प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो बड़े रोड प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे। इसके तहत करीब 11 हजार करोड़ की लगात से बने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) का उद्घाटन यूपी के बागपत से नरेंद्र मोदी करेंगे। वहीं दूसरे प्रोजेक्टर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पहले फेज का भी उद्घाटन करेंगे। पहले फेज के प्रोजेक्ट में करीब 841 करोड़ रुपए की लागत आई है। मोदी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ-साथ एक रोड शो भी करेंगे। एक्सप्रेसवे का पहला फेज दिल्ली के सराय काले खां से यूपी गेट तक का है, जो 14 लेन में बनाया गया है। जबकि एक्सप्रेसवे के दो और हिस्सा है, इसका भी काम चल रहा है।
निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा मोदी का रोड शो
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो दिल्ली के निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर खुली जीप में 6 किलोमीटर चलने के बाद मोदी एक प्रदर्शनी और एक्सप्रेसवे के 3डी मॉडल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद मोदी हेलिकॉप्टर से बागपत रवाना होंगे और यहां इस परियोजना को देश को समर्पित करेंगे।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में क्या खास?
गडकरी ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को 841 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। यह सोलर पावर से लैस देश का पहला हाईवे है। 8 सोलर प्लांट बनाए गए हैं, जिनमें 4 हजार किलो वॉट बिजली पैदा होगी। हर 500 मीटर पर दोनों तरफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं।
यमुना ब्रिज पर दोनों ओर सोलर सिस्टम लगे हैं। यह देश का पहला ब्रिज होगा, जिस पर वर्टिकल गार्डन, सोलर पावर सिस्टम और ड्रिप सिंचाई के इंतजाम होंगे। इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 2.5 मीटर चौड़ा साइकिल और पैदल यात्रियों के लिए 1.5 मीटर चौड़ा ट्रैक बनाया गया है।
अब सिर्फ 45 मिनट में दिल्ली से मेरठ पहुंचा जा सकेगा। अभी 96 किमी दूरी तय करने में करीब 3 घंटे तक लग जाते हैं। इस पर दिल्ली के निजामुद्दीन ब्रिज से यूपी बॉर्डर (गाजियाबाद) तक 6 लेन बनी हैं। इनमें से 4-4 लेन हाईवे की हैं। हाईवे का काम रिकॉर्ड 17 महीने (करीब 500 दिन) में पूरा हुआ है।
सोनीपत से पलवल के बीच बना है ईपीई
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे सोनीपत के कुंडली से पलवल और गाजियाबाद तक जाता है। इसके शुरू होने के बाद हरियाणा और यूपी के बीच चलने वाले वाहन दिल्ली में नहीं घुसेंगे।
लंबाई:135 किलोमीटर
लागत:11 हजार करोड़
उद्घाटन में देरी पर सुप्रीम ने लगाई थी फटकार
11 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एक्सप्रेसवे के उद्घाटन में देरी पर फटकार लगाते हुए कहा कि 31 मई तक प्रधानमंत्री उद्घाटन करें या न करें, 1 जून से हर हाल में एक्सप्रेस-वे को जनता के लिए खोल दिया जाए। दिल्ली-एनसीआर पहले से ही ट्रैफिक का भारी दबाव झेल रहा है।
हालांकि, कोर्ट के सख्त रुख के बाद नितिन गडकरी ने सफाई देते हुए कहा था कि एक्सप्रेस-वे नहीं खुलने का प्रधानमंत्री से कोई लेना-देना नहीं। काम पूरा नहीं होने के चलते यह देरी हुई।
2006 में शुरू हुई थी एक्सप्रेसवे की प्लानिंग
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के आसपास ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की प्लानिंग 2006 में ही शुरू हुई थी। दिल्ली को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिल्ली के बाहर रिंग रोड बनाने का आदेश दिया था।
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