नरेंद्र मोदी के काम करने के तरीके का आकलन हर वर्ग अपने हिसाब से कर रहा है, कारोबारी वर्ग से लेकर मीडिया और जनता से लेकर अधिकारियों तक में पीएम मोदी एक स्वच्छ संदेश पहुंचा रहे हैं. ये संदेश है कि हर किसी को अपने दायरे में रहना होगा. फिर वो चाहे मीडिया हो या फिर कारोबारी वर्ग, संविधान के दायरे से बाहर जाने पर किसी की सुनवाई नहीं होगी.
NDTV के ओनर प्रणव रॉय तक भी एक संदेश पहुंचा है, मनी लॉन्डरिंग के आरोपों में ED के बाद अब SEBI ने नोटिस थमा दिया, आपको बता दें कि प्रणय रॉय को 2030 करोड़ रुपये के निवेश के सिलसिले में ईडी ने नोटिस भेजा था. इस मामले को निपटाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प प्रणव रॉय के पास नहीं था. और हमारे देश में किसी भी मामले को निपटाने के लिए सेंटिंग की जरूरत होती है.
वेब पोर्टल www.indiasamvad.co.in में छपी खबर के मुताबिक NDTV के प्रणव रॉय ने इस मामले को निपटाने की जिम्मेदारी अपने ही संस्थान की मशहूर महिला पत्रकार बरखा दत्त को दी. बरखा दत्त ने इस मामले को निपटाने के लिए अरुण जेटली से संपर्क किया और बड़ी मुश्किल के बाद जेटली को रॉय से मिलने के मनाया. पोर्टल के मुताबिक इस मसले को लेकर अरुण जेटली और प्रणव रॉय की मुलाकात हो चुकी है.
पोर्टल के मुताबिक इस मुलाकात के बाद जेटली और प्रणव रॉय के बीच बात नहीं बनी। अरुण जेटली रॉय के आग्रह को पीएम मोदी तक पहुंचाने के लिए मान गए. पोर्टल के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मामले की फाइल पीएम मोदी के आगे भी की थी, लेकिन वहां से भी उनको कोई राहत नहीं मिली.
पीएम मोदी पहले ही अपने कैबिनेट में इस बात का साफ संदेश दे चुकें हैं कि जितने भी मसले किसी सिफारिश के लिए आते है, उन्हे वही दफन कर दिया जाना चाहिए. उनका मानना है कि सिफारिशों का जितने निचले स्तर पर निपटा लिया जाए उतना बेहतर होगा. ऐसा ही कुछ तब हुआ जब ये फाइल पीएम मोदी के पास पहुंची तो इसे तुरंत हटा दिया गया.
पहले तो एनडीवी इस मसले को लेकर मना करता रहा और किसी भी नोटिस को लेकर इनकार करता रहा, सितंबर 2015 में ये खबर बाहर आई थी कि चैनल और चैनल के मालिकों के पास ईडी का नोटिस आया है. लेकिन उस वक्त NDTV ने कहा था कि ईडी ने चैनल से कुछ जानकारी की मांग की है, लेकिन अब शुक्रवार को बीएसई को दी जानकारी में चैनल ने माना कि विदेश मुद्रा नियमों के कथित उल्ल्घंन को लेकर ईडी ने एक कारण बताओं नोटिस जारी किया है.
दरअसल कई मामलों में फेमा उल्लंघन के मद्देनजर NDTV पर कुल 2030 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा है. फेमा उल्लंघन के जितने भी मामले होते है उनकी जांच ईडी करता है. जानकारी के मुताबिक NDTV को इस मामले की जानकारी सितंबर में लग चुकी थी. कंपनी के ओनर प्रणव रॉय और उनकी पत्नी को सिंतबर के महीने में ही नोटिस जारी किया चुका था.
पीएम मोदी की तरफ से राहत न मिलने के बाद से चैनल के मालिक प्रणव रॉय की रातों की नींद उड़ चुकी है. ईडी और सेबी का नोटिस मिलने के बाद चाहकर भी उनकी मदद कोई नहीं कर पा रहा है. हालांकि वो शुरू में इसी वजह से नोटिस की बात छिपाते रहें, क्योकि उन्हे किसी से मदद की उम्मीद जरूर थी. लेकिन अब किसी भी तरह की उम्मीद NDTV के मालिक प्रणव रॉय को नजर नहीं आ रही है.(साभार)
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