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महात्मा गांधी के दाएं और बाएं महिलाएं रहतीं थीं, मोहन भागवत या तो अकेले रहते हैं या पुरुषों से घिरे रहते हैं: राहुल गांधी

महात्मा गांधी के दाएं और बाएं महिलाएं रहतीं थीं, मोहन भागवत या तो अकेले रहते हैं या पुरुषों से घिरे रहते हैं: राहुल गांधी, national news in hindi, national news
शिलॉन्ग में राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि हम लोग पूरे देश में आरएसएस के विचारधारा के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह एक ऐसा विचार है जो देश पर थोपा जा रहा है। 
कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक यानी RSS पर लैंगिग भेदभाव को लेकर तंज कसा है। राहुल ने कहा है कि RSS में पुरुषों को ही तरजीह दी जाती है। इसके लिए उन्होंने महात्मा गांधी और मोहन भागवत के बीच तुलना कर दी। राहुल ने कहा- अगर आप महात्मा गांधी के फोटो देखें तो पाएंगे कि उनके दाएं और बाएं महिलाएं रहती थीं। लेकिन, अगर आप मोहन भागवत के फोटो देखेंगे तो पाएंगे कि या तो वो अकेले रहते हैं या फिर पुरुषों से घिरे नजर आते हैं। बता दें कि मेघालय में 27 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है।

RSS महिलाओं के विरोध में

Image result for महात्मा गाँधी मेघालय में कांग्रेस 15 साल से सरकार में है। लेकिन, इस बार उसे इस नॉर्थ-ईस्ट स्टेट में बीजेपी से कड़ी चुनौती मिल रही है। राहुल गांधी ने यहां बुधवार से इलेक्शन कैंपेन शुरू किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत भी की।
राहुल गांधी ने कहा- RSS महिलाओं को कमजोर करना चाहती है। क्या कोई जानता है कि संघ की लीडरशिप में कितनी महिलाएं हैं? जीरो। अगर आप महात्मा गांधी को देखें तो उनकी इस तरफ (इशारे से दाएं) और इस तरफ (फिर इशारे से बाएं) महिलाएं रहती थीं। लेकिन, आप मोहन भागवत के फोटो देखें तो? या तो वो अकेले नजर आएंगे या फिर पुरुषों से घिरे नजर आएंगे।
Related imageImage result for मोहन भागवत rssशायद राहुल गाँधी और इनके सलाहकारों को ज्ञान नहीं कि संघ में कितनी महिलाएँ और कितने महिला संगठन हैं। इतनी संख्या है, शायद इतनी संख्या कांग्रेस में भी नहीं होगी। जहाँ तक आपकी जो चिंता है कि आरएसएस में महिलाओं की उपेक्षा की जाती है तो शायद आपको जानकारी नहीं कि आरएसएस का ही एक संगठन है "राष्ट्र सेविका समिति" जिसका संचालन सिर्फ महिलाएं ही करती हैं,अर्थात आरएसएस की विचारधारा ये है कि महिलाओं को स्वयं अपने निर्णय लेने चाहिए बल्कि महिलाओं के निर्णय बेहतर ही होते हैं,चाहे बात घर गृहस्थी की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर की, महिलाएं हर जगह पुरुषों से बेहतर काम करती हैं,यही कारण है कि आजादी के बाद ये पहली ऐसी सरकार है जिसमें महत्वपूर्ण मंत्रालयों की कमान महिलाओं के हाथ में ही है,और उनमें से ज्यादातर महिला मंत्री आरएसएस के राष्ट्र सेविका समिति की स्वयंसेविका ही हैं।फिर भी अगर आपको ऐसा लगता है कि आरएसएस में महिलाओं की स्तिथि दयनीय है तो किसी भी स्वयंसेविका महिला से आप लाइव डिबेट करके देख लें। 
Image result for राष्ट्रीय सेविका समिति
Related imageकांग्रेस का शायद ही नेता हो,जो आरएसएस पर किसी न किसी विषय को लेकर निशाना न बनाते हों। लेकिन आरएसएस के समक्ष कांग्रेस ने भी कांग्रेस सेवा दल बनाया था, जिसमे राहुल के नाना जवाहरलाल संघ जैसी निक्कर पहनकर भाग लेते थे, वह कांग्रेस सेवा दल कहाँ गया और निक्करें कहाँ गयीं?

हम लड़ाई संघ की आईडियोलॉजी के खिलाफ

महात्मा गांधी के दाएं और बाएं महिलाएं रहतीं थीं, मोहन भागवत या तो अकेले रहते हैं या पुरुषों से घिरे रहते हैं: राहुल गांधी, national news in hindi, national news
राहुल ने कहा- हम पूरे देश में RSS की विचारधारा के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। वो एक शख्स की सोच को देश पर थोपना चाहते हैं।
- कांग्रेस प्रेसिडेंट ने आगे कहा- RSS और बीजेपी पूरे देश में क्या कर रही है? खास तौर पर नॉर्थ-ईस्ट में? वो आपके कल्चर, लैंग्वेज और जीने के तरीके को बदलना चाहती है।
- राहुल ने कहा कि अगर कांग्रेस केंद्र में फिर सरकार बनाती है तो जीएसटी का मौजूदा स्ट्रक्चर बदलेगी। इससे ज्यादा आसान बनाया जाएगा।
- कांग्रेस के बारे में बात करते हुए राहुल ने कहा- हम महिलाओं और पुरुषों को इलेक्शन का टिकट देने में बैलेंस बनाना चाहते हैं। मैं मेघालय की महिलाओं से अपील करता हूं कि वे कांग्रेस से जुड़ें। इससे हमें टिकट देने में च्वॉइस की आजादी रहेगी।

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

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