गिरफ्तार हुए तीन विधायकों पर दर्ज हुए मामले करीब एक जैसे ही हैं। इन तीन मामलों में महिलाओं (मुख्यतः समाज सेविकाओं) ने विधायकों के खिलाफ बदसलूकी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब भी वो अपनी शिकायत लेकर इन विधायकों के पास गईं उनके लोगों ने महिलाओं से दुर्व्यवहार किया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने इन विधायकों को हिरासत में ले लिया। एक विधायक गलत हो, दो हों, तीन हों, लगता है यहाँ इसी प्रवित्ति का वातावरण हैं। भगोने में पकते चावलों में दो/तीन चावल ही देखे जाते हैं कि चावल पका या नहीं। सारे चावल का पता चल जाता है।
विवाद ही विवाद
मामला केवल पुरुष विधायकों तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल के खिलाफ रेप पीड़िता का नाम सार्वजनिक करने और उसकी छवि को धूमिल करने का मामला दर्ज हुआ है।
लेकिन अभी संदीप कुमार की सेक्स सीडी प्रकरण ने सिद्ध कर दिया कि इस पार्टी से जितनी दूरी बनाए रखो उतना ही अच्छा, क्योंकि कब क्या खेल खिल जाए, कुछ पता नहीं। लगाते रहो कोई भी रिन, घडी, उजाला, या कोई अन्य साबुन लगे दाग को मिटाने में। समझ में नहीं आता किन-किन अवांछित तत्वों को पार्टी में सम्मिलित कर लिया। पहना दी टोपी, बोल "मैं भी अन्ना, तू भी अन्ना", "लोकपाल बिल", "स्वराज" आदि आदि। दिल्ली को तो सुधार नहीं पा रहे, चले थे मोदी को हराने वाराणसी।
पाकिस्तान और केजरीवाल की सामान मानसिकता
स्टिंगो की भरमार
पार्टी सूत्रों पर यदि विश्वास किया जाये, तो कईयों के स्टिंग हो चुके हैं, जिनमे कुछ तो वरिष्ठ नेता भी सम्मिलित हैं। विश्वास करना भी पड़ेगा, क्योंकि पंजाब से टिकटों की नीलामी के अलावा, महिला-शोषण के समाचार भी रिसने शुरू हो चुके हैं। बल्कि नाम भी उजागर हो रहे हैं। और ये वासना की भूख गोवा तक पहुँच चूकी है। बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और न जाने कौन-कौन से प्रदेश पंक्ति में खड़े हैं? केजरीवालजी, ऐसा है कि "जिस उद्देश्य से आपके आकाओं ने मैदान में उछाला था, दिल्ली प्रशासन में तो पूरा हो गया. घोटाले की जिन फाइलों को ठिकाने लगाना था, वह काम लगभग आप पूरा कर चुके हो। अब आपकी लेशमात्र भी जरुरत नहीं। अब वही आका स्टिंगों के माध्यम से आपको किसी दीन का नहीं छोड़ेंगे।" आपकी पार्टी में भाजपा या किसी अन्य पार्टी से आया। नहीं। होंगे तो कुछ अपवाद, या अवसरवादी। अधिकतर कांग्रेस से आये। आँखें खोल लो।
सरकार और पुलिस को चाहिए की वासना की इस आग में जो भी लिप्त पाया जाए, महिला एवं पुरुष दोनों के बैंक खातों की जाँच हो। क्योंकि ये आग ऐसी है, जिसमे मोटा माल यानि नोटों का खेल है।
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