अम्मा के नाम से मशहूर तमिलनाडु की सीएम जयललिता के निधन के बाद राज्य का सीएम एक चायवाले को बनाया गया है. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही तरह राज्य के नए सीएम ओ पन्नीरसेल्वम पहले चाय बेचा करते थे. पन्नीरसेल्वम के पिता आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पार्टी के संस्थापक एमजी रामचंद्रन के बेहद करीबी थे. पन्नीरसेल्वम के भाई आज भी पेरियाकुलम में चाय की दुकान चलाते हैं, हालांकि उनका पारिवारिक पेशा खेतीबाड़ी का है.
पन्नीरसेल्वम ने चाय की दुकान से समय निकालकर ही अपनी पढ़ाई-लिखाई पूरी की. इस बात को एमजीआर अच्च्ची तरह से जानते थे. एमजीआर पन्नीरसेल्वम के पिता को बहुत मानते थे. इसी वजह से वे पन्नीरसेल्वम की मेहनत और लग्न को देखकर खासे प्रभावित थे.
हालांकि पन्नीरसेल्वम पहली बार शशिकला के रिश्तेदार टीटीके दिनाकरन के जरिए जयललिता की नजर में आए. एमजी रामचंद्रन और अम्मा के प्रति उनकी वफादारी की मिसाल देते हुए लोग कहते हैं कि अम्मा के जेल जाने पर सीएम बनाए गए पन्नीरसेल्वम कभी भी उस कुर्सी पर नहीं बैठे जिस पर जयललिता बैठा करती थीं
पन्नीरसेल्वम पर जयललिता के भरोसे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अम्मा ने अपनी गैरमौजूदगी उन्हें दो बार सीएम बनाया. एक बार वे 2014 में वह मुख्यमंत्री बने थे जब जयललिता भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार हो गई थीं और बाद में वह बरी भी हुईं. इस बार भी अम्मा ने बीमार होने पर उन्हें आठ विभागों का प्रभार पन्नीरसेल्वम को दिया था.यह उनका इस पद के लिए तीसरा कार्यकाल है। पनीरसेल्वम
को राजभवन में राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने रात करीब एक बजकर 15 मिनट पर
शपथ दिलाई। पनीरसेल्वम के बाद पिछली जयललिता कैबिनेट के सदस्य रहे कुल 31
मंत्रियों ने शपथ ली। राव ने पनीरसेल्वम को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
पन्नीरसेल्वम की वफादारी के किस्से बहुत मशहूर हैं, अम्मा के सीएम बनने के उन्हें दंडवत प्रणाम करते पन्नीरसेल्वम की तस्वीरें सुर्खियां बटोर चुकी हैं।. जयललिता की तस्वीर को सामने रखकर कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करते रहे थे. कई बार सार्वजनिक रूप से पन्नीरसेल्वम को जयललिता के लिए रोते हुए देखा गया है.
उनके निधन की घोषणा के दो घंटे बाद तेजी से राजनैतिक परिवर्तन के तहत उनके वफादार ओ पनीरसेल्वम को राजभवन में एक सादे समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। पूर्ववर्ती जयललिता मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। पनीरसेल्वम दो बार पहले भी जयललिता की जगह पर मुख्यमंत्री बने थे, जब उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया था। गत सितंबर में अपोलो अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद जयललिता के पास जिन विभागों का प्रभार था उन्हें राज्य के वित्त मंत्री के तौर पर पनीरसेल्वम को सौंपा गया था।
उनके निधन की घोषणा के दो घंटे बाद तेजी से राजनैतिक परिवर्तन के तहत उनके वफादार ओ पनीरसेल्वम को राजभवन में एक सादे समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। पूर्ववर्ती जयललिता मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। पनीरसेल्वम दो बार पहले भी जयललिता की जगह पर मुख्यमंत्री बने थे, जब उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया था। गत सितंबर में अपोलो अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद जयललिता के पास जिन विभागों का प्रभार था उन्हें राज्य के वित्त मंत्री के तौर पर पनीरसेल्वम को सौंपा गया था।

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