केजरीवाल भ्रष्टाचार और घूसखोरी को ख़त्म करने के बजाय इसे बढ़ावा देने में लगे हैं, वे जनता को कहते हैं राजनीतिक पार्टियों से पैसे लो, अगर 5 हजार देने आयें तो उनसे 10 हजार मांगो क्योंकि मंहगाई बढ़ रही है इसलिए आप पैसे अधिक मांगो लेकिन उन्हें वोट देने के बजाय आम आदमी पार्टी को दो।
यह बहुत शर्मनाक है कि कोई मुख्यमंत्री जनता से मंहगाई के नाम पर वोटों के बदले रूपया मांगने के लिए उकसा रहा है, अगर ये इमानदार होते तो जनता से कहते, अगर कोई पैसे देने आये तो उसकी रिकॉर्डिंग कर लें, वीडियो बना लें और पुलिस और मीडिया वालों को देकर उसकी पोल खोल दें, लेकिन केजरीवाल दूसरे किस्म के भ्रष्टाचारी हैं जो जनता को घूस लेने के लिए उकसाते हैं।
आज चुनाव आयोग ने केजरीवाल के बयान को कानून का उल्लंघन मानते हुए जानकर फटकार लगा दी, चुनाव आयोग ने केजरीवाल को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा कि अगर केजरीवाल से आगे भी इस तरह का बयान दिया और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया तो चुनाव आयोग इलेक्शन सिंबल्स (रिजर्वेशन ऐंड अलॉटमेंट) ऑर्डर ऐक्ट के पैरा 16 के तहत आपके और आपकी पार्टी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
वैसे तो आज तक किसी नेता ने चुनाव आयोग के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं कि केजरीवाल केजरीवाल ने चुनाव आयोग को ही धमकी दे डाली, उन्होंने कहा कि 'मेरे खिलाफ चुनाव आयोग का निर्णय पूरी तरह से गलत है, निचली अदालत ने मेरे पक्ष में फैसला किया है लेकिन चुनाव आयोग ने कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज किया, मै चुनाव आयोग के खिलाफ कोर्ट में जाऊँगा।
जहा केजरीवाल हो वहा कोई तहलका ना हो ऐसा नहीं हो सकता !लोगों से विरोधी दलों से पैसे लेने और AAP को वोट देने की अपील पर चुनाव आयोग की कड़ी फटकार के बाद अरविंद केजरीवाल ने आयोग पर पलटवार किया है। उन्होंने चुनाव आयोग की तरफ से पार्टी की मान्यता रद्द करने की चेतावनी के फैसले को ‘गैरकानूनी, असंवैधानिक और गलत’ करार दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह चुनाव आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।अपने बयान के बचाव में केजरीवाल ने कहा, ‘मैं लोगों से सिर्फ यह कह रहा हूं कि अगर कांग्रेस और बीजेपी आपको पैसे देती है तो उसे ले लें लेकिन वोट मुझे दीजिए। इसमें भ्रष्टाचार कहां है? अगर मैंने कहा होता कि मुझसे पैसे लेकर मुझे वोट दीजिए तब यह भ्रष्टाचार माना जाता। मैंने चुनाव आयोग को लिखित जवाब दे दिया है।’

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