पीएम मोदी ने कहा कि अब बात कश्मीर की नहीं बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर की होगी। इस बयान के बाद तो मानो पाकिस्तान बौखला गया। उसकी काली करतूत जो सालों से परदे के पीछे ती वो दुनिया के सामने आ गी। इसी बौखलाहट में पाकिस्तान ने फिर से अपने पागलपन का सबूत दिया। पाकिस्तान की आजादी के दिन यानि 14 अगस्त को दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमिशन में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने जो बयान दिया उस से साफ है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर बर्बाद तक होने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान ने आज यहां एक भड़काऊ संदेश में कहा कि वह अपने स्वतंत्रता दिवस को कश्मीर की ‘आजादी’ के लिए समर्पित करता है और वह राज्य की जनता को कूटनीतिक, राजनीतिक और भावनात्मक स्तर पर पूरा समर्थन देता रहेगा।
पाकिस्तानी दूतावास में देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के मौके पर भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने ये टिप्पणियां की हैं। भारत ने कल जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के पाकिस्तान के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए पाक-समर्थित सीमा पार आतंकवाद को खत्म करने की मांग उठाई थी। बासित की टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब पाकिस्तानी बलों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम का उल्लंघन किया है।
बासित ने कहा, ‘जहां तक जम्मू-कश्मीर की बात है तो हम इस साल के स्वतंत्रता दिवस को कश्मीर की आजादी के लिए समर्पित करते हैं। हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘मौजूदा अशांति खत्म होनी चाहिए। पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर की साहसी जनता को कूटनीतिक, राजनीतिक और भावनात्मक स्तर पर तब तक अपना पूरा समर्थन देता रहेगा जब तक उन्हें आत्मनिर्णय का उनका अधिकार नहीं मिल जाता।’ बासित ने कहा कि ‘चाहे जितनी भी ताकत का’ इस्तेमाल क्यों न कर किया जाए लेकिन जम्मू-कश्मीर की जनता की राजनीतिक आकांक्षाओं को दबाया नहीं जा सकेगा और ‘स्वतंत्रता आंदोलन’ अपने तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचेगा। अपने संबोधन में बासित ने कहा कि पाकिस्तान ने द्विपक्षीय मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान और सार्वभौम समानता के आधार पर हमेशा से भारत के साथ अच्छे संबंध चाहे हैं।
कश्मीर की आजादी तक संघर्ष
एएनआइ की रिपोर्ट के अनुसार, इसके अलावा बासित ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की है। पाकिस्तान इस साल के स्वतंत्रता दिवस और स्वतंत्रता संघर्ष कश्मीर को समर्पित करेगा। बासित ने दिल्ली के लिए अपनी यात्रा के दौरान कहा कि आजादी के लिए संघर्ष कश्मीर की आजादी तक जारी रहेगी। कश्मीर के लोगों के बलिदान व्यर्थ में नहीं जाएगा।
बासित ने मुद्दे को विशेष संदर्भ बनाया
आपको बता दें कश्मीर में हिंसा को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। इस बीच भारत ने 9 अगस्त को बासित को तलब किया था। विदेश सचिव एस जयशंकर ने अपने कार्यालय में बासित को बुलाया और इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया क्योंकि बासित ने लश्कर आतंकवादी और पाकिस्तान के राष्ट्रीय बहादुर अली ने जो उत्तरी कश्मीर में हाल ही में एक मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया था उस मुद्दे को एक विशेष संदर्भ बना दिया था।
विदेश मंत्रालय के मंत्री विकास स्वरूप द्वारा एक ट्विट के अनुसार, बहादुर अली को कश्मीर में भारतीय अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया था और उसने स्वीकार किया है कि लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में प्रशिक्षण के बाद वह भारत में घुसपैठ कर रहा था।
पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर के लोगों को समर्थन
बासित की टिप्पणी उस दिन आई थी जब पाकिस्तानी सेना ने जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। बासित ने कहा, 'चल रही अशांति को समाप्त किया जाना चाहिए। पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर के बहादुर लोगों के लिए अपनी पूरी, राजनयिक, राजनीतिक और नैतिक समर्थन का विस्तार करने के लिए जारी रहेगा जब तक उन्हें आत्मनिर्णय के लिए उनके अधिकार नहीं मिल जाते।
कोई भी शक्ति से पाकिस्तान को नुकसान नहीं
बासित ने इसके साथ ही कहा कि आज हमारे देश को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कोई भी शक्ति पाकिस्तान के लिए किसी भी नुकसान का कारण नहीं बन सकता है। जो लोग पाकिस्तान को मुसीबत में डालना चाहते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि हमारे लोगों, यह हो मुसलमान, हिंदू या सिख, हम साथ हैं और बिना संकोच के पाकिस्तान की भलाई के लिए बलिदान देने में नहीं हिचकिचाएंगे।
भारत की जमीन पर अब्दुल बासित ने कहा कि इस साल का जश्न-ए-आजादी कश्मीर की आजादी के नाम है। अब्दुल बासित न जाने किसके इशारे पर इस तरह का बयान दे रहे हैं। लेकिन शायद उन्हे नहीं पता कि वो जिस कश्मीर की आजादी की बाद कर रहे हैं उसे खुद पाकिस्तान ने ही गुलाम बना रखा है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को ही गुलाम कश्मीर कहा जाता है। भारत उसी पीओके पर बात कर रहा है। लेकिन उसे ये समझ आए तो बात बनें। उसे तो बस कश्मीर की पीपड़ी बजानी है। बिना कुछ सोचे समझे।
अब्दुल बासित ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश करता रहा है। लेकिन भारत ने कश्मीर मुद्दे पर बात करने से इंकार कर दिया। पाकिस्तान के नुमाइंदों को समझने की जरूरत है कि अपने आंतरिक मुद्दों पर हम पड़ोसी देश से क्यों बात करें। दुनिया भर के देश ये मानते हैं कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है लेकिन पाकिस्तान को इस से कोई मतलब नहीं है। जिस तरह से वो इस मामले को लेकर आग उगल रहा है उसी आग में वो एक दिन जल जाएगा। ये पाकिस्तान को समझने की जरूरत है।
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