कुलभूषण जाधव की पत्नी की चूडि़यां, बिंदी और मंगलसूत्र उतरवाए गए, जूते वापस नहीं हुए: विदेश मंत्रालय
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां की दिसंबर 25 को पाकिस्तान में मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय ने दिसंबर 26 को बयान जारी करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने इस मुलाकात के दौरान भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं का ख्याल नहीं किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि मुलाकात से पहले कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां की चूडि़यां, बिंदी और मंगलसूत्र उतरवाए गए. उनके कपड़े बदलवाए गए. उनके जूते वापस नहीं हुए।
पाकिस्तान एक मुस्लिम देश होने के कारण सुहागन हिन्दू महिला की चूड़ियाँ, बिन्दी और मंगलसूत्र उतरवाए का कारण नहीं समझता या इस बात का यह अर्थ निकाला जाए कि एक सुहागन को उसके सुहाग को सामने एक विधवा के रूप में प्रस्तुत कर क्या संकेत दिया है कि "चिन्ता मत कर, बहुत जल्दी तुझे इसी तरह अपनी ज़िंदगी काटनी होगी।" पाकिस्तान द्वारा एक सुहागन को उसके सुहाग के सामने एक विधवा की तरह पेश करने पर उस सुहागन के दिल जो हाय निकलेगी, उस आग में पाकिस्तान ने अपनी बर्बादी लिख दी है। देखना यह है कि जिन लोगों ने एक भारतीय सुहागन को उसके सुहाग के जीते जी विधवा बनाया कब बर्बाद होंगे?"
दूसरे, किसी अख़लाक़ या आतंकी के मारे पर सड़क से संसद तक #not in my name, अवार्ड वापसी गैंग, भारत को असुरक्षित बताने वाले अब कहाँ चले गए? किसी आतंकी का एनकाउंटर में मारे जाने पर अदालतों में शोर मचाने मानवाधिकार वाले कहाँ गए? पाकिस्तान द्वारा किसी सुहागन को उसके सुहाग के सामने विधवा की तरह प्रस्तुत करना क्या मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं? किसी ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करने का साहस किया? जो उनकी गतिविधियों पर भी प्रश्नचिन्ह नहीं लगाती क्या?
| पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव को केवल 30 मिनट तक परिवार से मिलने का मौका दिया गया, वह भी कांच की दीवार के आर-पार से. |
सुषमा स्वराज से मुलाकात
इससे पहले पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के परिवार ने दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की है. 25 दिसंबर को पाकिस्तान में कुलभूषण के मिलकर कर जब उनकी मां और पत्नी दिल्ली पहुंचे तो सबसे पहले विदेश मंत्री से उनकी मुलाकात करवाई गई. कुलभूषण के परिवार के साथ विदेश मंत्री के निवास पर हुई यह मीटिंग सुबह साढ़े 9 बजे शुरू हुई. विदेश मंत्री के साथ यह मीटिंग काफी लंबे समय तक तक चली. बताया जा रहा है कि जाधव के परिवार द्वारा पाकिस्तान में जाधव से हुई बातचीत के बारे में विदेश मंत्री को बताया गया है
इससे पहले पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के परिवार ने दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की है. 25 दिसंबर को पाकिस्तान में कुलभूषण के मिलकर कर जब उनकी मां और पत्नी दिल्ली पहुंचे तो सबसे पहले विदेश मंत्री से उनकी मुलाकात करवाई गई. कुलभूषण के परिवार के साथ विदेश मंत्री के निवास पर हुई यह मीटिंग सुबह साढ़े 9 बजे शुरू हुई. विदेश मंत्री के साथ यह मीटिंग काफी लंबे समय तक तक चली. बताया जा रहा है कि जाधव के परिवार द्वारा पाकिस्तान में जाधव से हुई बातचीत के बारे में विदेश मंत्री को बताया गया है
जाधव के परिवार ने विदेश मंत्री को बताया कि इस्लामाबाद में उनके साथ क्या हुआ, कैसा व्यवहार किया गया, क्या बातें की गईं और कुलभूषण ने उन्हें क्या बताया. विदेश सचिव एस जयशंकर और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार भी सुषमा स्वराज के निवास स्थान पर मौजूद थे.
पाकिस्तान की जेल में कथित रूप से जासूसी के मामले में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव ने सोमवार (25 दिसंबर) को इस्लामाबाद में अपनी पत्नी और मां से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान पाकिस्तान का रवैया चौंका देने वाला था. जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात एक बंद कमरे में शीशे की दीवार के बीच कराई गई. बातचीत के दौरान विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी वहां मौजूद थे. बातचीत के लिए एक इंटरकॉम का इस्तेमाल किया गया और कई कैमरों की निगरानी में पूरी मुलाकात हुई.
पाकिस्तान ने मानवीय आधार पर कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी को उनसे मिलने की इजाजत दी थी. हालांकि मुलाकात के दौरान पड़ोसी देश ने मानवता के सभी मापदंडों की अवहेलना की. यहां तक कि मुलाकात से पहले जाधव की पत्नी और मां के कपड़े तक बदलवाए गए. उनके कानों की बाली से लेकर बिंदी भी हटा दी गई. मुलाकात से पहले जारी तस्वीर और वीडियो में दिख रहा है कि जाधव की मां और पत्नी इस्लामाबाद पहुंचे तब दोनों ने बिंदी लगाई थी कानों में बालियां भी पहनी थी. लेकिन मुलाकात के दौरान कमरे में बैठे परिजनों के कान खाली थे और बिंदी भी हटा दी गई.
बदलवाए गए कपड़े?
मुलाकात से पहले और बाद के फोटो में साफ नजर आ रहा है कि इस्लामाबाद पहुंचने के बाद जाधव की मां और पत्नी के कपड़े बदलवाए गए थे. मुलाकात से पहले की फोटो में मां ने सफेद रंग की साड़ी पहनी हुई थी और उन्होंने एक शॉल ली थी, जबकि पत्नी ने लाल-पीले रंग का सूट पहना था और एक शॉल भी ओढ़े हुए थीं. मुलाकात के बाद भी दोनों इन्हीं कपड़ों में नजर आईं लेकिन बंद कमरे में मुलाकात के दौरान दोनों की ही वेशभूषा अलग थी.
मुलाकात से पहले और बाद के फोटो में साफ नजर आ रहा है कि इस्लामाबाद पहुंचने के बाद जाधव की मां और पत्नी के कपड़े बदलवाए गए थे. मुलाकात से पहले की फोटो में मां ने सफेद रंग की साड़ी पहनी हुई थी और उन्होंने एक शॉल ली थी, जबकि पत्नी ने लाल-पीले रंग का सूट पहना था और एक शॉल भी ओढ़े हुए थीं. मुलाकात के बाद भी दोनों इन्हीं कपड़ों में नजर आईं लेकिन बंद कमरे में मुलाकात के दौरान दोनों की ही वेशभूषा अलग थी.
सुरक्षा कारणों का हवाला
शीशे की दीवार में मुलाकात के सवाल पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फैजल की ओर से दलील दी गई कि उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि सुरक्षा कारणों के चलते शीशे की दीवार के बीच मुलाकात कराई जाएगी. वहीं जाधव को काउंसलर एक्सेस के सवाल पर फैजल ने कहा कि यह काउंसलर एक्सेस नहीं था. यह सिर्फ 30 मिनट की मुलाकात थी, जिसे जाधव के कहने पर 10 मिनट और बढ़ाया गया था.
शीशे की दीवार में मुलाकात के सवाल पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फैजल की ओर से दलील दी गई कि उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि सुरक्षा कारणों के चलते शीशे की दीवार के बीच मुलाकात कराई जाएगी. वहीं जाधव को काउंसलर एक्सेस के सवाल पर फैजल ने कहा कि यह काउंसलर एक्सेस नहीं था. यह सिर्फ 30 मिनट की मुलाकात थी, जिसे जाधव के कहने पर 10 मिनट और बढ़ाया गया था.
जाधव के परिवार का पाकिस्तान ने किया मानसिक उत्पीड़न
इस मुलाकात के तरीके पर सवाल खड़े हो रहे हैं. मानवीय आधार पर एक मां को अपने बेटे से और एक पत्नी को अपने पति से सीधे तौर पर नहीं मिलने दिया गया. वे आमने-सामने जरूर बैठे थे, लेकिन उनके बीच में शीशे की दीवार थी. तीनों आपस में बात कर सकें. इसके लिए इंटरकॉम का इंतजाम किया गया था. कुलभूषण जाधव की तस्वीरें देखकर कहा जा रहा है कि उन्हें पाकिस्तान में किस तरह प्रताड़ित किया गया है.
इस मुलाकात के तरीके पर सवाल खड़े हो रहे हैं. मानवीय आधार पर एक मां को अपने बेटे से और एक पत्नी को अपने पति से सीधे तौर पर नहीं मिलने दिया गया. वे आमने-सामने जरूर बैठे थे, लेकिन उनके बीच में शीशे की दीवार थी. तीनों आपस में बात कर सकें. इसके लिए इंटरकॉम का इंतजाम किया गया था. कुलभूषण जाधव की तस्वीरें देखकर कहा जा रहा है कि उन्हें पाकिस्तान में किस तरह प्रताड़ित किया गया है.
जाधव पर पाक ने किया अत्याचार
पिछले साल मार्च में गिरफ्तारी के बाद से जाधव की उनसे यह पहली मुलाकात है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से इस मुलाकात के जारी किए गए वीडियो में खुलासा हुआ है कि कुलभूषण जाधव के साथ वहां अत्याचार हुआ है. सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि शिपिंग कंटेनर में कुलभूषण जाधव की मुलाकात उनके परिवार से कराई गई. ये भी कहा जा रहा है कि शिपिंग कंटेनर में पर्दे और कैमरे भी लगाए गए थे. इस मुलाकात के वक्त यह शिपिंग कंटेनर किसी ऊंची बिल्डिंग के बेसमेंट में रखा गया था. विशेषज्ञों का कहना है कि शिपिंग कंटेनर में कैदियों को तभी रखा जाता है जब उन्हें प्रताड़ित करना होता है. शिपिंग कंटेनर लोहे की मोटी परत से तैयार किया जाता है. यह बिल्कुल साउंड प्रुफ होता है.
पिछले साल मार्च में गिरफ्तारी के बाद से जाधव की उनसे यह पहली मुलाकात है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से इस मुलाकात के जारी किए गए वीडियो में खुलासा हुआ है कि कुलभूषण जाधव के साथ वहां अत्याचार हुआ है. सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि शिपिंग कंटेनर में कुलभूषण जाधव की मुलाकात उनके परिवार से कराई गई. ये भी कहा जा रहा है कि शिपिंग कंटेनर में पर्दे और कैमरे भी लगाए गए थे. इस मुलाकात के वक्त यह शिपिंग कंटेनर किसी ऊंची बिल्डिंग के बेसमेंट में रखा गया था. विशेषज्ञों का कहना है कि शिपिंग कंटेनर में कैदियों को तभी रखा जाता है जब उन्हें प्रताड़ित करना होता है. शिपिंग कंटेनर लोहे की मोटी परत से तैयार किया जाता है. यह बिल्कुल साउंड प्रुफ होता है.
क्रूर मजाक और ड्रामा किया है पाकिस्तान ने
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में मारे गये भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कुलभूषण जाधव के परिवार की मुलाकात को क्रूर मजाक व ड्रामा करार दिया है. गौरतलब है कि सरबजीत की 2013 में पाकिस्तानी जेल में मौत हो गई थी. दलबीर कौर ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान ने जरा भी मानवता नहीं दिखाई. कांच के पार से परिवार को मिलाने का कोई मतलब नहीं है. जाधव का परिवार ही समझ सकता है कि वह किस दौर से गुजर रहा है. परिवार को गले न लगाने देना अमानवीय है. पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर लोगों को बेवकूफ बनाने का प्रयास कर रहा है.
आओ और मुझे फांसी पर लटका दो
अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव के मामले की पैरवी करने वाले वकील हरीश साल्वे का कहना है कि नौसेना के पूर्व अधिकारी की मनोदशा ठीक नहीं है. उन्हें यह विश्वास पत्नी व मां के साथ जाधव की बातचीत के तरीके से हुआ. एक टीवी चैनल से बातचीत में साल्वे का कहना था कि जाधव की बातों से ऐसा लग रहा था, मानो उन्हें किसी चीज की कोई चिंता नहीं है. वह इंतजार कर रहे हैं कि कब उनकी सजा को अमली जामा पहनाया जाये. साल्वे को सबसे ज्यादा जो चीज अखरी वह जाधव का अंग्रेजी में बात करना है. उनका कहना है कि मानसिक स्थिति दुरुस्त हो तो कोई भी व्यक्ति अपनी मातृ भाषा में ही बात करता है. चाहे उसे गुस्सा आये या फिर वह किसी को अपशब्द कहना चाहे, वह मातृ भाषा में ही अपनी भड़ास निकालता है, लेकिन यहां तो जाधव ने अंग्रेजी में इस तरह से बात की जैसे वह स्क्रिप्ट पढ़ रहे हो. हरीश साल्वे का कहना है कि कुलभूषण जाधव की मां के लिये इससे ज्यादा निराशा की बात क्या होगी कि उम्रदराज होने के बावजूद वह इतनी दूर तक यात्रा करके गईं और उन्हें शीशे के पीछे से बेटे की झलक मिली. वह न तो उन्हें छू सकीं और न ही अपने दिल की बात को बेटे से साझा कर सकीं और ना ही अपने लाल को गले लगा सकी. बेटे को मिली फांसी की सजा उनके लिए इससे कम दर्दनाक रही होगी. साल्वे का कहना है कि जाधव के हावभाव से ऐसा लगा मानो वह लोगों से कह रहे हों कि आओ और मुझे फांसी पर लटका दो.
जाधव का साथ पाक में इस्तेमाल हुआ है थर्ड डिग्री
कांग्रेस नेता व संयुक्त राष्ट्र में राजनयिक रहे शशि थरूर का कहना है कि मां व पत्नी से मुलाकात के बाद जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्हें देखकर लगता है कि जाधव के साथ पाक में थर्ड डिग्री इस्तेमाल की गई. थरूर का कहना है कि उनके कान पर चोटों के निशान दिख रहे हैं. समाजसेवी शहजाद पूनावाला का भी कहना है कि तस्वीरों से लग रहा है कि उनके सिर व कान पर चोटों के निशान हैं.
शीशे की दीवार, फोन पर बात पर मां पर क्या बीती होगी
कुलभूषण जाधव बचपन के मित्र ने इस बात पर निराशा जताई कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को उसे गले लगाने का मौका नहीं दिया. नौसेना के पूर्व अधिकारी की मां और पत्नी के साथ हुई मुलाकात में शीशे की दीवार थी. दोस्तों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने कहा है कि रिहाई और उनकी घर वापसी की लड़ाई जारी रहेगी. मुंबई के परेल इलाके में रहने वाले जाधव के बचपन के दोस्त तुलसीदास पवार ने टीवी पर जाधव की मां अवंतिका और उनकी पत्नी चेतना को शीशे के दो तरफ बैठे हुए देखा. पवार ने कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं कि एक मां जिसने दो साल पहले बेटे को देखा था, शीशे की दीवार में कैद बेटे को देख उनपर क्या बीती होगी. वह उसे छू भी नहीं सकती थी. बात भी फोन पर की. पाकिस्तानी अधिकारियों को मां को अपने बेटे को गले लगाने की अनुमति देनी चाहिए थी.
मुलाकात की योजना सोच समझकर किया गया तैयार
मालूम हो कि पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाये गये भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव सोमवार को इस्लामाबाद में अपनी मां और पत्नी से मिले. भारत सरकार द्वारा लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी. पाकिस्तानी मीडिया इस मुलाकात को अपने देश की बड़ी जीत के रूप में दिखा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि मुलाकात की योजना को पूरी तरह से सोच समझकर तैयार किया गया था. हालांकि, पाकिस्तान की जनता में इस मुलाकात को लेकर राय बंटी हुई है. मुहम्मद खालिद ने लिखा कि पाकिस्तान ने जाधव की अपने परिवार से मुलाकात करवाकर सद्भावना का संकेत दिया है. इससे निश्चित तौर पर पाकिस्तान की सकारात्मक छवि बनेगी. अर्सलान ताज गुम्मान का कहना है कि जाधव की परिवार से मुलाकात करवाकर पाकिस्तान ने सद्भावना का संकेत दिया है. तमाम बाधाओं के बावजूद पाकिस्तान अपने पड़ोसियों से बेहतर संबंध चाहता है. इसके अलावा कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया है.
पाकिस्तान की ओर से जारी किया गया एक वीडियो
पाकिस्तान में मृत्युदंड की सजा पाए भारतीय नौसेना के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव की उनकी मां अवंतिका और पत्नी चेतना के साथ मुलाकात के बाद पाक ने एक वीडियो भी जारी किया. इसमें जाधव कहते हैं कि मैं इस मुलाकात के लिए पाकिस्तान और मंत्रालय का आभारी हूं. मैं वास्तव में सभी का आभारी हूं. मैंने अनुरोध किया था कि मैं अपनी मां और पत्नी से मिलूं. हालांकि यह वीडियो पूर्व में रिकॉर्ड किया प्रतीत होता है, क्योंकि इसमें जाधव के कपड़े वह नहीं हैं, जो उन्होंने मां और पत्नी से चर्चा के वक्त पहने थे.
राजनयिक मुलाकात पर भ्रम
मुलाकात से पहले पाक विदेश मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने मीडिया से कह दिया कि पाक ने जाधव को भारतीय राजनयिक से मुलाकात की इजाजत दे दी है. भेंट के दौरान चूंकि भारतीय राजनयिक साथ रहेंगे, इसलिए यह राजनयिक मुलाकात होगी. लेकिन कुछ देर बाद उनके मंत्रालय के प्रवक्ता फैजल ने कहा कि काउंसलर एक्सेस नहीं होगी. भारतीय अफसर सिर्फ मौजूद रहेंगे. वे जाधव से न मिल सकेंगे न बातचीत कर सकेंगे.
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