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अलग-अलग लोगों से सेक्स करती दारूबाज लड़की… अनुराग कश्यप के पैसे से बनी ‘बैड गर्ल’, ब्राह्मणों को दिखाया नीचा

                 तमिल फिल्म बैड गर्ल की मुख्य पात्र एक ब्राम्हण लड़की (फोटो साभार: Bad girl teaser)
तमिल फ़िल्म ‘बैड गर्ल’ के हाल ही में रिलीज की गए टीज़र ने विवाद खड़ा कर दिया है। लोगों ने आरोप लगाया है कि इस फ़िल्म में ब्राह्मण समुदाय को गलत तरीके से प्रदर्शित किया गया है। फ़िल्म की डायरेक्टर वर्षा भरत ने किया है और इसके प्रोड्यूसर वेत्री मारन और अनुराग कश्यप ने किया है।

फिल्म को 31 जनवरी, 2025 को रॉटरडैम में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में सबसे पहले दिखाया जाएगा। इसके टीजर से सामने आया है कि फिल्म के निर्माता एक ब्राह्मण लड़की को दिखाना चाहते हैं जो समाज और परिवार से विद्रोह करती है। वह अपने तरीके से जीवन जीना चाहती है, इसके लिए वह अपने माता-पिता की भी बात नहीं मानती।

 उसको अलग-अलग लोगों से संबंध बनाते और शराब पीते हुए भी दिखाया गया है। इस फिल्म के टीजर को कई लोग अब निशाने पर ले रहे हैं। फिल्म डायरेक्टर मोहन ने भी इसकी आलोचना की। उन्होंने अनुराग कश्यप समेत बाकी लोगों को निशाने पर लिया।

उन्होंने लिखा, “ऐसे लोगों के लिए हमेशा से ही किसी ब्राम्हण लड़की के निजी जीवन को दिखाना बोल्ड रहा है…आखिर वेत्रिमारन, अनुराग कश्यप और कंपनी से और क्या उम्मीद की जा सकती है। ब्राह्मण माता-पिता को लगातार निशाना लिया जाना पुराना काम है… आप लोग अपनी जाति की लड़कियों के साथ ऐसा करके देखें और पहले अपने परिवार को दिखाएँ।”

मोहन जी के अलावा कई अन्य नेटिज़न्स ने ब्राह्मण समुदाय को नकारात्मक रूप में दिखाने पर फिल्म निर्माताओं की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “पुरुषों के खिलाफ लगातार स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देना मजाक है! वाह?”

एक और यूजर ने कहा कि फिल्म में ‘जहरीले फेमिनिज्म’ को दिखाया गया है। उसने कहा कि इस फिल्म में पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ भी बात की गई है और स्कूल जाने वाली लड़कियों को पुरुषों के लिए ऑब्जेक्ट के रूप में दिखाया गया है। यूजर ने यह भी कहा कि फिल्म ने पुरुषों के खिलाफ हिंसा को उकसाया है।

इस बीच, दक्षिणी फिल्मों के एक्टर विजय सेतुपति, डायरेक्टर पा रंजीत और धनुष जैसे कई अन्य लोगों ने फिल्म का समर्थन किया। डायरेक्टर रंजीत ने बोल्ड गर्ल को एक ‘बोल्ड’ और ‘फ्रेश’ फिल्म बताया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म महिलाओं के संघर्ष को दिखाती है। एक्टर धनुष ने भी इस टीज़र को शेयर किया।

इससे पहले डायरेक्टर वर्षा ने टीज़र लॉन्च के दौरान महिलाओं के बारे में ऐसी बातें कहीं, जिससे लोग आक्रोशित हुए। वर्षा ने दावा किया कि वह महिलाओं का ऐसा किरदार नहीं गढ़ना चाहतीं थी जिसमे उन्हें फूल जैसा कोमल दिखाया गया हो।

फिल्म को लगातार इस बात के लिए निशाने पर लिया जा रहा है क्योंकि इसमें ब्राह्मण समुदाय को पिछड़ा और रूढ़िवादी भी दिखाया गया है। इस फिल्म में दावा है कि ब्राह्मण परिवारों में महिलाओं को माता-पिता या बड़ों के कहने के महिलाओं को चलना पड़ता है और उनकी निजी इच्छा का सम्मान नहीं होता।

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shannomagan
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