रिज़र्व बैंक बही खातों के हिसाब से कुल 14.5 लाख करोड़ की नगदी 1000 और 500 के नोटों के रूप में चलन में हैं ।
एक हफ्ते पहले तक 11.5 लाख करोड़ की नगदी बैंकों में जमा हो चुके थे।
31 Dec. में अभी 17 दिन बाकी है। इन 17 दिनों में अभी कई लाख करोड़ रु और आयेंगे।
अब ख़तरा ये पैदा हो गया है कि बैंकों में जमा होने वाली रकम 14 लाख करोड़ से ऊपर चली जायेगी । उसमे जो जलाये गए फाड़े गए बहाये गए और जी को दीमकों ने खाया है उनकी संख्या भी लाखों करोडो में ही है।
यह बात प्रमाणित है अब कि देश के अंदर बहुत बड़ी साजिश जमाने से चली आ रही थी।
नमन है मोदी को जिसने सबकुछ दांव पर लगा कर इस पाखण्ड को उजागर किया.....!!
यानि जितने नोट RBI ने जारी किये उस से भी ज्यादा । और ये एक्स्ट्रा नोट जाली भी नहीं हैं ।
अब हम ये तो मान नहीं सकते कि चोरों के इस देश में किसी के तहखाने में कोई रकम नही थी 1000 - 500 के नोटों में ।
वो सारी रकम बैंक खातों में जमा हो गयी ये बात गले उतरती नहीं । वो सारी रकम बैंक अधिकारियों ने बदल दी नए नोटों में .!
ये असंभव है ..!
ये असंभव है ..!
सरकार और RBI की बहुत कड़ी निगरानी है ..!
ऐसे में अंदेशा ये है कि RBI के आंकड़े से 1000 - 500 के बहुत ज़्यादा नोट बाज़ार में चल रहे थे ....... यानि ऐसे नोट जिनकी कोई जानकारी RBI को भी नहीं थी ??
केजरीवाल ने कहा था ये नोटबंदी बहुत बड़ा Scam है .......वास्तव में केजरीवाल ने कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना मारा है। क्योंकि वह स्वयं राजनीति करने का अनुभव कांग्रेस यानि सोनिया गाँधी की गोद में ही बैठ मॉल-पुए खाकर लिया है।
ऐसे में अंदेशा ये है कि RBI के आंकड़े से 1000 - 500 के बहुत ज़्यादा नोट बाज़ार में चल रहे थे ....... यानि ऐसे नोट जिनकी कोई जानकारी RBI को भी नहीं थी ??
केजरीवाल ने कहा था ये नोटबंदी बहुत बड़ा Scam है .......वास्तव में केजरीवाल ने कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना मारा है। क्योंकि वह स्वयं राजनीति करने का अनुभव कांग्रेस यानि सोनिया गाँधी की गोद में ही बैठ मॉल-पुए खाकर लिया है।
मुझे तो ये लगता है कि इस नोटबंदी से स्वतन्त्र भारत का एक बहुत बड़ा Scam सामने आयेगा ...
10 या 20 लाख करोड़ रु का scam ...
10 या 20 लाख करोड़ रु का scam ...
क्या मनमोहन सिंह और UPA के राज में RBI की ना जानकारी में ही इतने नोट चलते रहे ........
यानी आधिकारिक नकली नोट ??
संसद न चलने एवं सुप्रीम कोर्ट में नोटबंदी के विरुद्ध केस फाइल करने वाले बहुत जल्दी बेनकाब होने वाले है। इन सब की बिलबिलाहट का असली कारण अब सामने आएगा ।
यानी आधिकारिक नकली नोट ??
संसद न चलने एवं सुप्रीम कोर्ट में नोटबंदी के विरुद्ध केस फाइल करने वाले बहुत जल्दी बेनकाब होने वाले है। इन सब की बिलबिलाहट का असली कारण अब सामने आएगा ।
मनमोहनसिंह वास्तव में अर्थशास्त्र के कितने जानकार और कितने ईमानदार इंसान हैं, ये भी अब साफ़ हो जायेगा। यानि एक अर्थशास्त्री के रूप में जो ख्याति डॉ सिंह ने अर्जित की थी, वह उससे कहीं अधिक धूमिल हो जाएगी। यही कारण था कि
जवाब तो बड़ी बड़ी बातें करने वाले रंगराजन साहब को भी देना पडेगा क़ि आपकी गवरनर्री में RBI में ये जो महाघोटाला पल रहा था वो आपकी जानकारी में था या नहीं ।
*31 Dec. का इंतज़ार कीजिये !!!*
*रिज़र्व बैंक कहता है कि कुल 14.5 लाख करोड़ की नगदी 1000 और 500 के नोट हैं चलन में ।*
*एक हफ्ते पहले तक 11.5 तक banks में जमा हो चुके है ।*
*ऐसे में अंदेशा ये है कि RBI के आंकड़े से 1000 - 500 के बहुत ज़्यादा नोट बाज़ार में चल रहे थे ..!!*
*यानि ऐसे नोट जिनकी कोई जानकारी RBI को नही थी।*
*तो यक़ीनन मनमोहन सिंह और UPA के राज में RBI की जानकारी बिना आधिकारिक नकली नोट मार्किट में चल रहे थे....??*
विरोधियों की बौखलाहट का राज
*रिज़र्व बैंक कहता है कि कुल 14.5 लाख करोड़ की नगदी 1000 और 500 के नोट हैं चलन में ।*
*एक हफ्ते पहले तक 11.5 तक banks में जमा हो चुके है ।*
*ऐसे में अंदेशा ये है कि RBI के आंकड़े से 1000 - 500 के बहुत ज़्यादा नोट बाज़ार में चल रहे थे ..!!*
*यानि ऐसे नोट जिनकी कोई जानकारी RBI को नही थी।*
*तो यक़ीनन मनमोहन सिंह और UPA के राज में RBI की जानकारी बिना आधिकारिक नकली नोट मार्किट में चल रहे थे....??*
विरोधियों की बौखलाहट का राज
कांग्रेस की सरकार में वैसे तो कई घोटाले हो चुके हैं मगर नोटबंदी के बाद अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आ रहा है, कहा जा रहा है कि इस घोटाले से पर्दाफ़ाश होते ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी जेल जा सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो इसके खुलने से कांग्रेस के कई अन्य नेता भी सलाखों के पीछे जा सकते हैं।
हाल ही में आयी एक खबर के मुताबिक़ आरबीआई ने अब तक कुल 14 लाख करोड़ रुपये के ही 1000 और 500 के नोट छापे थे। नोटबंदी के बाद से सिर्फ 30 दिनों में बैंकों में अबतक 12 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा हो भी चुके हैं। हजारों करोड़ रुपये के पुराने नोटों को नदी-नालों में भी बहाया जा चुका है और आग लगाई जा चुकी है। खबर आयी थी की बोरी में भरकर भी लोग पुराने नोट कूड़े में फेक आये थे। सूत्रों के मुताबिक़ अगले 20 दिनों में लाखों करोड़ रुपये बैंकों में आने की संभावना है। इतना ही नहीं, नोटबंदी के बाद ट्रक भर-भर कर नोटों से भरे बोरे और बड़े-बड़े नोटों से भरे डिब्बों को नोएडा एवं गाज़ियाबाद के कब्रिस्तानों में फेंका गया। कब्रिस्तान मुर्दों को दफ़नाने के लिए होते हैं या नोटों को दफ़नाने के लिए?
अवलोकन करें :--
http://nigamrajendra28.blogspot.in/2016/11/blog-post_33.html
कमीशन में नोट बदलने का धंधा खूब फल फूल रहा
कमीशन में नोट बदलने का धंधा खूब फल फूल रहा
एक तीर नोटबंदी ने साधे कई निशाने
सूत्रों के अनुसार, मोदी सरकार इस घोटाले को उजागर करने को कटिबद्द है। नोट जमा करवाने की अवधि समाप्त होने पर उन आधारकार्डों की भी जाँच होगी, क्योंकि इस तरीके से लोगों ने 20 से 30 प्रतिशत कमीशन के लालच में कालेधन को सफ़ेद करने में जो मदद की है, सभी पर सख्त कार्यवाही भी हो सकती है। जनधन खातों की जाँच तो प्रारम्भ हो चुकी है। गम्भीरता से इस नोटबंदी निर्णय का मन्थन करने पर न जाने ऐसे कितने घोटाले उजागर होंगे, जिनकी जनता कल्पना भी नहीं कर सकती। उन घोटालों से बचने के लिये संसद में अवरोध उत्पन्न किए जा रहे हैं।
सूत्रों कि माने तो बैंकों में जमा होने वाले पुराने नोट 14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के हो जाएंगे, ऐसे में पूर्व आरबीआई गवर्नर सवालों के घेरे में आ जाएंगे क्योंकि बैंक नकली नोट तो जमा करते नहीं, तो ऐसा कैसे हो सकता है कि आरबीआई ने छापे तो 14 लाख करोड़ के नोट और वापस आ गए उससे भी ज्यादा कीमत के नोट। जानकार लोग प्रश्न उठा रहे हैं कि क्या आरबीआई ने एक ही सीरियल नंबर के कई नोट छापे हुए हैं? क्या ऐसा राजनीतिक दबाव के चलते किया गया?
ये वकील घोटालों को उजागर क्यों नहीं करते?
क्या यही वजह है कि कांग्रेस व् अन्य कई राजनीतिक पार्टियों ने नोटबंदी के फैसले को पलटवाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है? कांग्रेस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दर्जनों वकीलों की फ़ौज इस फैसले के खिलाफ आयी याचिकाओं की पैरवी में लगे हुए हैं। सलमान खुर्शीद, कपिल सिब्बल, पी चिदंबरम, अभिषेक मनु सिंघवी, विवेक तनखा, के टी एस तुलसी जैसे कई बड़े नामी-गिरामी वकीलों की फ़ौज नोटबंदी के फैसले को रद्द करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। खैर आने वाले दो हफ़्तों में इस घोटाले का पर्दाफ़ाश हो सकता है और जिसके बाद अब तक की सबसे बड़ी जांच शुरू होने की भी संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि ये घोटाला सामने आता है तो कदाचित कांग्रेस के सभी नामी-गिरामी नेता जेल के अंदर होंगे।
क्या आपको लगता है कि राजनीतिक दबाव के चलते आरबीआई एक ही नम्बर के कई नोट जारी कर सकता है?
IT के छापे में हवाला कारोबारी से मिले 5 करोड़ 70 लाख के नए नोट और 32 किलो सोना-चांदी
देशभर में कालेधन पर लगाम लगाने के लिए की गई नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चारों तरफ से आलोचना झेलनी पड़ रही है. ऐसे में सात समंदर पार से पीएम मोदी के लिए एक रहत भरी खबर आई है.
भारतीय मूल की ब्रिटेन की वरिष्टतम मंत्री प्रीति पटेल ने जमकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ की है. उन्होंने पीएम के काले धन के खिलाफ उठाये गए क़दमों को सही ठहराया है. ब्रिटेन की अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री प्रीती पटेल ने पीएम नरेन्द्र मोदी का यह कदम अवैध सौदों और व्यापार के खिलाफ पूरे विश्व को एक ‘‘कड़ा संदेश’’ देता है. उन्होंने कहा कि यह कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए यह एक सही कदम है.
प्रीती पटेल ने कहा कि नोटबंदी भ्रष्टाचार के मूल कारकों से निपटने के लिए एक सही कदम है. विश्व में काफी अधिक मात्रा में कालाधन घूम रहा है जिससे आतंकवाद और अवैध व्यापार का वित्तपोषण होता है. विश्व को यह कड़ा संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की जानी चाहिए कि अवैध सौदों और व्यापार का दौर समाप्त हो चुका है.
नेशनल डिफेन्स फण्ड
यदि सरकार यह घोषित करते कि असली नोट जलाने या इधर-उधर फेंकने की बजाए नेशनल डिफेन्स फण्ड में जमा करवा दे। और ऐसा करने वालों पर कोई कार्यवाही नहीं होगी कि इतना धन कहाँ से आया? उम्मीद है और भी अधिक नोट बाहर आ जाएं। इस तरह राष्ट्र सुरक्षा में सरकार को दो वर्ष तक कोई चिंता न करनी पड़े। और भारत एक से बढ़कर एक आधुनिक हथियार भारतीय सेना को उपलब्ध करवाने में सक्षम हो।
नेशनल डिफेन्स फण्ड
यदि सरकार यह घोषित करते कि असली नोट जलाने या इधर-उधर फेंकने की बजाए नेशनल डिफेन्स फण्ड में जमा करवा दे। और ऐसा करने वालों पर कोई कार्यवाही नहीं होगी कि इतना धन कहाँ से आया? उम्मीद है और भी अधिक नोट बाहर आ जाएं। इस तरह राष्ट्र सुरक्षा में सरकार को दो वर्ष तक कोई चिंता न करनी पड़े। और भारत एक से बढ़कर एक आधुनिक हथियार भारतीय सेना को उपलब्ध करवाने में सक्षम हो।



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