दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने पाकिस्तान और वहां की मीडिया पर भरोसा करके बिना मतलब के ही टेंशन मोल ले लिया है, उन्हें भारतीय सेना के बयानों पर भरोसा नहीं है और ना ही वे भारतीय टीवी चैनल देखते हैं, उन्हें पाकिस्तान और उनके मीडिया चैनलों पर अधिक भरोसा है और केजरीवाल ज्यादातर उन्हीं चैनलों को देखकर उनपर अधिक भरोसा करते हैं।
https://www.facebook.com/100009388739438/videos/1702702190052722/
वैसे यह देश के लिए बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी क्षेत्र का मुख्यमंत्री भारतीय सेना पर नहीं बल्कि पाकिस्तान पर भरोसा करता है, केजरीवाल ने इससे पहले भी एक पाकिस्तान परस्त न्यूज पोर्टल की खबर के आधार पर पाकिस्तान के पक्ष में बयान देते हुए कहा था कि पाकिस्तान ने भारत को दुनिया में अलग थलग कर दिया है, उसके बाद केजरीवाल को सोशल मीडिया पर बहुत खरी खोटी सुनने को मिली थी।
फिर से केजरीवाल ने मोदी सरकार पर हमला किया लेकिन बहुत की सतर्कता से और बहुत ही चालाकी से लेकिन समझने वालों के लिए इशारा ही काफी होता है, समझने वाले लोग समझ गए कि आखिर केजरीवाल कहना क्या चाहते हैं।
भारतीय सेना और केन्द्र सरकार पर शंका
केजरीवाल ने कहा कि भारतीय सेना से उड़ी हमले का बदला लेकर बहुत ही बहादुरी का काम किया है और वे पूरी तरह से मोदी और भारतीय सेना के साथ हैं लेकिन पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मीडिया चैनलों को सर्जिकल स्ट्राइक वाले स्थान पर ले जाकर यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि यहाँ पर कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई है और भारत झूठ बोल रहा है, केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा से भारत की छवि ख़राब हो रही है इसलिए कोई सबूत पेश करके पाकिस्तान को एक्सपोज करें।दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल जी के बारे में हर कोई जानता है l सबको ये भी पता है कैसे केजरीवाल हर बात के लिए मोदी को ही जिम्मेदार बताते हैं l बात करें अगर केजरीवाल की सोशल मीडिया प्रेम की तो शायद ही ऐसा कोई हफ्ता होता है जब केजरीवाल ट्विटर पर ट्रेंड नहीं होते हैं l किसलिए .. वही मोदी जी के खिलाफ बोलने के लिए l लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ है जिससे चमत्कार से कम नहीं समझा जा रहा है l इस चमत्कार को देखकर आपकी आँखे खुली की खुली रह जायेंगी l उरी हमले का बदला सर्जिकल स्ट्राइक से लेने वाले प्रधानमंत्री मोदी के बारे में केजरीवाल ने कुछ ऐसा कहा है जिससे सुनकर आपको यकीन नहीं होगा l हिन्दी व्याकरण अलंकारों में एक अलंकार है "सन्देह अलंकार", और इस अलंकार का उदाहरण इस प्रकार है : "नारी बीच साड़ी है, साड़ी बीच नारी है ; साड़ी ही नारी है कि नारी ही साड़ी है", जो केजरीवाल द्धारा सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रशंसा पर सन्देह कर, इस अलंकार को चरितार्थ कर दिया। भारत के इतिहास में ये पहली बार है जब केजरीवाल ने मोदी के पक्ष में बोला है l नहीं तो अरविन्द केजरीवाल मोदी के खिलाफ बोलने के लिए अपनी दिल्ली सरकार से ज्यादा मशहूर हैं l उन्होंने कई बार बिना किसी बात के भी कई बार मोदी को ही अपने कर्मों के लिए ज़िम्मेदार ठराया है l
अब ये केजरीवाल जी के असल विचार हैं या कुछ और कोई नहीं बता सकता लेकिन इसे देखने के बाद एक बार फिर केजरीवाल जी ने अपनी समझदारी की उधारण दिया है l
देखिए वीडियो
देखा जाए तो केजरीवाल जी की बात में दम है, उनकी कही बातें जरूर मोदी जी तक जाएंगी और कोई एक्शन लिया जाएगा l लेकिन अरविन्द केजरीवाल की पुरानी हरकतों के चलते फिर एक बार केजरीवाल जी जनता के शिकार हो गए है l आज फिर ट्विटर पर केजरीवाल जी के लिए एक hashtag ट्रेंड हुआ है l
जब केजरीवाल जी ने 2 मिनट 52 सेकंड का ये सन्देश दिया है इसके बाद देखिए कैसे लोगो ने केजरीवाल जी को ट्विटर पर धोया है l इस बार ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #AKBacksModiOnPak देखिए इस ट्रेंड से जुड़ी कुछ मजेदार त्वीट्स ! 

मौका मौका !

अब बारी है अरविन्द केजरीवाल के सबसे बड़े ट्रोल अकाउंट की जिसका नाम है ट्रोल केजरीवाल !

इसका रिप्लाई देखिए किस तरह से आया है l

hehe इसे देखने के बाद केजरीवाल जी पता नहीं कब अपना राशन कार्ड दिखाएँगे l लेकिन इस बार केजरीवाल जी की इस वीडियो को लोगों ने काफी पसन् भी किया है और इसी hashtag के साथ उन्हें सपोर्ट भी किया है l
अरविन्द केजरीवाल के सपोर्ट में आए कुछ ट्वीट !


देखना ये है क्या अर्नब जी इस hashtag को लेकर डिबेट करेंगे ? खैर जो भी हो केजरीवाल जी की इस वीडियो से क्या मंशा है ये तो कोई नहीं बता सकता है l
केजरीवाल जितना अपमानित कोई मुख्यमन्त्री नहीं
एक बात अभी तक समझ में आयी कि अरविन्द केजरीवाल मुख्यमन्त्री पद की गरिमा को कब समझेंगें, आखिर कब तक इस पद को अपमानित करते करते रहेंगे? आखिर किसी बात की कोई सीमा भी होती है। कई लोगों ने तो केजरीवाल को गद्दार कहते हुए उनकी तुलना डॉग से भी करने से इनकार कर दिया और कहा कि इनसे अधिक वफादार तो डॉग होता है।
भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को बहुत तगड़ी मार पड़ी हैं लेकिन उसकी मजबूरी यह है कि वह अपनी चोट ना तो किसी को बता सकता है और ना ही किसी को दिखा सकता है क्योंकि इस हमने में करीब 50 आतंकवादी मारे गए थे, अब पाकिस्तान दुनिया को यह तो बताएगा नहीं कि हम POK में आतंकवादी पालते हैं और भारत ने हमारे पाले हुए आतंकवादियों को मार दिया है।
अब पाकिस्तान अपनी बेइज्जती के डर से सभी सबूतों को मिटाने में जुटा है और सर्जिकल स्ट्राइक की ख़बरों से इनकार कर रहा है, इसके लिए वह कुछ पत्रकारों को खरीदकर उनसे खबर छपवा रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई ही नहीं है, वैसे हमें तो यह चाहिए कि पाकिस्तान और उनके बिकाऊ पत्रकारों की ख़बरों पर यकीन ही ना करें, हमारे लिए तो हमारी सेना का बयान की काफी है लेकिन इस देश में कुछ ऐसा गद्दार हैं जो खुलेआम पाकिस्तान के अजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं और उन्हीं लोगों में से एक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल हैं।
अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को समर्थन देते केजरीवाल
अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को समर्थन देते केजरीवाल
आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भारतीय सेना पर शक करते हुए पाकिस्तान अजेंडे को आगे बढाया और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत दिखाने को कहा। भारतीय सेना पर शक करने और पाकिस्तानी अजेंडा आगे बढाते देखकर देश के लोग केजरीवाल से नाराज हो गए।
केजरीवाल को पहले तो यह सोचना चाहिए कि जब पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक हुई ही नहीं है तो वहां के आतंकवादी, वहां के मीडिया चैनल, वहां की आर्मी इतनी बौखलाई हुई क्यों है, पाकिस्तान बदला लेने की बात किस लिए कर रहा है, परमाणु बम छोड़ने की बात क्यों कर रहा है, अगर भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की ही नही है तो उन्हें कोई दिक्कत होनी ही नहीं चाहिए।
केजरीवाल को दूसरी बात यह समझनी चाहिए कि यह सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान के आतंकवादी कैम्पों पर हुई है, पाकिस्तान कभी नहीं चाहेगा कि दुनिया को यह बात पता चले कि POK में आतंकी कैम्प चल रहे हैं, ऐसे में वो ना तो खुद इस बात को मानेगा और ना ही दुनिया को यह मानने देगा इसलिए सर्जिकल स्ट्राइक वाली जगहों को दुरुस्त करके मीडिया को ले जाकर इस बात को नकारा जा रहा है, पाकिस्तान अपनी हार की खानापूर्ति कर रहा है।
लेकिन दुर्भाग्य यह है कि केजरीवाल पाकिस्तान की इस मजबूरी को नहीं समझते, उन्हें मोदी सरकार पर हमला करने का मौका चाहिए, वे मोदी सरकार पर हमला करें कोई बात नहीं लेकिन केजरीवाल को भारतीय सेना पर विश्वास करना चाहिए, अगर सेना से आधिकारिक बयान दिया है तो उसे सच मानना चाहिए, पाकिस्तान तो वैसे ही झूठों का पुलिंदा है इसलिए केजरीवाल को उनकी बात ना मानकर भारतीय सेना पर यकीन करना चाहिए और पाकिस्तान की बौखलाहट का मजा लेना चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें खुद इस दुनिया का सबसे झूठा और मक्कार व्यक्ति कहा जाता है इसलिए उनसे किसी समर्थन की उम्मीद करना इस देश के लिए बेईमानी होगा।
पता नहीं कितने केजरीवाल और जयचंद भारत में पल रहे हैं
एक बॉलीवुड वाली ने भारतीय सेना की बेईज्जती करनी चाही तो अर्नब ने फेंका शो से बाहर !!बॉलीवुड अभिनेत्री मीता वशिष्ठ को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम से निकाले जाने पर विवाद होता नजर आ रहा है। टाइम्स नाउ चैनल पर देश में पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बहस चल रही थी।
पैनल में अभिनेत्री मीता वशिष्ठ और कारगिल शहीद कर्नल थापर के पिता मौजूद थे। इसी बहस के दौरान एंकर अर्नब गोस्वामी मीता पर भड़क गए। उन्होंने मीता को शो से बाहर जाने के लिए कह दिया। मीता ने सफाई देने की कोशिश की मगर अर्नब के चुप न होने पर वह उन्हें ‘शट अप’ बोलकर उठ गईं। शो पर बहस के दौरान क्या हुआ, आइए आपको बताते हैं।
मीता का कहना था कि अब लोगों को कारगिल याद आ रहा है। जिसपर अर्नब बोले- ”सबसे पहली बात, मैं सरपरस्ती वाली आवाजें बर्दाश्त नहीं करता, जो कि आप कर रही हैं। आप कह रही हैं कि कारगिल में जो हुआ, हम सब उसे भूल गए हैं। कोई कुछ नहीं भूला।
| ओमपुरी |
https://youtu.be/IwYdvfrqM1M
हम इसीलिए ये मुद्दा उठा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि बॉलीवुड इसे (कारगिल) भूल गया है या नहीं। बॉलीवुड फिल्म बनाते वक्त यह भूल जाता है। बालीवुड सेनाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल करता हैं। बाॅलीवुड फवाद खान से यह पूछना भूल जाता है कि आप एक भारतीय वीजा पर आए हैं, क्या वीजा पर आना आपको आपके देश पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के प्रति आंखें मूंदने को जायज ठहराता है। क्या भारतीय वीजा पर आने वालों कलाकारों को उरी हमलों की निंदा नहीं करनी चाहिए ताकि लोग यह मानें कि भारत-पाकिस्तान दोस्त हैं। और मीता वशिष्ठ पूछती हैं कि मैं बाेल ही क्यों रहा हूं। जब मेरे साथ विजयन्त थापर के पिता हैं। जिस तरह आप देश के शहीदों के बारे में बोल रही हैं, वह मुझे पसंद नहीं आ रहा।”
इस पर मीता कहती हैं, ‘मैं समझ नहीं पा रही। क्या आप चिल्लाने की बजाय बोल सकते हैं? माफ कीजिए आप मेरी ओपिनियन जानना चाहते हैं या आप चाहते हैं कि मैं आपकी बात मान लूं?” अर्नब नाराज होते हुए कहते हैं, ”एक सेकेंड, मीता आखिरी बार मैं आपको बता रहा हूं, ठीक से समझ लीजिए। आप कर्नल थापर के बारे में बात कर रही हैं। मैं तुरंत आपको शो से बाहर कर रहा हूं जब तक आप सेना के अधिकारी, जो कि एक शहीद का पिता है, से तमीज से बात करना नहीं सीख लेतीं। क्या मैं उसे शो से बाहर कर सकता हूं?” मीता अर्नब को ‘शट अप’ बोलकर उठ जाती हैं।
हालाँकि बाद में माफ़ी माँगने के अन्दाज़ में मीता ने एक वेबसाइट पर लेख लिखकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने लिखा है कि कि वो एंकर की बात सुन नहीं पाई थीं, न ही उन्हें बताया गया था कि शो में कारगिल शहीद के पिता भी शामिल हैं।
हम इसीलिए ये मुद्दा उठा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि बॉलीवुड इसे (कारगिल) भूल गया है या नहीं। बॉलीवुड फिल्म बनाते वक्त यह भूल जाता है। बालीवुड सेनाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल करता हैं। बाॅलीवुड फवाद खान से यह पूछना भूल जाता है कि आप एक भारतीय वीजा पर आए हैं, क्या वीजा पर आना आपको आपके देश पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के प्रति आंखें मूंदने को जायज ठहराता है। क्या भारतीय वीजा पर आने वालों कलाकारों को उरी हमलों की निंदा नहीं करनी चाहिए ताकि लोग यह मानें कि भारत-पाकिस्तान दोस्त हैं। और मीता वशिष्ठ पूछती हैं कि मैं बाेल ही क्यों रहा हूं। जब मेरे साथ विजयन्त थापर के पिता हैं। जिस तरह आप देश के शहीदों के बारे में बोल रही हैं, वह मुझे पसंद नहीं आ रहा।”
इस पर मीता कहती हैं, ‘मैं समझ नहीं पा रही। क्या आप चिल्लाने की बजाय बोल सकते हैं? माफ कीजिए आप मेरी ओपिनियन जानना चाहते हैं या आप चाहते हैं कि मैं आपकी बात मान लूं?” अर्नब नाराज होते हुए कहते हैं, ”एक सेकेंड, मीता आखिरी बार मैं आपको बता रहा हूं, ठीक से समझ लीजिए। आप कर्नल थापर के बारे में बात कर रही हैं। मैं तुरंत आपको शो से बाहर कर रहा हूं जब तक आप सेना के अधिकारी, जो कि एक शहीद का पिता है, से तमीज से बात करना नहीं सीख लेतीं। क्या मैं उसे शो से बाहर कर सकता हूं?” मीता अर्नब को ‘शट अप’ बोलकर उठ जाती हैं।
हालाँकि बाद में माफ़ी माँगने के अन्दाज़ में मीता ने एक वेबसाइट पर लेख लिखकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने लिखा है कि कि वो एंकर की बात सुन नहीं पाई थीं, न ही उन्हें बताया गया था कि शो में कारगिल शहीद के पिता भी शामिल हैं।
इतना ही नहीं एक और चैनल पर परिचर्चा में अभिनेता ओमपुरी कहते हैं कि "किसने कहा था सेना में भर्ती हो जाओ।" जबकि खुद अपने आपको एक फौजी का बेटा बता रहे थे। और यह कहकर परिचर्चा छोड़ कर चले गए कि "10/15 लोगों को तैयार कर के उनके बम वगैरह बांध कर पाकिस्तान भेज दो।"



Comments