देश के प्रधान सेवल नरेंद्र दामोदर दास मोदी, देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले। पीएम मोदी के लगातार काम करते रहने के जुनून से पूरी दुनिया वाकिफ है। हर परिस्थिति में वो देश के लिए ही सोचते हैं। हाल ही में चीन से जी-20 सम्मेलन से लौटे थे। उसके बाद वो आसियान देशों के सम्मेलन के लिए लाओस निकल गए। देश के सामने पारिवारिक जीवन और रिश्तों का त्याग कर रखा है।
मगर पीएम मोदी के 56 इंच के सीने के अंदर एक दिल है. जहां इंसानी संवेदनाएं भी हैं। क्या आप जानते हैं कि जब प्रधानमंत्री मोदी आसियान देशों के सम्मेलन में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर फटकार लगा रहे थे तो उन पर क्या बीत रही थी। सम्मेलन के दौरान ही उन्हे पता चला कि उनके बड़े भाई प्रहलाद मोदी की बेटी निकुंज की मौत हो गई। अपनी दुलारी भतीजी की मौत की खबर सुनकर मोदी की आंखें नम हो गईं।
मगर पीएम मोदी के 56 इंच के सीने के अंदर एक दिल है. जहां इंसानी संवेदनाएं भी हैं। क्या आप जानते हैं कि जब प्रधानमंत्री मोदी आसियान देशों के सम्मेलन में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर फटकार लगा रहे थे तो उन पर क्या बीत रही थी। सम्मेलन के दौरान ही उन्हे पता चला कि उनके बड़े भाई प्रहलाद मोदी की बेटी निकुंज की मौत हो गई। अपनी दुलारी भतीजी की मौत की खबर सुनकर मोदी की आंखें नम हो गईं।
भतीजी की मौत के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी देश के प्रति अपने कर्तव्य को निभाते रहे। दिल में भावनाओं का ज्वार भाटा और आंखों में नमी के बाद भी वो मुस्कुरा के आसियान सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों से मिल रहे थे। देश के प्रति खुद को समर्पित कर देने की मिसाल है मोदी का ये व्यवहार। उन्होने साबित कर दिया कि ह्रदय में देश सेवा का जज्बा सभी रिश्तों और संबंधों से ऊपर है। बता दें कि निकुंज को दिल की बीमारी थी। पिछले 8-9 सालों से वो इस गंभीर बीमारी से जूझ रही थी।
41 साल की निकुंजबेन अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती थी। जी-20 सम्मेलन से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनका हाल पूछा था। वो लगातार फोन के जरिए अपनी भतीजी के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहते थे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी भतीजी से बेहद प्यार करते थे। अपनी गोदी में उन्हे खिलाया था। वहीं निकुंज के पिता प्रहलाद का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा मोदी परिवार गम में डूबा हुआ है।
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