क्या नोट बदल कर बैंकों में आ रहे धन को इन लूटेरों पर लुटाया जा रहा है? यह सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाती है। अगर सरकार को कर्जा माफ़ करना था तो किसानों का करते, धन्नासेठों का क्यों? क्या सरकार जनता की भलाई के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है? जनता भूखी प्यासी लाइन में खड़े होकर अपनी मेहनत की कमाई को नए नोट में परिवर्तित करवा रही है और सरकार पूंजीपतियों का घर भर रही है। प्रधानमंत्री मोदी पर जितना गर्व था, स्टेट बैंक की खबर ने उस गर्व को चकमाचूर कर दिया। एक कहावत है "चाकू खरबूजे पर गिरे या खरबूजा चाकू पर, मौत तो खरबूजे के ही आएगी", ठीक उसी तरह काले धन के चक्कर में सबसे ज्यादा मरण जनता का ही हो रहा है। और बैंकों को चूना लगाने वालों की चाँदी हो रही है। यदि डीएनए की खबर सत्य है, तो क्या यह जनता के साथ धोखा नहीं ? यह गम्भीर चर्चा का मुद्दा है, जिसे हर भारतीय का फ़र्ज़ है सरकार से इसका उत्तर मांगे कि "क्या इन पूंजीपतियों को बैंकों का पैसा डकारने के लिए यह सब ड्रामा किया जा रहा है?" माना इस कदम से कुछ अच्छे भी समाचार आ रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में देखा जाए तो केवल छोटी मछलियां ही लपेटे में आयी और बड़ी मछलियों के कर्जे माफ़ किये जा रहे हैं।
डीएनए में छपी खबर के अनुसार, एसबीआई ने अपने टॉप 100 डिफॉल्टर्स में से 63 लोगों के सात हजार करोड़ रुपए से अधिक के लोन को अपनी बैलेंस शीट से हटा दिया है। ऐसा एसबीआई ने अपनी बकाया राशि को मृत मानकर किया है।
in service of his masters
ऐसा लगता है कि एसबीआई ने यह जानबूझकर किया है। डीएनए के दस्तावेजों के अनुसार, एसबीआई की बैलेंस शीट में 63 खाताधारकों के नाम पूरी तरह से लिेखे हैं जबकि 31 खाताधारकों के नाम आंशिक रूप से लिखे हैं और छ: खाताधारकों के नाम का मेंसन नहीं है। 30 जून 2016 को एसबीआई की बैलेंस शीट में 48000 करोड़ रुपए खराब लोन के रूप में दर्ज था। हालांकि बैलेंस शीट में इसके लिखने के समय की तारीख मेंसन नहीं थी।
You Won't Believe The Amount Of #Money These Rich Indians Have?
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एक तरफ जहां केंद्र सरकार द्वारा बड़े नोट बंद किए जाने की वजह से देश की जनता बैंकों के सामने लाइन लगाकर खड़ी है। किसी के बच्चे बिना पैसे दूध से तड़प रहे हैं तो कोई लाइन में लगे-लगे दम तोड़ रहा है। वहीं विजय माल्या जैसे बड़े डिफॉल्टर्स के लोन माफ कर उन्हें राहत दी जा रही है।
विजय माल्या के 1201 करोड़ के अलावा केएस ऑयल का 596 करोड़, सूर्या फार्मेसियुटिकल का 526 करोड़, जेट पॉवर का 400 करोड़, साई इंफो सिस्टम का 376 करोड़ के लोन की सूची भी एसबीआई ने अपनी बैलेंस शीट से हटा दी है।
आपको बता दें कि अरुंधति भट्टाचार्य को अक्टूबर 2017 तक एसबीआई चीफ के तौर पर बनी रहेंगी। इसी साल उन्हें यह एक्सटेंसन मिला है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने देश छोड़कर भाग चुके कारोबारी विजय माल्या समेत 63 कर्जदारों का करीब सात हजार करोड़ रुपये का बकाया लोन को डूबा हुआ मान लिया है। ये राशि एसबीआई के शीर्ष 100 लोन डिफाल्टरों (बकाया नहीं चुकाने वाले) पर बाकी कुल राशि का करीब 80 प्रतिशत है। बैड लोन (वसूला न जा सकना वाला लोन) का मुद्दा पिछले कुछ सालों से चर्चा में रहा है।
कारोबारी विजय माल्या पर विभिन्न बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये का बकाया था। जब सभी बैंक मिलकर बकाया वसूलने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो माल्या देश से फरार हो गए। डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई जब बकाया लोन वसूल करने में विफल रही तो उसने शीर्ष 100 विलफुट डिफाल्टरों (जो लोन नहीं दे रहे) में से 60 से अधिक पर बकाया 7016 करोड़ रुपये का लोन माफ करने का फैसला कर लिया है।
रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई के 63 डिफाल्टरों का पूरा कर्ज छोड़ दिया है। वहीं 31 कर्जदारों का लोन आंशिक तौर पर छोड़ा गया है। छह अन्य कर्जदारों पर बकाया लोन को नॉन पर्फॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित कर दिया गया है। 30 जून 2016 तक एसबीआई 48 हजार करोड़ रुपये का बैड लोन माफ कर चुका है। हालांकि ये लोन कब माफ किए गए इसकी तारीख नहीं बताई गई है।
भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक ने इन कर्जदारों का कर्ज “टॉक्सिक लोन” के मद में डाल दिया है। एडवांस अंडर कलेक्शन अकाउंट (एयूसीए) के तहत “टॉक्सिक लोन” का मतलब होता है बहीखाते से हटा देना। यानी एसबीआई के इस फैसले के बाद विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस समेत 63 कर्जदारों का कर्ज बैंक की बैलेंसशीट से हटा दिया जाएगा। इसका ये अर्थ हुआ कि बैंक अब इन कर्जदारों से कर्ज वसूलेनी की कोशिश बंद कर देगा।
जिन लोगों का कर्ज छोड़ा गया है उनमें किंगफिशर एयरलाइंस ( करीब 1201 करोड़ रुपये), केएस ऑयल (596 करोड़ रुपये), सूर्या फार्मास्यूटिकल (526 करोड़ रुपये), जीईटी पावर (400 करोड़ रुपये) और साई इंफो सिस्टम (376 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
डीएनए अखबार ने जब इस मसले पर एसबीआई और कर्ज छूट का लाभ पाने वाली शीर्ष पांच कंपनियों से संपर्क की कोशिश की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला।इन सभी कंपनियों को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया जा चुका है। किंगफिशर एयरलाइंस पर 17 बैंकों का कुल 6993 करोड़ रुपये बकाया है जिसमें 1201 करोड़ रुपये एसबीआई के हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने शराब कारोबारी विजय माल्या और अन्य के खिलाफ धन शोधन से जुड़े मामलों में 1620 करोड़ रुपये की नई संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन से जुड़े मामलों को देखने वाली विशेष अदालत की अनुमति से की गयी।
वहीं दिल्ली की अदालत ने विजय माल्या के खिलाफ दो गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। पहला वारंट फेरा के उल्लंघन के एक मामले में सम्मनों की कथित तौर पर तामील न करने पर जारी किया गया है। वहीं दूसरा 2012 में चेक बाउंस को लेकर दायर डीआईएएल की एक याचिका पर जारी किया गया है।
अपने जमाने की सुपर डुपर मेगा हिट फिल्म थी जॉनी मेरा नाम ......
देवानंद साब की फिल्म थी जिसे उनके छोटे भाई Goldy आनंद ने डायरेक्ट किया था । वो फिल्म Thriller फिल्मों में मील का पत्थर है । उसकी गिनती Bollywood की महानतम फिल्मों में होती है ।
देवानंद साब की फिल्म थी जिसे उनके छोटे भाई Goldy आनंद ने डायरेक्ट किया था । वो फिल्म Thriller फिल्मों में मील का पत्थर है । उसकी गिनती Bollywood की महानतम फिल्मों में होती है ।
फिल्म का खलनायक प्रेम नाथ है । उसने अपने सगे बड़े भाई ( अभिनेता सज्जन ) को अपने अड्डे के तहखाने में बरसों से बंद कर रखा है जिसे खोजते हुए उसकी बेटी हेमा मालिनी प्रेम नाथ के अड्डे पे जा पहुँचती है ।
फिल्म के climax में दोनों भाइयों सज्जन और प्रेमनाथ का संवाद है ।
सज्जन पूछता है कि आखिर तुझे मुझसे समस्या क्या है ? आखिर मेरा दोष क्या है जो मुझे तू इतनी बड़ी सज़ा दे रहा है ?
सज्जन पूछता है कि आखिर तुझे मुझसे समस्या क्या है ? आखिर मेरा दोष क्या है जो मुझे तू इतनी बड़ी सज़ा दे रहा है ?
प्रेम नाथ जवाब देता है ........
तुम्हारा दोष ये है कि तुम बेहद शरीफ आदमी हो । बेहद ईमानदार हो और तुम्हारी इस शराफत , इस ईमानदारी ने बचपन से ही मेरा जीना हराम कर रखा है ।शराब तुम नहीं पीते , जूआ तुम नहीं खेलते । अय्याशी रंडीबाजी तुम नहीं करते । तुम्हारी ये शराफत मुझे परेशान करती है ।
तुम्हारी अच्छाई मुझे बुरा बनाती है । अगर तुम भी बुरे होते तो मुझे कोई परेशानी न होती ।
तुम्हारा दोष ये है कि तुम बेहद शरीफ आदमी हो । बेहद ईमानदार हो और तुम्हारी इस शराफत , इस ईमानदारी ने बचपन से ही मेरा जीना हराम कर रखा है ।शराब तुम नहीं पीते , जूआ तुम नहीं खेलते । अय्याशी रंडीबाजी तुम नहीं करते । तुम्हारी ये शराफत मुझे परेशान करती है ।
तुम्हारी अच्छाई मुझे बुरा बनाती है । अगर तुम भी बुरे होते तो मुझे कोई परेशानी न होती ।
आज विपक्ष की भी यही समस्या है ।
मोदी साल में 365 दिन , प्रतिदिन 18 से 20 घंटे काम करते हैं ।
शराब नहीं पीते ।
अय्याशी रंडीबाजी नहीं करते ।
भ्रष्ट नहीं हैं ।
आगे पीछे कोई बेटा ,बेटी , बहू , दामाद , साली , सरहज , भाई , भतीजा , भांजा नहीं है उनका , जिसके लिए वो धन संग्रह करें ।
उनका ऐसा कोई रिश्तेदार नहीं है जो दिल्ली की सत्ता के गलियारों में घूम के रोब ग़ालिब करे और दलाली करे ।
मोदी साल में 365 दिन , प्रतिदिन 18 से 20 घंटे काम करते हैं ।
शराब नहीं पीते ।
अय्याशी रंडीबाजी नहीं करते ।
भ्रष्ट नहीं हैं ।
आगे पीछे कोई बेटा ,बेटी , बहू , दामाद , साली , सरहज , भाई , भतीजा , भांजा नहीं है उनका , जिसके लिए वो धन संग्रह करें ।
उनका ऐसा कोई रिश्तेदार नहीं है जो दिल्ली की सत्ता के गलियारों में घूम के रोब ग़ालिब करे और दलाली करे ।
मोदी की समस्या ये है कि उनको हर weekend पे अय्याशी करने यूरोप अमेरिका नहीं जाना है । मोदी की समस्या ये है कि वो कोकीन नहीं पीते ।
मोदी की समस्या ये है कि उनको bangkok में मालिश कराने का शौक नहीं है ।
मोदी की समस्या ये है कि किसी swiss bank में उनका कोई खाता नहीं है ।
मोदी की समस्या ये है कि उनके तहखानों में 1000 और 500 की गड्डियाँ नहीं सड़ रहीं ।
मोदी की समस्या ये है कि उनको bangkok में मालिश कराने का शौक नहीं है ।
मोदी की समस्या ये है कि किसी swiss bank में उनका कोई खाता नहीं है ।
मोदी की समस्या ये है कि उनके तहखानों में 1000 और 500 की गड्डियाँ नहीं सड़ रहीं ।
मोदी की ईमानदारी , मोदी की देश भक्ति , मोदी की वफादारी ही मोदी की सबसे बड़ी समस्या है ।
ज़ाहिर सी बात है .......
ज़ाहिर सी बात है .......
आज की राजनीति में मोदी अन्य नेताओं
( भाजपा समेत ) के लिए एक समस्या बन गए हैं ।
( भाजपा समेत ) के लिए एक समस्या बन गए हैं ।
कड़वा सत्य ये है कि आज मोदी के साथ भारत की जनता के अलावा और कोई नहीं है । खुद उनके भाजपा सहयोगी भी नहीं , क्योंकि मोदी ने उन सबको भी पिछली 8 Nov को भिखारी बना दिया है ।
सावधान : मोदी की कुर्सी और जान ........
दोनों को ख़तरा है ।
दोनों को ख़तरा है ।
ऐसे में हमको आपको ही उनका रक्षा कवच बनना होगा ।

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