इसके साथ ही प्रधानमंत्री की 9 और 10 नवंबर को इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मेलन में शिरकत करने की संभावना करीब-करीब खत्म हो गई है। बैठक में सर्जिकल ऑपरेशन के तहत पीओके स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविरों के खिलाफ सीधी कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। बैठक में गृह मंत्री राजनाथ, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर, एनएसए अजित डोभाल, सेना प्रमुख दलबीर सिंह, आईबी और रॉ के मुखिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में उपस्थित एक अधिकारी के मुताबिक अल्पकालिक रणनीति के तहत घुसपैठ वाले पाकिस्तानी पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई, घुसपैठ की कोशिश के दौरान बड़ा अभियान चलाने, व्यापक पैमाने पर सर्चिंग ऑपरेशन चलाने की योजना बनी है। यह भी तय हुआ है कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने का सबूत पाकिस्तान की जगह अंतर्राष्ट्रीरीय संगठनों को दिया जाए।
इसके पहले आर्मी ने साफ कहा कि हमला पाकिस्तान की साजिश था। बरामद किए गए जीपीएस ट्रेकर की र्स्टाटिंग पोजिशन पाकिस्तान में है। डीजीएमओ ने कहा, “आर्मी जवाब जरूर देगी। वक्त और जगह भी वह खुद ही तय करेगी। हम इस तरह के हमलों का जवाब देने में सक्षम हैं।”इस साल आर्मी ऑपरेशन्स में 110 आतंकी मारे गए। इसमें से 31 घुसपैठ के दौरान मारे गए हैं।
सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें इस साल बढ़ी हैं। उड़ी में मारे गए आतंकियों के पास से फूड पैकेट्स, हथियार और मेडिसिन बरामद की गई हैं। इन सभी पर पाकिस्तान की मार्किंग हैं। 4 एके-47 राइफल, 39 अंडर बैरल लॉन्चिंग ग्रेनेड, 5 हैंड ग्रेनेड, 2 रेडियो सेट, 2 जीपीस भी बरामद किए गए हैं। सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है।”
हमले में 18 जवान शहीद हुए हैं। एक जवान की मौत सोमवार को इलाज के दौरान हुई। 13 की मौत टेंट में लगी आग से जिंदा जलने से हुई थी। मौके पर मौजूद एक जवान के मुताबिक, आतंकी तड़के 3.30 बजे कैंप की पिछली दीवार से घुसे। 105 मिनट तक नाइट विजन से कैंप का जायजा लिया। फिर सुबह 5.15 बजे फ्यूल टैंक से डीजल भर रहे निहत्थे जवानों पर धावा बोल दिया। 3 मिनट में 17 ग्रेनेड दागे। इस हमले से 150 मीटर इलाके में फैले टेंट और बैरकों में आग लग गई। वहां मौजूद 19 साल के डोगरा रेजिमेंट के जवान ने एक आतंकी को मार गिराया। बाकी तीन बुरी तरह जख्मी थे। उस जवान के हेल्मेट पर भी गोली लग चुकी थी। उसे साथी जवानों ने बाहर निकाला।
आर्मी बेस के अंदर डीजल टैंक में धमाका होते ही आतंकवादी अलग-अलग होकर बैरकों में घुस गए। बैरक खाली थे। आतंकी वहां दूसरे फ्लोर तक पहुंच गए। बाद में हेलिकॉप्टर से पहुंचाए गए 4 पैरा कमांडो ने तीन आतंकियों को मार गिराया।
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