| शायरा बानो |
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से मुसलमानों की 4 शादी को भी सही ठहराया गया है और इसकी पुरजोर वकालत करते हुए कहा गया है कि इससे महिलाओं की रक्षा होती है। बोर्ड की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में 68 पेज का एक हलफनामा दाखिल किया गया है जिसमें ये सब बातें कही गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में शायरा बानो और अन्य महिलाओं ने तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित करने के लिए याचिका दाखिल की हुई हैं और उसी के जवाब में पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से इस तरह का हलफनामा दाखिल किया गया है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से मुस्लिम पुरुषों को चार शादियों की अनुमति देने वाले इस्लामी बहु विवाह कानून की वकालत करते हुए कहा गया है कि इसका मकसद अवैध संबंधों को रोकना और महिलाओं की रक्षा करना है। उसके हलफनामे में कहा गया है कि मनचाहे तलाक से मुस्लिम महिलाओं की रक्षा की कोर्ट की चिंता फिजूल है। बोर्ड ने ये भी कहा है कि 1985 में सुप्रीम कोर्ट के शाहबानो मामले में फैसले को पटलने के लिए राजीव गांधी सरकार ने जो कानून बनाया था वो मुस्लिम महिलाओं की रक्षा के लिए काफी है।- Blogs | गुरुवार जून 9, 2016 10:10 PM IST
- नरेंद्र मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने ट्रिपल तलाक के मसले पर अपना आपा खो दिया। मुस्लिम समाज में महिलाओं के एक तबके में कदम उठ रहे हैं जो इस रूढ़िवादी रवायत को बदलना चाहते हैं।
- India | गुरुवार जून 2, 2016 04:06 AM IST
- भारत में एक साथ तीन तलाक की व्यवस्था को खत्म करने की आवाज तेज होने लगी है। इस व्यवस्था को खत्म करने के लिए एक ऑनलाइन याचिका पर करीब 50,000 मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर किए हैं।
तीन तलाक को लेकर कई महिला संगठनों और महिला अधिकार की आवाज बुलंद करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रकट किया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने बोर्ड से जवाब मांगा जिस पर ये हलफनामा दाखिल किया गया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि तलाक, शादी और शादी के बाद देखरेख सभी धर्मों में अलग-अलग हैं। धर्म के अधिकार को कोर्ट फैसला नहीं दे सकता है।

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