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दिल्ली: मोदी को रोकने के लिए 2019 में साथ आएंगे केजरीवाल और कांग्रेस

केजरीवाल और अजय माकन
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
हाल ही में देश की 4 लोकसभा और 10 विधानसभा उपचुनाव में विपक्षी गठबंधन को मिली सफलता से अब 2019 के लिए नए सियासी समीकरण बनते हुए दिखाई दे रहे हैं। विपक्षी दलों के इस गठबंधन में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को भी संभावनाएं नजर आ रही हैं। फिलहाल दोनों दलों की तरफ से कुछ ऐसे संकेत मिल रहे हैं  जिसमें इस बात को बल मिलता है कि 2019 में होने वाले आम चुनाव में दोनों पार्टियां दिल्ली में गठबंधन कर सकती हैं।
राजनीतिज्ञ विश्लेषक तो नहीं, परन्तु इतना जरूर कहा जा सकता है, कि उपचुनाव और आम चुनाव में धरती और आकाश जितना अन्तर होता है। इसलिए उपचुनावों में हुए भरत-मिलाप को भरत-मिलाप समझने के भ्रम में न रहे तो कहीं उचित होगा। 
सेवा निर्वित होने उपरान्त एक हिन्दी पाक्षिक को सम्पादित करते आमुख कथा "कांग्रेस के गर्भ से निकली आप" के लेखन करने पर केजरीवाल के विरुद्ध कुछ न लिखने पर फ़ोन पर धमकी मिलने के जवाब में पुनः आमुख कथा लिखी "कांग्रेस और आप का Positive DNA" साथ में पाक्षिक के प्रथम पृष्ठ पर मोबाइल नंबर देते हुए एक बॉक्स आइटम भी प्रकाशित किया। इतनी बार इन दोनों पार्टियों की गुप्त मन्त्रायें जगजाहिर होने के बाबजूद नसमझ जनता इस गुप्त-भरत मिलाप को समझने में नाकाम रही। अब इसे कांग्रेस का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि जिस पार्टी को मोदी लहर को रोकने चुनावी अखाड़े में उतारा, सबसे ज्यादा कांग्रेस को नुकसान उसी ने ही पहुँचाया। और अब अपने अस्तित्व को बचाने उसी पार्टी की शरण लेने की कवायद शुरू हो चुकी है।  
अवलोकन करें:--
लगभग दो वर्ष एक हिन्दी पाक्षिक का सम्पादन करते शीर्षक “कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का Positive DNA” पर अमुख कथा लिखी थी। जि.....
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.PE
दरअसल हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की थी तो आप के पूर्व दिल्ली प्रदेश के संयोजक दिलीप पांडे ने साफ किया था कि कि कांग्रेस के नेता उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। एक खबर के साथ केजरीवाल ने ट्ववीट कर लिखा था, 'लोग डॉ. मनमोहन सिंह जैसे पढ़े लिखे प्रधानमंत्री को मिस कर रहे हैं। पीएम तो पढ़ा लिखा ही होना चाहिए।'
People missing an educated PM like Dr Manmohan Singh

Its dawning on people now -“PM तो पढ़ा लिखा ही होना चाहिए।” https://www.wsj.com/articles/rupees-fall-points-to-uncertain-future-for-investment-in-india-1527664566 
You may now apologise to @KapilSibal, @PawanKhera & @SheilaDikshit or rope in @PChidambaram_IN or praise Dr ManmohanSingh

But you are the one-along with team Anna and backed by BJP, had spread lies and canard against the Congress leaders & brought Modi to power

Where is Lokpal pic.twitter.com/iTH0U81IrZ
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वहीं आप नेता दिलीप पांडे ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के एक ट्वीट को कोट करते हुए लिखा था, 'अजय माकन जी! कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता 'आम आदमी पार्टी' के संपर्क में हैं, और वे हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में हमारा साथ/सहयोग चाहते हैं, और दिल्ली में हमसे वे एक सीट मांग रहें हैं।'
हालांकि, माकन के ट्वीट पर पांडे द्वारा जो जवाब दिया गया है उससे लगता है कि अभी स्थिति साफ नहीं है। दरअसल इन अटकलों को तब और भी बल मिला जब शुक्रवार आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से सिर्फ पांच के लिए ही अपने प्रभारियों की घोषणा की। ऐसी चर्चाएं हैं कि ये दो सीटें आप ने कांग्रेस के लिए छोड़ दी हैं।
.@ajaymaken जी! कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता 'आम आदमी पार्टी' के संपर्क में हैं, और वे हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में हमारा साथ/सहयोग चाहते हैं, और दिल्ली में हमसे वे एक सीट मांग रहें हैं. https://twitter.com/ajaymaken/status/1002461314969751553 
अजय माकन का कहना है कि आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता तेजी से गिर रही है इसलिए वह इस तरह की बात कर रही है। वहीं एक टीवी चैनल से बात करत हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आप के साथ इस तरह का गठबंधन संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इतनी पुरानी पार्टी पांच साल पहले आई पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी।
नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक, दिल्ली में लोकसभा की सात सीटों पर एक साथ चुनाव लड़ने को लेकर आप और कांग्रेस के बीच पिछले महीने बात हुई थी लेकिन तब कांग्रेस ने इससे इंकार कर दिया था। अखबार के मुताबिक, पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही है और दोनों पार्टियों में पिछले काफी समय से गठबंधन की बातें हो रही हैं, जो सीटों के बंटवारे की लड़ाई की वजह से सामने आ गई है। नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस हर कदम उठाने के लिए तैयार है जबकि कई गठबंधन की स्थिति में कई कांग्रेस नेताओ को अपने राजनीतिक भविष्य पर संकट मंडराता हुआ भी दिखाई दे रहा है।
आप ने 5 प्रभारी नियु‍क्‍त किए, 2 पर नामों की घोषणा बाकी
इस बीच, आप ने दिल्‍ली में 5 लोकसभा सीटों पर 5 प्रभारी नियुक्‍त किए हैं लेकिन पश्चिम और नई दिल्‍ली सीट पर अभी नामों की घोषणा नहीं की है. इससे लगता है कि आप दो सीट कांग्रेस को देने को राजी है, जिसे लेकर दोनों दलों के उच्‍च स्‍तर पर बात चल रही है.
कांग्रेस की आज वह स्थिति हो गयी है कि "हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी लेकर डूबेंगे।" हकीकत यह है कि मोदी को सत्ता से हटाने के लिए हर कदम उठाने को तैयार कांग्रेस अपने-आपको धरातल में जाते देख, छोटी-छोटी पार्टियों के आगे घुटने टेक रही है। क्या कांग्रेस को 2019 में 40 से भी कम सीटें मिलने की आशा है?   

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