्कैन हस्ताक्षर से जारी कराया है। जब रमेश कुमार सिंह से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि कुछ प्रधानाध्यापक जिन्हें किसी कार्रवाई में हटा दिया गया है और शिक्षा माफिया मिलकर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। सफाई दी कि कोई सरकारी अधिकारी ऐसी चिट्ठी कैसे और क्यों जारी करेगा। उन्होंने कहा कि लेटर पर उनके हस्ताक्षर हैं और डिस्पैच नंबर भी फर्जी है। इस के खिलाफ एफआईआर करा दिया है।

Comments