Skip to main content

Posts

पाकिस्तान चुनाव में इस बार कश्मीर क्यों नहीं है बड़ा मुद्दा?

तीन महीने पहले तक कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने के दावे हो रहे थे, लेकिन चुनाव करीब आते-आते यह मुद्दा अचानक खत्म हो गया। तीनों प्रमुख पार्टियों ने अपने-अपने मैनिफेस्टो में कश्मीर का जिक्र चंद लाइनों में समेट दिया। जबकि पिछले 14 आम चुनावों में इस मुद्दे ने सियासी दलों को सात बार सत्ता दिलाने में मदद की थी। अब पाकिस्तान की अवाम को कश्मीर में दिलचस्पी नहीं रही। वह भारत का जिक्र कर अपने नेताओं से पूछती है कि जीत के बाद हमारी तरक्की के लिए क्या करोगे? पाकिस्तान में 25 जुलाई को वोटिंग होनी है। शिक्षा-विकास पर ज्यादा जोर : इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन रिसर्च (आईपीओआर) का सर्वे भी यही कहता है कि पाकिस्तान की अवाम अब कश्मीर से ज्यादा शिक्षा और विकास जैसे मुद्दों पर बात कर रही है। यही वजह है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेताओं के भाषणों में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का जिक्र है जिससे पाकिस्तान में रोजगार के मौके आने का दावा किया जा रहा है। हर बार लगने वाली अमेरिका की रट शांत है और बलूचिस्तान-अफगानिस्तान …
Recent posts

एनपीए पर मोदी के आरोप पर कांग्रेस चुप क्यों है?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
कांग्रेस पार्टी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाना चाहिए। उन्हें संसद में पूछना चाहिए कि ऐसा कौन सा “टैक्स” था जिसका पैसा सरकार के खाते में नहीं जाता था? लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का सबसे महत्वपूर्ण अंश यह था जब उन्होंने बताया कि जब तक कांग्रेस सत्ता में थी तब तक बैंकों को लूटने का खेल चलता रहा। उन्होंने कहा कि आजादी के 60 साल के बाद बैंकों ने कुल 18 लाख करोड़ रुपए लोन के रूप में दिए थे, लेकिन 2008 से 2014 के बीच मात्र 6 साल में यह रकम 18 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपए हो गई। पीएम ने पूछा कि 6 साल में यह रकम कैसे दोगुनी (34 लाख करोड़ रुपए) हो गई?
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व में इंटरनेट बैंकिंग आने के पहले ही भारत में फोन बैंकिंग शुरू हो गई थी। इन 6 साल में कांग्रेस ने अपने चहेते लोगों के लिए बैंकों का खजाना लुटा दिया। उसका क्या तरीका था? कागज वगैरह कुछ देखना नहीं था, केवल टेलीफोन आता था कि लोन दे दो। लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन दे दो उसके बाद कोई और लोन दे दो। जो…

क्या सपना ही रहेगा ग़रीबों के लिए सस्ता इलाज?

सरकार का गरीबों को कम कीमत पर दवाएं और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है. गरीबों को सस्ते दर पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोले गए ज़्यादातर जन औषधि केंद्र सूने पड़े हुए हैं. इन केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का लगातार टोटा बना हुआ है. प्रधानमंत्री देश-विदेश के मंचों से बार-बार दोहराते रहते हैं कि उन्होंने दिल के ऑपरेशन में लगने वाले स्टेंट के दाम कम कर दिए हैं. घुटनों के प्रत्यारोपण की दरें निर्धारित कर दी हैं तथा 1100 सौ से ज्यादा दवाओं के दाम जमीन पर ला दिए हैं. लेकिन यह पूरा सच नहीं हैं. सच कुछ और है.
बीमार जन औषधि केंद्र
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा देश भर में तीन हज़ार पांच सौ जन औषधि केंद्र खोले गए हैं. दावा यह किया जा रहा है कि इन केंद्रों पर छह सौ से ज्यादा जेनेरिक दवाएं बाज़ार मूल्य से आधी से भी कम दरों पर जरुरतमंदों को बांटी जा रही है. मगर सच्चाई यह है कि अधिकतर जन औषधि केंद्रों पर 150 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध ही नहीं हैं. इन केंद्रों पर जीवन रक्षक दवाओं का हमेशा अकाल ही बना रहता है. सरकारी दावों पर यकीन करें तो देश …

निदा की चोटी काटने वाले को मिलेगा 11,786 रुपए का इनाम--ऑल इंडिया फैजान-ए-मदीना कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोईन सिद्दकी नूरी

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
ऐ शमा, तू जल परवाना जले या न जले,
परवानों का अम्बार है, तू क्या जलायेगी                               उसे     तेरी लौ अगर तपिश है, तो परवाने की                           उड़ान भी कम नहीं,
मत इतरा इतना, परवाने भी मगरूर हैं,
तुझे हर हाल में जलना ही है 
शमा भी तैयार है हर हाल में परवाने को                                  खाक करने हो  
लगता है, कल तक मुल्लावाद की जलती आग में मुस्लिम महिला अब अपना सबकुछ दाव पर लगाकर अपने अस्तित्व और सम्मान की लड़ाई लड़ने मैदान में क्या उतरी, मुल्लावाद में तूफान आ गया। पहले तीन तलाक पर और अब हलाला पर। मुस्लिम महिलाओं से हलाला पर पूछने पर उनका कहना है कि "एक तरफ किसी गैर-मर्द की निगाहों से बचाने के लिए बुर्का या परदे के पीछे रखा जाता है, तो दूसरी तरफ गलती से तलाक होने पर हलाला के नाम पर गैर-मर्द के साथ हम-बिस्तर होने का इस्लामिक फरमान सुनाया जाता है। जैसे औरत औरत न होकर मर्द की हवस होकर रह गयी है। आखिर हम औरतों का भी आत्मसम्मान है? कब तक औरत को बेगैरत किया जाता रहेगा? " 
हलाला के विरुद्ध उतरी बरेली की निदा पर कट्टरपंथियों का ए…

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की चुनावी टी-शर्ट में भी ‘घोटाला’!

लगता है, घोटाला कांग्रेस के DNA में ही है। यह आरोप नहीं कटु सत्य है, जिसे कोई झुठला नहीं सकता। आज़ाद भारत में सबसे पहला जीप घोटाला हुआ था, उस समय कांग्रेस की सरकार थी और प्रधानमंत्री थे जवाहरलाल नेहरू। और पिछली कांग्रेस समर्पित यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालो से भारत तो क्या विश्व परिचित है, इसलिए चर्चा व्यर्थ है। 
अब मोदी सरकार के विकास की हवा निकालने के चक्कर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हो रहे घोटाले उजागर होने लगे हैं। यह स्थिति उस समय है, जब कांग्रेस अभी सत्ता से दूर है  यह भविष्य के गर्भ में छिपा है कि कांग्रेस सत्ता में वापसी कर पायेगी अथवा नहीं। अगर सत्ता में आ गयी, कितने घोटाले होंगे, जनता स्वयं निष्कर्ष निकाल सकती है। यानि जो पार्टी घोटाले में अपने ही कार्यकर्ताओं को नहीं बख्श रही, आम जनता को कैसे बख्श सकती हैं। और इस घोटाले की तो केवल पार्टी ही जाँच करवा सकती हैं, किसी अन्य को क्या मतलब कि किसी की फटी में टांग फंसाए। यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है।    
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में टी-शर्ट घोटाला सामने आया है। दरअसल कुछ दिन पहले ही राज्य कांग्रेस ने एक चुनावी टी-शर्ट जारी की है,…

AUTHOR

My photo
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)