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आरएसएस से जुड़े लोग कहीं भी जा सकते हैं-- सरकार्यवाह भैयाजी जोशी

नीतिन गडकरी को भाजपा अध्यक्ष बनानेवाले संघ ने खुद को गडकरी का गॉडफादर मानने से मना कर दिया है। आज संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा कि यह सब मीडिया कहती है वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं है। गडकरी के पद पर बने रहने या हटाने की बात पर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर बीजेपी नेता को पद पर बने रहने या हटाने का निर्णय पार्टी को लेना है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो आरोप लगे हैं उसके आधार पर उन्हें पद छोड़ने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद भाजपा का एक धड़ा उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाने के खिलाफ नजर आ रहा है।

संघ को गडकरी का गॉडफादर कहे जाने और भ्रष्टाचार के आरोप के मद्देनजर गडकरी को हटाने के बारे में संघ के शीर्ष नेतृत्व में दूसरे क्रम के नेता जोशी ने आज पटना में कहा कि मीडिया के लोग ही ऐसा कहते है। ऐसा नहीं है। गडकरी पर जो आरोप लगे हैं उनके आधार पर उन्हें पद छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। गडकरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहना है या उन्हें हटाना है इसका फैसला भाजपा को करना है। गडकरी को महाराष्ट्र की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर पर संघ ही लेकर आया था।
चिकित्सकों की एक संस्था आरोग्य भारती के कार्यक्रम में आए जोशी ने कहा कि गडकरी पर जो आरोप लगे हैं उस पर कानून के दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए। इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इसकी जांच होनी चाहिए। गडकरी ने खुद ही कहा है कि उन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि संघ के समर्थन के कारण गडकरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं। भ्रष्टाचार का आरोप लगने पर वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व अध्यक्ष बंगारु लक्ष्मण पर पद छोड़ने का दबाव बनाने और गडकरी मामले में दोहरा मापदंड के सवाल पर जोशी ने कहा कि यह संघ का विषय नहीं है। इसका जवाब गडकरी और भाजपा को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गडकरी के मामले में संघ न तो बचाव कर रहा, न समर्थन कर रहा है और न उसने विरोध किया है। भाजपा को अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए। गडकरी की कंपनी पूर्ती के साथ आरएसएस के संबंध पर जोशी ने कहा कि आरएसएस से जुड़े लोग कहीं भी जा सकते हैं वह किसी भी संगठन के साथ जुड़ सकते हैं। संघ कुछ भी कहे लेकिन गडकरी को राज्य से राष्ट्रीय स्तर पर संघ ही लेकर आया था। संघ भले ही खुद को गडकरी का गॉडफादर न माने लेकिन उन्होंने इशारों ही इशारों में कह दिया कि जो आरोप लगे हैं उसके कारण गडकरी को पद छोड़ने की जरूरत नहीं है।

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shannomagan
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