https://www.facebook.com/ibnkhabar/videos/10153929073527773/
वह दलित मुद्दे पर काफी मुखर दिखे और हाल में दलित समुदाय के लोगों पर हुए हमलों की निंदा की। गुजरात के उना में एक मृत गाय की खाल उतारने पर स्वयंभू गोरक्षकों ने चार दलित युवाओं की बेरहमी से पिटाई की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पूरा देश हैरान हुआ था।
मोदी ने कहा, “जहां तक कुछ घटनाओं का सवाल है तो उनकी निंदा होनी चाहिए। सभ्य समाज में इस तरह की घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है, लेकिन इस तरह की हिंसा को रोकने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है, क्योंकि कानून व्यवस्था राज्य का विषय है।”
उन्होंने समाज में गहरी जड़ जमा चुकी इस सामाजिक समस्या को राजनीतिक रंग देने के प्रयासों का उपहास किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कुछ लोग मुद्दों को चुन रहे हैं और मोदी को दोषी ठहरा रहे हैं। सामाजिक असंतुलन पर राजनीति करना समाज और पीढ़ियों से अन्याय के शिकार लोगों को हानि पहुंचना है।”
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को इस सच्चाई से परेशानी है कि मोदी दलितों के मसीहा बी.आर.अंबेडकर के भक्त हैं।
अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जाति का मुद्दा महत्वपूर्ण होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश में दलितों की एक बड़ी आबादी है। इस प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी साल 2002 से सत्ता में नहीं है। इसके अलावा पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
मोदी ने कहा कि भाजपा इन राज्यों में विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ेगी और वह रोजगार, शांति, एकता और सामाजिक न्याय पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी।
प्रधानमंत्री ने इस तरह की किसी भी धारणा को सिरे से खारिज किया कि वह बदले की राजनीति का अनुसरण करते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि काला धन पर निशाना साधते वक्त वह किसी भी ‘वंश’ को नहीं बख्शेंगे तो मोदी ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक हिसाब चुकता करने के लिए कभी भी कोई संचिका नहीं खोली है।
आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब साल 2014 में पदभार ग्रहण किया तो वह देश की आर्थिक हालत पर श्वेतपत्र लाना चाहते थे, लेकिन राष्ट्रहित में ऐसा करने से उन्होंने परहेज किया।
मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के बुरे दिन अब बीत चुके हैं। उन्होंने यह नहीं कहा कि अच्छे दिन आ गए हैं।
वाड्रा विवाद : 'कोई बदले की भावना नहीं'
हरियाणा में राबर्ट वाड्रा के भूमि
सौदों की जांच को लेकर पैदा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
शुक्रवार को बदले की भावना से कार्रवाई के आरोपों को खारिज कर दिया और जोर
दिया कि उनकी सरकार की ओर से किसी राजनीतिक पार्टी या परिवार के खिलाफ जांच
करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘मैं 14 साल तक एक राज्य का
मुख्यमंत्री रहा हूं। इतिहास गवाह है कि मैंने राजनीतिक वजहों से कोई फाइल
नहीं खोली। मेरे खिलाफ ऐसा कोई आरोप नहीं है। यहां ढाई साल से ज्यादा
(केंद्र की सरकार) हो गए हैं। सरकार की ओर से कोई फाइल खोलने के लिए कोई
निर्देश नहीं दिया गया है।’ वह उन सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें उनसे
सवाल किया गया था कि सरकार कथित तौर पर राजनीतिक परिवारों को निशाना बना
रही है। यह परोक्ष रूप से सोनिया गांधी परिवार के संदर्भ में था।
मोदी ने किसी मामले का जिक्र किए बिना कहा कि कानून अपना काम करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे लीपापोती करने का हक नहीं है।’ उनकी यह
टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के विवादित
भूमि सौदों की हरियाणा में भाजपा सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय आयोग द्वारा
की गयी जांच को लेकर पैदा विवाद की पृष्ठभूमि में आयी है। कांग्रेस ने इस
मुद्दे पर तीखी टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति धींगरा आयोग और केंद्र तथा
हरियाणा की भाजपा सरकारों पर आरोप लगाया कि वे छवि खराब करने का अभियान चला
रहे हैं।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि इसका
एकमात्र मकसद तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बदले बदनाम करना और छवि खराब करना
है।हां हूं मैं पागल, बोलो क्या करोगे
सवा दो साल के अपने सफर को कैसे देखते हैं? इस सवाल पर पीएम ने कहा कि कभी-कभी मैं सोचता हूं कि जब सत्ता में आए तो देश की हालत सबको खोलकर बतानी चाहिए थी। इसका मुझे राजनीतिक तौर पर बड़ा फायदा होता। पीएम ने कहा, 'पर मैंने राष्ट्रनीति से सोचा कि यह देश के लिए सही नहीं होगा। लोगों के अंदर नकारात्मक भाव आएगा। दुनिया में भी बेइज्जती होगी।' पीएम ने कहा कि इसी वजह से मैंने काम करने को तरजीह दी। पीएम ने कहा कि यही वजह है कि आज दूसरों की गलतियों के लिए भी मुझे ही गाली पड़ती है।
पीएम ने अपनी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'जब हम सत्ता में आए तो देश में निराशा का माहौल था। मेरी पहली कोशिश यह थी निराशा के माहौल को खत्म किया जाए।' उन्होंने कहा कि आज दो साल बाद देश में निराशा का माहौल खत्म हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने देश की रेटिंग बढ़ा दी है।' जीएसटी के सवाल पर पीएम ने कहा कि इसे वह देश का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार मानते हैं।
जीएसटी से आम आदमी को क्या फायदा मिलेगा? इस सवाल पर पीएम ने इसे लोगों से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। पीएम ने कहा, 'आज के समय ज्यादातर लोग टैक्स इसलिए नहीं देते हैं क्योंकि प्रक्रिया कठिन होती है। जीएसटी के बाद यह प्रक्रिया इतनी आसान हो जाएगी कि सामान्य व्यक्ति भी टैक्स देने आगे आएगा। टैक्स की प्रक्रिया सरल होगी तो देश का रेवेन्यू भी बढ़ेगा। अविश्वास का माहौल भी खत्म होगा, साथ ही पारदर्शिता भी आएगी।'
पीएम ने इंटरव्यू में भारत की बढ़ती ताकत पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, 'जब हमने सत्ता संभाली तो इकॉनमी को लेकर नकारात्मक माहौल था। हमें आते ही आकाल से जूझना पड़ा। दुनिया में मंदी का दौर उभर कर आ गया। आने के बाद भी चुनौतियां रहीं। लेकिन इरादा नेक था, नीतियां स्पष्ट थीं, नीयत साफ थी, निर्णय करने का हौसला था। इसका परिणाम यह हुआ कि सकारात्मक वातावरण तेजी से बढ़ा। आजादी के बाद FDI रेकॉर्ड बढ़ी। दुनिया भी मान रही है कि भारत तेजी से बढ़ती इकॉनमी है।'
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा, 'दुनिया भर की एजेंसियां मान रही हैं कि आज भारत काफी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस बार मौसम अच्छा है। बारिश अच्छी हुई है। आने वाले दिन बेहतर रहेंगे। आज हर क्षेत्र में चर्चा हो रही है।'
'मेरे राज में सांप्रदायिक हिंसा, दलित-आदिवासियों पर अत्याचार कम हुए'
हाल के दिनों में दलितों पर हुए अत्याचार और आंदोलनों को लेकर भी पीएम ने जवाब दिए। पीएम मोदी ने कहा कि मेरे राज में सांप्रदायिक हिंसा हो या दलित भाई-बहनों पर अत्याचार हों या आदिवासियों पर हिंसा का मामला हो, पिछली सरकार की तुलना में कम हुए।
पीएम ने कहा कि लेकिन यह मसला नहीं कि पिछली सरकार से कम हुए। मसला यह है कि ऐसी चीजें सभ्य समाज को यह शोभा नहीं देती हैं। ये सारी सामाजिक समस्याएं है। इसकी जड़ें बहुत पुरानी हैं। अगर इन सवालों पर राजनीति करते जाएंगे तो उन समाजों का भी अहित करेंगे जिनके साथ सदियों से अन्याय हुआ है।
पीएम ने भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा, 'हमने देश में उनके 5 तीर्थों पर स्मारक बनवाया। लोग तो मुझे अंबेडकर का भक्त बताने लगे। मोदी दलितवादी हैं, आदिवासियों के पीछे पागल हैं। मैं इस देश के दलित, पीड़ित, शोषित और वंचित आदिवासियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हूं, जो इनकी राजनीति करते हैं मैं उनके आड़े आ रहा हूं। वही अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। मैं समाज को भी कहना चाहूंगा कि ये सारी चीजें शोभा नहीं देती हैं।'
पीएम मोदी ने अपने इंटरव्यू में साफ किया कि चुनाव जहां भी हों उनका अजेंडा विकास ही है। पीएम ने कहा कि देश को भी भरोसा है कि हमारा मुद्दा विकास ही है।
Comments