Skip to main content

Posts

जम्मू कश्मीर: पत्थरबाजों को पकड़ने के लिए जम्मू पुलिस ने अपनाया ये तरीका

कश्मीर घाटी में पत्थरबाज सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन पत्थरबाजों से निपटने का तोड़ निकाल लिया है। पुलिसकर्मियों की इस नई तरकीब से पत्थरबाजों के बीच खलबली मची हुई है। दरअसल, घाटी में अशांति फैला रहे इन पत्थरबाजों से निपटने के लिए पुलिस खुद ‘पत्थरबाज’ बन गई है।
जम्मू कश्मीर पुलिस ने पथराव के पीछे के असली गुनाहगारों को गिरफ्तार करने के लिए ऐतिहासिक जामा मस्जिद क्षेत्र में पत्थरबाजों के बीच अपने लोगों को भेजने की नयी रणनीति शुक्रवार को अपनाई। जुमे की नमाज के बाद भीड़ ने पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों पर पथराव करना शुरु कर दिया लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की गयी।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने न तो आंसूगैस के गोले दागे और न ही लाठीचार्ज किया। जब 100 से ज्यादा लोग हो गये और दो पुराने पत्थरबार भीड़ की अगुवाई करने लगे तब लोगों को तितर बितर करने के लिए पहला आंसू गैस का गोला दागा गया।
असली पत्थरबाज Vs नकली पत्थरबाज
घाटी में पत्थरबाज सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इस सिरदर्दी को खत्म करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने कुछ जवानों को…
Recent posts

पाकिस्तान के मोदी बनने चले थे इमरान, वापस खींचे कदम

भारत में प्रधानमंत्री मोदी की तरह पाकिस्तान की इकोनॉमी की भी ओवरहॉलिंग का दावा करने वाले इमरान खान को कट्‌टरपंथियों के हाथों झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हकीकत यह है कि पाकिस्तान में सत्ता किसी भी पार्टी के हाथ में आए, होगा वही जो आर्मी और कट्टरपंथी चाहेंगे। यही कारण है कि पाकिस्तान अमेरिका की मदद पर ही जीवित है। जिस दिन अमेरिका ने मदद करनी बंद कर दी, पाकिस्तान के हालात बत से बत्तर हो जाएँगे। अगर आज पाकिस्तान का नाम है तो केवल अमेरिका द्वारा मिलने वाली मदद की वजह से। 
हालत यह हो गई कि इमरान सरकार को अपने द्वारा चुने गए एक अहमदी इकोनॉमिस्ट आतिफ मियां को खुद ही नौकरी से निकालना पड़ा था। यह सब कुछ इमरान के सत्ता में आने के मात्र 15 दिनों के भीतर देखने को मिला है। ऐसे में जानकार नया पाकिस्तान बनाने के इमरान खान के इरादों पर ही सवाल उठा रहे हैं। बता दें कि आतिफ मियां को इमरान सरकार ने अपनी आर्थिक सलाहकार परिषद का सदस्य बनाया था, लेकिन जब कट्‌टरपंथियों ने इसका विरोध किया तो अमेरिका स्थित प्रिंस्टन विश्वविद्यालय के इस मशहूर अर्थशास्त्री को इस्तीफा देने के लिए कह दिया गया। 
दरअसल पाकिस्तान की…

पहले जब ज्यादा जरूरत थी तब हमें किसी तरह की सहायता नहीं मिली--दिव्या काकरान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जकार्ता में आयोजित एशियाई खेलों में मेडल जीतने वाले 11 खिलाड़ियों को सितम्बर 5 को राजधानी दिल्ली में सम्मानित किया. इस दौरान रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली खिलाड़ी दिव्या काकरान ने केजरीवाल को खरी-खरी सुना दी.
दिव्या ने सीएम केजरीवाल से कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने के बाद आपने मुझसे मदद का वादा किया था. इसके बाद जब एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए मैंने आपको लिखकर दिया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. यहां तक कि मेरा फोन तक नहीं उठाया गया.
एशियन गेम्स में फ्रीस्टाइल 68 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली दिव्या ने कहा, 'मैं आज यहां पहुंच गई हूं इसलिए मेरी सब मदद कर रहे हैं. मेडल जीतने पर सरकार खिलाड़ियों की मदद कर रही है लेकिन इससे पहले जब ज्यादा जरूरत थी तब हमें किसी तरह की सहायता नहीं मिली.'
दिव्या ने कहा, 'कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में मैंने ब्रॉन्ज समेत दिल्ली को लगातार 12 मेडल दिए. मैं कहना चाहती हूं कि आप अभी मेरे लिए इतना कर रहे हैं लेकिन जब एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल आया था तब मेरे लिए कुछ भी नहीं हुआ था.'
एशिय…

क्या इन्दिरा गाँधी परिवार जनता पर बोझ बन गया है?

क्या आप जानते हैं कि गांधी परिवार के सदस्यों के रहने के लिए दिल्ली में तीन-तीन बंगले अलॉट हैं? इस समय सीधे तौर पर गांधी परिवार के तीन वयस्क सदस्य हैं- सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि तीनों एक घर में नहीं बल्कि अलग-अलग विशाल बंगलों में रहते हैं। शादीशुदा होने के नाते प्रियंका वाड्रा का अलग घर तो समझ में आता है लेकिन सोनिया और राहुल गांधी आखिर एक घर में क्यों नहीं रहते? कानूनी तौर पर देखा जाए तो सांसद के तौर पर सोनिया और राहुल को बंगला मिल सकता है, लेकिन प्रियंका तो सरकारी बंगले के लिए योग्य ही नहीं मानी जाएंगी, क्योंकि वो किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं। प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा की दिल्ली और आसपास के इलाकों में विशाल प्रॉपर्टी हैं, जिनमें वो रह सकती हैं। इसके बावजूद उन्होंने 35, लोधी एस्टेट पर सरकारी बंगले पर कब्जा जमा रखा है। इसमें वो अपने पति और दो बच्चों के साथ रहती हैं।
सरकार बंगले खाली क्यों नहीं कराती?तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी ने राजे-रजवाड़ों का प्रिवी-पर्स समाप्त कर सरकारी खजाने पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने के मकसद से …

SC/ST Act : लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार --योगी आदित्यनाथ, मुख्यमन्त्री उत्तर प्रदेश

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
एससी/एसटी एक्ट के विरोध में सितम्बर 6 को सवर्णों का भारत बंद का आह्वान किया था। जिसका सबसे ज्यादा असर बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बंद का व्यापक असर दिखा। हालांकि अधिकांश जिलों में आम जनजीवन लगभग सामान्य रहा। कहीं से बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली। लेकिन बलिया में बंद के दौरान पथराव में छह पुलिसकर्मी और तीन लोग घायल हो गए। प्रदेश में आई बाढ़ का जायजा लेने गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा में भारत बंद के बारे में कहा, लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है।
एससी एसटी कानून के विरोध में बंद पर सीएम योगी ने कहा कि भारत बंद का कोई मतलब नहीं है, लोगों की अपनी भावनाएं हैं, लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस देश के हर व्यक्ति की सुरक्षा, खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने जाति एवं धर्म के आधार पर कभी राजनीति नहीं की। समाज के दबे कुचले लोगों को संरक्षण देने के लिए यह कानून बनाया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इसका किसी भी तरह से दुरुपयो…

भगत सिंह के नाम पर रखें शादमान चौक का नाम--पाकिस्तान की कोर्ट का आदेश

पाकिस्तान की एक अदालत ने सितम्बर 5 को लाहौर जिला सरकार को निर्देश दिया कि वह शादमान चौक का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के नाम पर रखने के संबंध में फैसला करे. ब्रिटिश शासन के दौरान 87 साल पहले स्वतंत्रता सेनानी सरदार भगत सिंह को यहीं फांसी दी गई थी.
भगत सिंह और उनके साथियों – राजगुरू और सुखदेव को पूर्ववर्ती लाहौर जेल में 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई थी. शादमान चौराहा उसी स्थान पर बना हुआ है.
लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शाहिद जमील खान ने भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए लाहौर के उपायुक्त को आदेश दिया कि वह कानून के दायरे में रहते हुए शादमान चौक का नाम बदलकर भगत सिंह के नाम पर रखने के संबंध में फैसला करें. याचिका दायर करने वाले की दलील है कि भगत सिंह स्वतंत्रता सेनानी हैं. उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर आजादी के लिए कुर्बानी दी है. उन्होंने कहा किया कि पाकिस्तान के संस्थापक कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने भी सिंह को श्रद्धांजलि दी थी और कहा था कि उन्होंने पूरे प्रायद्वीप में भगत सिंह जैसा बहादुर व्यक्ति नहीं देखा. उन्…

समलैंगिकता अब अपराध नहीं

सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के साथ ही भारत उन 25 अन्य देशों के साथ जुड़ गया जहां समलैंगिकता वैध है।शीर्ष अदालत ने धारा 377 के तहत सहमति से समलैंगिक यौन संबंधों को अपराध के दायरे से बाहर करते हुये कहा कि यह तर्कहीन, सरासर मनमाना और बचाव नहीं किये जाने वाला है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से 495 पेज में चार अलग अलग फैसलों में कहा कि एलजीबीटीक्यू समुदाय को देश के दूसरे नागरिकों के समान ही सांविधानिक अधिकार प्राप्त हैं। लेकिन दुनियाभर में अब भी 72 ऐसे देश और क्षेत्र हैं जहां समलैंगिक संबंध को अपराध समझा जाता है। उनमें 45 वे देश भी हैं जहां महिलाओं का आपस में यौन संबंध बनाना गैर कानूनी है।
उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सितम्बर 6 को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत 158 साल पुराने इस औपनिवेशिक कानून के संबंधित हिस्से को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया और कहा कि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है।
इंटरनेशनल लेस्बियन, गे, बाईसेक्सुअल, ट्रांस एंड इंटरसेक्स एसोसिएशन के अनुसा…

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)