सांप्रदायिक दंगों से संबंधित कई तरह की फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन अगर हम बात करें सच्ची घटना पर आधारित शिवाजी लोटन पाटिल के निर्देशन में बनी फिल्म 31 अक्टूबर की तो ये फिल्म आज यानि 21 अक्टूबर को रिलीज को चुकी है। फिल्म क्रिटिक्स के अनुसार इस फिल्म को जितनी दमदार होनी चाहिए थी उतनी है नहीं। हालांकि इस फिल्म में सोहा अली खान और वीर दास मुख्य भूमिका में नजर आएं हैं जिनकी एक्टिंग भी कुछ खास नहीं है।
बता दें कि 31 अक्टूबर फिल्म की कहानी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मौत की सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। क्रिटिक्स के अनुसार फिल्म के दोनों मुख्य कैरेक्टर अपनी-अपनी भूमिका में फिट नही बैठे हैं। ट्विटर पर ट्विट किया गया है कि एक तरफ एक्टर वीर दास ने डायलॉग भी सही तरीके से डिलीवर नहीं किया तो दूसरी तरफ सोहा ने भी इस फिल्म के लिए कुछ खास मेहनत नहीं की। क्रिटिक्स का कहना है कि सिख महिला के किरदार में सोहा असरदार और यादगार भूमिका निभाने में असफल रहीं।
ये तो रही एक्टिंग की बात लेकिन डायरेक्शन की तो इस फिल्म को देखकर ऐसा लग रहा है मानों डायरेक्टर ने काफी जल्दबाजी की है। क्रिटिक्स का कहना है कि फिल्म के कुछ भाग बनावटी नजर आ रहे है। इसके अलावा ये बात तक कही जा रही है कि मुख्य भूमिका के लिए दोनों गलत कपल चुना गया। इसके अलावा अगर हम बात करें फिल्म के गाने की तो इस गंभीर मुद्दे पर बनी फिल्म का गाना ढ़ंग का नहीं है जो दर्शकों को आकर्षित कर पाए।
बता दें कि ये बातें फिल्म क्रिटिक्स द्वारा की गई समीक्षा है लेकिन अगर आप 1984 में हुए इस भयानक दंगों से रू-ब-रू होना चाहते हैं तो इस फिल्म को एक बार देख सकते हैं। ये फिल्म आपको यकीनन दंगों के पीछे के कुछ फैक्ट्स से जरूर अवगत कराएंगे। इसे देखकर आप उन बातों को जान लेंगे जिसे शायद आप अब तक न जानते हों।
Comments