प्रधानमंत्री मोदी ने नवम्बर 22 को केजरीवाल और ममता बनर्जी का बिना नाम लिए उन्हें एक्सपोज करके रख दिया, उन्होंने कहा कि आज लोगों के मूल्यों में गिरावट आती जा रही है और जिसके मूल्यों में गिरावट आ जाती है और वे समझौता करना शुरू कर देते हैं ऐसे लोग समाज के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं और इनके खिलाफ हमें खड़ा होना पड़ेगा।
मोदी ने कहा कि आज मूल्यों का हाश्र कैसे हो रहा है और गिरावट कैसे आ रही है उसे समझने की जरूरत है। एक समय था कि लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यक्तिगत जीवन में भी परेशानी उठा लेते थे और किसी तरह अपना काम चला लेते थे लेकिन वक्त बदला और लोग भ्रष्टाचार से समझौता करने लगे और घूस देने लगे, उसके बाद फिर वक्त बदला और भ्रष्टाचार जीवन का हिस्सा बन गया।
मोदी ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि आज कुछ लोगों के सार्वजनिक जीवन में यह हिम्मत आ रही है कि आज भ्रष्टाचार और कालेधन के पक्ष में भाषण कर पा रहे हैं, कालेधन के पक्ष में खुलेआम मैदान में उतर रहे हैं।
जबकि इन लोगों के चुनावी घोषणा पत्रों में भ्रष्टाचार और कालाधन से जनता को राहत दिलाने की बातें कहीं गयी हैं। कहाँ है इनका चुनावी घोषणा पत्र ? क्या चुनावी घोषणापत्र में यह सब जनता को लॉलीपॉप देकर भ्रमित कर इन लोगों को संरक्षण देने में व्यस्त रहे ?
मोदी ने कहा कि किसी भी देश के लिए मूल्यों का पतन जो होता है वह सबसे बड़ा संकट होता है, जो आज 80 वर्ष के होंगे उनके स्कूल के समय में हो सकता है कि कोई एक-दो चोरियां करता होगा लेकिन चोरी भी छुप छुप कर करता होगा और आस पास के लोगों से डरता होगा, उसके ऊपर हमेशा मोरल प्रेशर रहता होगा, धीरे धीरे वक्त आया और वो हाथ में लिखकर जाने लगा, थोडा वक्त बदल गया और वो एग्जाम में चोरी करने लगा लेकिन फिर भी वो सोचता था कि मेरी चोरी के बारे में किसी को पता ना चले लेकिन आ वक्त इतना बदल गया कि लोग टेबल पर छूरा रखते हैं और खुलेआम नक़ल करते हैं, खिड़की से मंगवाते हैं और अब तो मोबाइल में SMS से आ जाता है।आज इस देश का दुर्भाग्य है कि एक छोटा सा वर्ग उभरकर सामने आने की हिम्मत कर रहा है कि वह भ्रष्टाचार और कालेधन की लड़ाई के खिलाफ खड़ा है और खुलकर कहता है कि मै तो भ्रष्टाचार और कालेधन वालों के साथ खड़ा रहूँगा।
मोदी ने कहा कि ऐसे समय भविष्य की आने वाली पीढ़ियों का विचार करते हुए हमारी भावी पीढ़ियों का भला करने के लिए समझौता करने वाली मानसिकता वालों के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा। मोदी ने कहा कि लड़ने की ताकत ना हो ऐसे लोग तो हो सकते हैं लेकिन जो बुराइओं का अजेंडा लेकर निकले हैं ऐसे लोग समाज के लिए बहुत बड़ा संकट पैदा कर सकते हैं।
मोदी ने कहा कि इनके बारे में समाज को बताना होगा और समाज को प्रशिक्षित करना पड़ेगा, मजबूरी वश समाज का कोई तबका पिछड़ा पड़ा हो तो दुनिया उसे माफ़ कर सकती है लेकिन दुनिया उसे कभी माफ़ नहीं कर सकती जो मूल्यों के साथ द्रोह करते हैं।
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