भारत में एक तरफ जहाँ मोदी विरोधी 500 और 1000 रूपए नोट का विरोध कर रहे हैं, चीन में मोदी की प्रशंसा हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोटों को बैन किए जाने के फैसले की चीनी मीडिया ने भी सराहना की है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने पीएम मोदी के इस फैसले को 'हैरतअंगेज और बहादुरी भरा कदम' करार दिया है।
हालांकि चीन के आधिकारिक मीडिया ने इस कदम को भ्रष्टाचार से निपटने में ना काफी करार दिया है। चीन के सरकारी अखबार ने पीएम मोदी को करप्शन से निपटने के लिए राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ओर से चलाए गए अभियान से सीख लेने की भी सलाह दी है।
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, 'नरेंद्र मोदी का यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उठाया गया बड़ा कदम है।' 'भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी की महिम में चीन के सुझाव' शीर्षक से लिखे गए लेख में कहा गया है, 'मोदी ने सही मंशा से यह फैसला लिया है और यह भारत की वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह सही है। भारत में अब तक ज्यादातर अवैध धंधे कैश में ही होते रहे हैं और इनमें बड़ी करंसी का योगदान सबसे अधिक रहा है।
https://www.facebook.com/narendramodi/videos/10157835900050165/
भारत में 500 और 1000 रुपए के नोटों का सर्कुलेशन करीब 80 फीसदी तक है। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता कि इस फैसले से भ्रष्टाचार को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।'
अखबार ने यह भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालने से लेकर अब तक करप्शन और टैक्स उल्लंघन के मामलों से निपटने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। अखाबर ने लिखा, 'भारत की नई पॉलिसी को रिस्की, लेकिन निर्णायक और बहादुरी भरा फैसला करार दिया जा रहा है।' अखबार ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ओर से करप्शन के खिलाफ चलाए गए अभियान का हवाला देते हुए लिखा है, 'नोटबंदी के अलावा भी मोदी सरकार को करप्शन से निपटने के लिए कुछ कड़े कदम उठाने होंगे। सबसे महत्वपूर्ण चीज है, व्यवस्था में सुधार करना। इस संदर्भ में नई दिल्ली को पेइचिंग से भी कुछ आइडियाज लेने चाहिए।'
करप्शन के खिलाफ राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुहिम के चलते लाखों भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजा जा चुका है। 2012 में राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से ही शी ने करप्शन के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया है और वह माओ-त्से तुंग के बाद सबसे मजबूत नेता के तौर पर उभरते दिखे हैं।
मोदी देखो किस तरह करवा रहा गरीबी दूर काले धन पर मोदी जी को नाज होना चाहिए।
आज 5 खबर ऐसी सुनने को मिली जिसमें दिल गदगद हो गया।
सूरत के बिल्डर लालजीभाई पटेल ने 6,000 करोड़ रुपए सरेंडर किए
दूसरी खबर यह आई- राजस्थान के गांव जालौर जिले के रानीवाड़ा तहसील के जाखड़ी गांव में एक राजपूत शेर ने 80 करोड रुपए को गांव में बांट दिया, जिसके कारण हर एक गांव वाले के घर में दो लाख रुपए आराम से पहुंच गए।
इसी प्रकार तमिलनाडु के एक मंत्री ने अपने पास जमा पड़े 300 करोड रुपए को अपने पहचान वाले छोटे-मोटे दुकानदार साफ-सफाई वाले और परिचित लोगों को दो दो ढाई ढाई लाख रुपए देकर बहुत बड़ा आशीर्वाद प्राप्त किया।
चौथी न्यूज़ यह है कि इंदौर के गुजराती बिजनेसमैन शंकरलाल विद्वान ने अपने पास काम कर रहे 600 मजदूरों को एक एक लाख रुपए बांटकर काला धन को रास्ते लगाया
पाँचवीं न्यूज़ यह है महाराष्ट्र के पुणे के एक डॉक्टर ने अपनी कमाई हुई 20 बरस की कमाई को वापस अपने पुराने कस्टमर यानी जान पहचान वाले मरीजों को बुला बुला कर 2 /2 लाख रुपए बांट दिए। मरीज खुश होकर घर गया।
दोस्तों सुनने में बड़ा अजीब लगा पर मैं सोचता हूं कि काला धन नष्ट करने का सबसे अच्छा तरीका यही है यार दोस्तों गांव वाले या छोटे मोटे दुकानदार, मजदूर या जान पहचान वाले लोगों की सहायता कर आप आपस में बैठकर यह खुशियां प्राप्त कर सकते हैं। इस से क्या है हर घर थोड़ा बहुत खुशियां अपने जीवन में ला सकता है। नोटों को जलाना या फेकना लक्ष्मी का अपमान होता है जो आप को नुकसान पहुंचा सकता है। जला कर फेकना या नष्ट करना यह एक तरह का अपराध है। आपको मेरी बात पसंद आए तो आप इस को आगे शेयर कीजिए। इतने लोगों के पास पहुंचना चाहिए कि जो भी अपना काला धन यूज़ करना चाहता है वो इसको पढ़कर करें ताकि किसी गरीब के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आएगी।

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