नोटबंदी के बाद जनता को भले ही परेशानी हो रही है लेकिन मोदी सरकार ने चोरों और बेईमानों को पकड़ने का जबरजस्त प्लान बनाया है, 8 नवम्बर से पहले किसी को पता नहीं था कि चोर और भ्रष्टाचार कहाँ छिपे बैठे हैं और उन्होंने अपना कालाधन कहाँ छिपा रखा है लेकिन 8 नवम्बर यानी नोटबंदी के बाद मोदी सरकार को अगले 3-4 महीने में पता चल जाएगा कि चोर कौन है और उन्होंने अपना कालाधन कहाँ छिपा रखा है। कल प्रधानमंत्री मोदी ने मोबाइल द्धारा सम्बोधित करते बहराइच रैली में बताया कि अगले तीन चार महीने में सभी चोर पकडे जाएंगे।
कैसे पकडे जाएंगे चोर, कैसे मिलेगा उनका एड्रेस?
चोरों का पता लगाने के लिए मोदी सरकार को सिर्फ सभी बैंकों की 2 लाख ब्रांचों में छापा मारना होगा और उनका पूरा हिसाब किताब चेक करना पड़ेगा। सब सही हिसाब किताब चेक किया जाएगा तो उससे अपने चोर बैंक मैनेजरों का पता भी चल जाएगा और उन्हीने के जरिये कालेधन वाले चोरों का पता भी चल जाएगा।
पिछले कई दिनों से कई बैंक मैनेजर और कई कालेधन के चोर पकडे गए हैं, उनके पास से पुराने नोटों के अलावा नए नोट भी पकडे गए हैं, नए नोट करोड़ों की संख्या में मिल रहे हैं इसलिए वह नोट बैंकों के जरिये ही मिल रहे हैं। आपको मालूम ही होगा कि मोदी सरकार ने बैंकों में पैसों की निकासी पर लिमिट लगा रखी। एक दिन में केवल 4 हजार और एक हफ्ते में केवल 24 हजार की लिमिट लगा रखी है। मतलब एक महीने में एक आदमी अधिक से अधिक 1 लाख रुपये निकाल सकता है। अगर वह आदमी ATM के जरिये रोजाना 2500 रुपये भी निकालेगा तो वह एक महीने में ज्यादा से ज्यादा 75 हजार रुपये निकाल पाएगा।
जब एक आदमी एक महीने में ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपये निकाल सकता है तो चोरों के पास करोड़ों रुपये के नए नोट कैसे मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि बैंक वाले धांधली करके चोरों का कालाधन सफ़ेद कर रहे हैं। बैंक वाले चोरों को पैसे तभी देंगे जब वे बैंक में अपना खाता खुलवायेंगे, वहां पर उनका नाम भी मिलेगा और एड्रेस भी पता चलेगा।
दिल्ली में चांदनी चौक एक्सिस बैंक पर छापा मारा गया था तो वहां पर फेक खाते खोलकर कालेधन को सफ़ेद किया जा रहा था, फेक खातों में खालेधन को जमा किया जा रहा था और उनसे कमीशन लेकर उन्हें करोड़ों रुपये के नए नोट दिए जा रहे थे, उसके अलवा कश्मीरी गेट की एक्सिस बैंक में भी यकी काला काम हो रहा था लेकिन जब इनकम टैक्स वालों ने छापेमारी की और बैंक का ऑडिट किया तो उनकी चोरी पकड़ ली गयी, उसके बाद एक्सिस बैंक के चोर बैंक मैनेजर तो पकडे ही गए, कालेधन के चोर भी पकड़ लिए गए।
इसी तरह से अगर इनकम टैक्स वाले सभी बैंकों पर छापे मारेंगे तो सभी बैंकों का ऑडिट चेक करेंगे तो उनकी चोरी पकड़ ली जाएगी। मोदी सरकार यह काम जरूर करवाएगी क्योंकि मोदी ने स्वयं कहा है कि उन्होने बैंकों के चोर दरवाजे पर भी कैमरा लगा रखा है इसलिए कोई भी चोर बच नही पाएगा।
चोर बैंक मैनेजरों की वजह से जनता को परेशानी तो हो रही है क्योंकि जो पैसे जनता को मिलने चाहिए थे वह कालेधन के चोरों को सप्लाई किया जा रहा है, अगर वही पैसे जनता को दिए जाते तो उन्हें इतना परेशान ना होता पड़ता और उन्हें कई कई दिनों तक लाइनों में ना खड़ा होना पड़ता लेकिन चोर बैंक मैनेजरों की वजह से ही मोदी सरकार को कालेधन के चोरों और बेईमानों का नाम और एड्रेस मिल जाएगा।
नोटों में ट्रैकिंग डिवाइस
नोटबंदी को अच्छी तरह से सोच समझकर लागू किया गया है, जनता को परेशानी झेलनी ही पड़ेगी लेकिन चोर लोग मोदी के जाल में फंस जाएंगे। चोरों को पकड़ने के लिए पूरा जाल बिछाया गया है, 2000 के नोट जान बूझकर छापे गए, 500 के नए नोटों को जान बूझकर अभी अधिक संख्या में जारी नहीं किया गया। चोर बैंक मैनेजर मजबूरी में चोरों को 2000 के नए नोट दे रहे हैं, उन नोटों में ट्रैकिंग डिवाइस लगी है, जहाँ भी 2000 के नोटों के बंडल छिपाए गए हैं वहां पर इनकम टैक्स वाले छापा मार रहे हैं।
सभी चोर अपना कालाधन सफ़ेद करने के लिए बैंकों से साठ-गाँठ कर रहे हैं क्योंकि उनका कालाधन अब बैंक ही सफ़ेद कर सकते हैं, चोर लोग बैंकों को मोटा कमीशन देकर अपना कालाधन सफ़ेद कर रहे हैं, इधर मोदी सरकार सभी बैंकों का ऑडिट करा रही है क्योंकि उन्हें पता चल गया है कि बैंकों के जरिये ही चोरों तक पहुंचा जा सकेगा। आयकर विभाग के अलावा CBI, IB और क्राइम ब्रांच की टीमें भी इस काम में लगी हुई हैं, मोदी सरकार का पूरा खुफिया तंत्र इस काम में लगा हुआ है। जैसे जैसे ऑडिट शुरू होगी चोर बैंक मैनेजर पकडे जाने शुरू हो जाएंगे और जब इनके पिछवाड़े पर डंडे पड़ेंगे तो ये उन लोगों का भी नाम और पता बता देंगे जिन लोगों को इन्होने नोट सप्लाई किये हैं।
पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से नोटों की धरपकड़ हो रही है, इनकम टैक्स के छापे में करोड़ों रुपये के नए नोट बरामद हो रहे हैं उसे देखते हुए बाबा रामदेव ने आशंका जताते हुए कहा है कि 'ऐसा लगता है कि बैंकों से साठ-गाँठ करके बहुत सारे लोगों ने अपना कालाधन सफ़ेद कर लिया है। नोटबंदी के बाद से यानी 8 दिसम्बर के बाद से ही चोरों की धरपकड़ हो रही है, दर्जनों लोगों के यहाँ से 2000 रुपये के नोटों की गड्डियां मिल रही हैं, कई लोगों के यहाँ तो करोड़ों रुपये मिले हैं, बैंक में एक महीने में 1 लाख रुपये की निकासी की लिमिट है, ऐसे में करोड़ों रुपये के नोट कालेधन वालों के यहाँ मिलना अपने आप में बताता है कि बैंक वाले गलत काम में लगे हुए हैं।
अब तक कहाँ कहाँ पकडे गए 2000 के नोट
- मध्य प्रदेश के नीमच में 36 लाख रुपये
- होशंगाबाद में 43.6 लाख
- इंदौर में 8 लाख
- असम के हाटीगाँव में 20 लाख
- गुजरात के सूरत में 76 लाख
- मुंबई में 85 लाख
- गुरुग्राम (हरियाणा) में 10 लाख
- बंगलुरु में 4.7 करोड़
- चिकमंगलूर में 81 लाख
- उडुप्पी में 71 लाख
- ओडिशा के संभलपुर में 1 करोड़ 42 लाख
- तमिलनाडु के वेल्लोर 24 करोड़
- कर्नाटक के चित्रदुर्ग में 5.7 करोड़
- क्या बिना चिप के इतनी जल्दी अरबों खरबों के नोट पकडे जा सकते थे इसका मतलब 100% नोट मे चिप लगी हॆ जिसकी जानकारी सिर्फ मोदी जी को हैछोटी छापेमारी कुछ इस प्रकार है**
मुंबई-72लाख के नए नोट पकड़े
सूरत-76लाख के नए नोट पकड़े
हैदराबाद-96लाख के नए नोट पकड़े
मोहाली-42लाख के नए नोट पकड़े
देल्ही-27लाख के नए नोट पकड़े
गाजियाबाद-14लाख के नए नोट पकड़े
आग्रा-30लाख के नए नोट पकड़े
इंदौर-8 लाख के नए नोट पकड़े
गुरुग्राम-10लाख के नए नोट पकड़े - दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में 2.6 करोड़ रुपये अब तक अरबों रुपये 2000 के नोटों के पकडे जा चुके हैं इसके अलावा 100 और 50 रुपये के भी करोड़ों रुपये पकडे जा चुके हैं, ये रुपये बैंकों के माध्यम से ही निकल रहे हैं, इसका मतलब है कि बैंक वाले इस वक्त जनता की सेवा के लिए नहीं बल्कि रिश्वत लेकर कालेधन को सफ़ेद करने में लगे हुए हैं, जनता लाइनों में परेशान है और बैंक वाले कमीशन लेकर मेवा खा रहे हैं।

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