लेकिन समिति ने मान की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि आप नेता ने अपने कार्य की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पठानकोट में भारतीय वायुसेना के अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले से तुलना कर अपने माफीनामे का गुड-गोबर कर दिया।
एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, “समिति ने इस तरह की दोहरी बयानबाजी को स्वीकार नहीं किया। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 48 घंटों का समय दिया जाता है। उन्हें सोमवार को समिति के सामने होने के लिए कहा गया है।”
इससे पहले मान ने पांच पृष्ठों के अपने पत्र में समिति से कहा था कि यदि समिति को लगता है कि उन्होंने गलती की है तो वह बिना शर्त माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
लेकिन मान ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को भी समिति को समन जारी करना चाहिए, क्योंकि वह (मोदी) भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को आतंकवादी हमले के बाद पठानकोट सैन्य अड्डा दिखाने ले गए थे।
समिति रोज बैठक कर रही है, क्योंकि समिति को तीन अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है और तब तक के लिए मान को संसद न आने के लिए कहा गया है।


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