
प्रधानमंत्री मोदी को देश की बागडोर संभाले 2 साल से ज्यादा बीत चुके हैं
और इन दो वर्षों में सबसे अधिक चर्चा मोदी की विदेश नीति की रही,
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में भारत का डंका बजाने के अलावा दुश्मन देशों
चीन और पाकिस्तान को चारों तरफ से घेर दिया, हालाँकि हमारे देश की
राजनीतिक पार्टियाँ और आरोपों की राजनीति खेलने वाले कुछ नेता मोदी की
विदेश नीति खासतौर पर पाकिस्तान के प्रति नीति को फेल बताते हैं लेकिन अगर
वे लोग यह खबर पढेंगे तो शर्म से डूब मरेंगे।

अपनी चुनावी रैलियों में नरेंद्र मोदी पाकिस्तान पर पिछली सरकार को आरोपित करते कहा करते थे "पाकिस्तान को प्रेम पत्र लिखना बंद करो। उसे उसी की भाषा में जवाब दो। ..."लेकिन प्रधानमंत्री बनने पर पाकिस्तान दौरा भी किया, कई दौर बातचीत के भी होने पर, समस्त विपक्ष मोदी पर प्रहार करने में जुट गया। मोदी के दिमाग में क्या चल रहा है, किसी ने लेशमात्र भी चिन्ता नहीं की। क्योंकि इनका धेय तो केवल मोदी को नीचा दिखाना था। जैसा मैंने एक लेख में मोदी विरोधियों पर कटाक्ष करते निम्न लेख के अतिरिक्त एक और लेख जिसका शीर्षक था "मोदी है ही फेंकू"
चिंतन जनसमस्या राष्ट्रीय समाचार कुछ काम नही किया है मोदी जी ने November 17, 2015November 17, 2015 Devbhoomi Samachar 0 Comment my thinking, national news आर बी एल निगम देखो हर साल कांग्रेस कितना काम करती थी, खोदकर लाया हूँ उनके सारे…

इन लेखों को जैसे से अपने फेसबुक पर डाला, लोगों ने बिना पढे अपशब्दों के साथ नाम निकाल दिया। पत्रकार का काम ही है, गाली खाना।
खैर, मोदी का पाकिस्तान के हाथ बढ़ाने और चीन के साथ बातचीत को असफल विदेश नीति करार देने वाले आश्चर्यचकित है कि मोदी ने किस तरह चीन और पाकिस्तान को घेरा है, जिसमें लाल बहादुर शास्त्री को छोड़ लगभग सभी प्रधानमंत्री असफल रहे। यह मोदी की विदेश नीति का असर है कि आज पाकिस्तान गृह युद्ध में जकड़ता जा रहा है।
1. पाकिस्तान हमेशा भारत के कश्मीर को
हड़पने के लिए यहाँ पर आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है, हमेशा आतंकवादियों की
घुसपैठ कराकर कश्मीर में हिंसा का नंगा नाच खेलता रहता है, इससे पहले
पाकिस्तान के आतंकवादी दिल्ली या मुंबई में जहाँ मर्जी वहां बम विस्फोट कर
देते थे लेकिन पिछले दो वर्षों में आतंकवादी सीमा के आसपास की मार दिए जाते
हैं, अब दिल्ली या मुंबई पहुँचने के लिए आतंकवादियों को कोई मौका नहीं मिल
रहा है।



2. देश में दो वर्ष पहले पूरे 10 वर्ष तक
कांग्रेस-UPA सरकार थी, पाकिस्तान हमेशा कश्मीर कश्मीर की रट लगाता रहा,
यूनाइटेड नेशन में कश्मीर का मसला और यहाँ की हिंसा को दिखाकर भारत पर
अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाता रहा लेकिन कांग्रेस ने कभी भी POK, गिलगित और
बलोचिस्तान का मुद्दा उठाकर पाकिस्तान पर दबाव बनाने की कोशिश नहीं की,
कांग्रेस ने अपनी जुबान से POK का नाम भी नहीं लिया जिसकी वजह से पाकिस्तान
का हौसला बढ़ता रहा और उसने धीरे धीरे फंडिंग करके कश्मीर को आतंकवाद और
अलगाववाद का गढ़ बना दिया लेकिन मोदी ने हाल ही में सीना तानकर POK, गिलगित
और बलोचिस्तान का नाम लेते हुए पाकिस्तान को दिन में तारे दिखा दिए, आज
POK, गिलगित और बलोचिस्तान में मोदी की जय जय कार हो रही है, हर तरफ से
आजादी की मांग हो रही है, POK, गिलगित, सिन्धु और बलोचिस्तान पाकिस्तान से
आजादी की मांग कर रहे हैं, मोदी ने एक ही चाल में पाकिस्तान के टुकड़े टुकड़े
करने का इरादा जता दिया।

3. अब तक अमेरिका खुले तौर पर पाकिस्तान
की आर्थिक मदद करता था, पाकिस्तान को हथियारों के साथ साथ मोटा पैसा भी
दिया जाता था, इन्हीं हथियारों और पैसों के दम पर पाकिस्तान भारत को हमला
करने, यहाँ पर आतंकी वारदार कराने और भारत को बर्बाद करने की योजनायें
बनाता था लेकिन भारत ने ऐसी राजनीति खेली कि अमेरिका ने पाकिस्तान को दी
जाने वाले आर्थिक मदद में दो तिहाई की कटौती कर दी साथ ही यह भी कह दिया कि
इन पैसों का उपयोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जाना चाहिए,
आतंकवादियों को पालने पोषने में नहीं।

4. भारत ने पाकिस्तान की दुश्मनी का जवाब
देने के लिए अफ़ग़ानिस्तान से घनिष्ट दोस्ती कर रखी है साथ ही अफ़ग़ानिस्तान के
विकास के नए नए रास्ते खोल रहा है, एक तरह पाकिस्तान भुखमरी और गुलामी की
जंजीरों में कैद होता जा रहा है तो दूसरी तरफ अफ़ग़ानिस्तान भारत से दोस्ती
करके तरक्की कर रहा है, हाल ही में मोदी ने अफ़ग़ानिस्तान में विकास की कई
परियोजनाएं शुरू की हैं, इसके अलावा ईरान के चाबाहर में भारत ने मालगोदाम
बनाया है और वहां से अफ़ग़ानिस्तान के लिए ट्रासपोर्ट कॉरिडोर बना रहा है
ताकि अफ़ग़ानिस्तान पूरी दुनिया के साथ जुड़ जाए और विकास की नयी ऊँचाइयों को
छुए, अफ़ग़ानिस्तान के विकास करने और ताकतवर होने से चाइना और पाकिस्तान
कमजोर होंगे जो भारत के लिए फायदेमंद है।

5. अब तक पाकिस्तान भारत के कश्मीर में
आतंकवादी हमले करवाकर और यहाँ से आजादी के नारे लगवाकर भारत को परेशान करता
था लेकिन मोदी के एक इशारे पर POK, गिलगित, सिन्धु और बलोचिस्तान में
पाकिस्तान से आजादी की मांग उठने लगी, अब पाकिस्तान को समझ में नहीं आ रहे
है कि पहले अपना घर संभाले या भारत के विकास में रोड़े डाले, अगर भारत के
विकास में रोड़े डालेगा, आतंकवादी पालेगा तो उसके चार टुकड़े हो जाएंगे, ये
भी हो सकता है कि आने वाले समय में पाकिस्तान का नाम ही विश्व के मानचित्र
से हट जाए।
6. मोदी की विदेश नीति की सबसे बड़ी खासियत
यह है कि आज पूरी दुनिया जान गयी है कि पाकिस्तान एक आतंकवाद समर्थक
राष्ट्र है, आतंकवादी हाफिज सईद जैसे लोगों को उसने अपने यहाँ पनाह दे रखी
है जो आतंकवाद हमले करवाते हैं, आज पूरी दुनिया में पाकिस्तान एक्सपोज हो
गया है।
इसके विपरीत भारतीय विपक्ष है जो आतंकवादियों पर विधवा-विलाप करने में धर्म-निरपेक्षता का छद्दम उपदेश दे रहे हैं। कोई इन छद्दम धर्म-निरपेक्षों से पूछने वाला नहीं कि "क्या यही है तुम्हारी विदेश नीति?" विदेश नीति किसकी शक्तिशाली है : मोदी की या मोदी विरोधियों की?
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