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एक ऐसा मंदिर जहाँ मूर्तियों की स्थिति सदा बदलती रहती है

हिमाचल प्रदेश की नगरी को देव भूमि भी कहा जाता है यहाँ पर प्राचीन काल से बहुत से मंदिर है लेकिन उनमे से एक कांगड़ा जिले में अनोखा शिवलिंग है यहाँ के काठगढ़ महादेव मंदिर में अर्धनारेश्वर के रूप में शिवलिंग है और साथ ही शिव-पार्वती की मूर्ति भी है इन दोनों मुर्तियो के बीच में दूरिया अपने आप बढती घटती रहती है। 
यह विश्व का एक मात्र ऐसा मंदिर है जिसके बारे में कहा जाता है कि गृह नक्षत्रो के बदलाव के कारण इन मूर्तियों में दूरी बढती-घटती रहती है. यह भगवान शिव का अर्धनारेश्वर रूप शीत ऋतू में ही देखने को मिलता है.
ऐसा सुना जाता ही है की यह मंदिर सबसे पहले सिकंदर ने बनवाया था इस मंदिर से प्रभावित होकर सिकंदर ने टीले पर मंदिर बनाने तथा यहाँ की भूमि को समतल करवाया और यहाँ पर मंदिर बनवाया था.
यह शिवलिंग दो भागो में विभाजित है जो गृह नक्षत्रो के कारण इसमें बदलाव देखने को मिलता है ये शिवलिंग काले भूरे रंग का है. जो शिवलिंग शिव के रूप में पूजे जाते है उनकी उंचाई 7-8 फीट है और जो पार्वती के रूप में पूजे जाते है उनकी उंचाई 5-6 फीट है. 
शिव और पार्वती के अर्धनारेश्वर रूप को देखने के लिए यहाँ भक्तो की भीड़ लगी …
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पत्नी सरला शिवपाल से ज्यादा ‘रईस’

यूपी सरकार में कद्दावर मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव की पत्नी सरला उनसे भी ज्यादा रईस हैं। मंगलवार को नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में यादव ने यह जानकारी दी है। 61 वर्षीय शिवपाल ने शपथ पत्र में वृत्ति एवं उप जीविका के रूप में समाजसेवा एवं कृषि से जुड़ा होना दर्शाया है। उनके पास एक करोड़ 45 लाख 30 हजार 620 रुपये की सकल चल संपत्ति और बाजार मूल्य में 22 लाख 75 हजार 77 रुपये की अचल संपत्ति है। जबकि उनकी पत्नी सरला यादव अंकुर पेट्रोलियम दतावली की स्वामी और अंकुर राइस गोरापुरा व विंकी इंडस्ट्रीज की डायरेक्टर हैं।
पत्नी सरला यादव के पास एक करोड़ 72 लाख 24 हजार 27 रुपये मूल्य की सकल चल और बाजार मूल्य के हिसाब से 4 करोड़ एक लाख 69 हजार 961 की अचल संपत्ति है। इसके अलावा प्रत्याशी शिवपाल सिंह यादव ने हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) के रूप में कुल 24 लाख 72 हजार 36 रुपये की सकल चल और बाजार मूल्य के तौर पर एक करोड़ 69 लाख 14 हजार 647 रुपये कीमत की अचल संपत्ति होने की जानकारी दी है।
उनके पास साढ़े 28 हजार रुपये की नगदी है। उनके इटावा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, जिला कोऑपरेटिव बैंकों समेत लखनऊ की स्…

जम्मू कश्मीर: पत्थरबाजों को पकड़ने के लिए जम्मू पुलिस ने अपनाया ये तरीका

कश्मीर घाटी में पत्थरबाज सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन पत्थरबाजों से निपटने का तोड़ निकाल लिया है। पुलिसकर्मियों की इस नई तरकीब से पत्थरबाजों के बीच खलबली मची हुई है। दरअसल, घाटी में अशांति फैला रहे इन पत्थरबाजों से निपटने के लिए पुलिस खुद ‘पत्थरबाज’ बन गई है।
जम्मू कश्मीर पुलिस ने पथराव के पीछे के असली गुनाहगारों को गिरफ्तार करने के लिए ऐतिहासिक जामा मस्जिद क्षेत्र में पत्थरबाजों के बीच अपने लोगों को भेजने की नयी रणनीति शुक्रवार को अपनाई। जुमे की नमाज के बाद भीड़ ने पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों पर पथराव करना शुरु कर दिया लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की गयी।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने न तो आंसूगैस के गोले दागे और न ही लाठीचार्ज किया। जब 100 से ज्यादा लोग हो गये और दो पुराने पत्थरबार भीड़ की अगुवाई करने लगे तब लोगों को तितर बितर करने के लिए पहला आंसू गैस का गोला दागा गया।
असली पत्थरबाज Vs नकली पत्थरबाज
घाटी में पत्थरबाज सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इस सिरदर्दी को खत्म करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने कुछ जवानों को…

पाकिस्तान के मोदी बनने चले थे इमरान, वापस खींचे कदम

भारत में प्रधानमंत्री मोदी की तरह पाकिस्तान की इकोनॉमी की भी ओवरहॉलिंग का दावा करने वाले इमरान खान को कट्‌टरपंथियों के हाथों झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हकीकत यह है कि पाकिस्तान में सत्ता किसी भी पार्टी के हाथ में आए, होगा वही जो आर्मी और कट्टरपंथी चाहेंगे। यही कारण है कि पाकिस्तान अमेरिका की मदद पर ही जीवित है। जिस दिन अमेरिका ने मदद करनी बंद कर दी, पाकिस्तान के हालात बत से बत्तर हो जाएँगे। अगर आज पाकिस्तान का नाम है तो केवल अमेरिका द्वारा मिलने वाली मदद की वजह से। 
हालत यह हो गई कि इमरान सरकार को अपने द्वारा चुने गए एक अहमदी इकोनॉमिस्ट आतिफ मियां को खुद ही नौकरी से निकालना पड़ा था। यह सब कुछ इमरान के सत्ता में आने के मात्र 15 दिनों के भीतर देखने को मिला है। ऐसे में जानकार नया पाकिस्तान बनाने के इमरान खान के इरादों पर ही सवाल उठा रहे हैं। बता दें कि आतिफ मियां को इमरान सरकार ने अपनी आर्थिक सलाहकार परिषद का सदस्य बनाया था, लेकिन जब कट्‌टरपंथियों ने इसका विरोध किया तो अमेरिका स्थित प्रिंस्टन विश्वविद्यालय के इस मशहूर अर्थशास्त्री को इस्तीफा देने के लिए कह दिया गया। 
दरअसल पाकिस्तान की…

पहले जब ज्यादा जरूरत थी तब हमें किसी तरह की सहायता नहीं मिली--दिव्या काकरान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जकार्ता में आयोजित एशियाई खेलों में मेडल जीतने वाले 11 खिलाड़ियों को सितम्बर 5 को राजधानी दिल्ली में सम्मानित किया. इस दौरान रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली खिलाड़ी दिव्या काकरान ने केजरीवाल को खरी-खरी सुना दी.
दिव्या ने सीएम केजरीवाल से कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने के बाद आपने मुझसे मदद का वादा किया था. इसके बाद जब एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए मैंने आपको लिखकर दिया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. यहां तक कि मेरा फोन तक नहीं उठाया गया.
एशियन गेम्स में फ्रीस्टाइल 68 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली दिव्या ने कहा, 'मैं आज यहां पहुंच गई हूं इसलिए मेरी सब मदद कर रहे हैं. मेडल जीतने पर सरकार खिलाड़ियों की मदद कर रही है लेकिन इससे पहले जब ज्यादा जरूरत थी तब हमें किसी तरह की सहायता नहीं मिली.'
दिव्या ने कहा, 'कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में मैंने ब्रॉन्ज समेत दिल्ली को लगातार 12 मेडल दिए. मैं कहना चाहती हूं कि आप अभी मेरे लिए इतना कर रहे हैं लेकिन जब एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल आया था तब मेरे लिए कुछ भी नहीं हुआ था.'
एशिय…

क्या इन्दिरा गाँधी परिवार जनता पर बोझ बन गया है?

क्या आप जानते हैं कि गांधी परिवार के सदस्यों के रहने के लिए दिल्ली में तीन-तीन बंगले अलॉट हैं? इस समय सीधे तौर पर गांधी परिवार के तीन वयस्क सदस्य हैं- सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि तीनों एक घर में नहीं बल्कि अलग-अलग विशाल बंगलों में रहते हैं। शादीशुदा होने के नाते प्रियंका वाड्रा का अलग घर तो समझ में आता है लेकिन सोनिया और राहुल गांधी आखिर एक घर में क्यों नहीं रहते? कानूनी तौर पर देखा जाए तो सांसद के तौर पर सोनिया और राहुल को बंगला मिल सकता है, लेकिन प्रियंका तो सरकारी बंगले के लिए योग्य ही नहीं मानी जाएंगी, क्योंकि वो किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं। प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा की दिल्ली और आसपास के इलाकों में विशाल प्रॉपर्टी हैं, जिनमें वो रह सकती हैं। इसके बावजूद उन्होंने 35, लोधी एस्टेट पर सरकारी बंगले पर कब्जा जमा रखा है। इसमें वो अपने पति और दो बच्चों के साथ रहती हैं।
सरकार बंगले खाली क्यों नहीं कराती?तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी ने राजे-रजवाड़ों का प्रिवी-पर्स समाप्त कर सरकारी खजाने पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने के मकसद से …

SC/ST Act : लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार --योगी आदित्यनाथ, मुख्यमन्त्री उत्तर प्रदेश

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
एससी/एसटी एक्ट के विरोध में सितम्बर 6 को सवर्णों का भारत बंद का आह्वान किया था। जिसका सबसे ज्यादा असर बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बंद का व्यापक असर दिखा। हालांकि अधिकांश जिलों में आम जनजीवन लगभग सामान्य रहा। कहीं से बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली। लेकिन बलिया में बंद के दौरान पथराव में छह पुलिसकर्मी और तीन लोग घायल हो गए। प्रदेश में आई बाढ़ का जायजा लेने गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा में भारत बंद के बारे में कहा, लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है।
एससी एसटी कानून के विरोध में बंद पर सीएम योगी ने कहा कि भारत बंद का कोई मतलब नहीं है, लोगों की अपनी भावनाएं हैं, लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस देश के हर व्यक्ति की सुरक्षा, खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने जाति एवं धर्म के आधार पर कभी राजनीति नहीं की। समाज के दबे कुचले लोगों को संरक्षण देने के लिए यह कानून बनाया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इसका किसी भी तरह से दुरुपयो…

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)