
उप-चुनावों में मिल रही हार का भाजपा आलाकमान को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। अब तक की पार्टी गतिविधियों का अवलोकन करने पर एक बात स्पष्ट होती है कि नेता मोदी-योगी-अमित के कन्धों पर सवार मौज-मस्ती कर रहे हैं। चुनावों में "हर हर मोदी, घर घर मोदी" नारों से जनमानस को गुमराह कर अपना खेल खेल जाते हैं और जनता मोदी जी के नाम पर वोट देते हैं न कि किसी नेता के नाम पर। क्योकि स्थानीय स्तर पर नेताओं को न जनसमस्या की चिंता और न ही पार्टी के कमर्ठ कार्यकर्ताओं की, चिंता होती है केवल चापलूसों की, शायद जिनका वोट भी पार्टी को न मिलता हो। हमेशा उप-चुनाव क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों से पर्दाफाश करते हैं।
राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगता दिख रहा है. कांग्रेस ने राजस्थान की मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कब्जा जमा लिया है. कांग्रेस के विवेक धाकड़ ने 12976 वोटों के साथ जीत दर्ज की है. विवेक धाकड़ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शक्ति सिंह हाडा 12 हजार 976 मतों के अंतर से हराया है. कांग्रेस प्रत्याशी विवेक धाकड़ को 70,146 वोट हासिल हुए, जबकि भाजपा प्रत्याशी शक्ति सिंह हाडा को महज 57,170 वोट मिले. वहीं, आठ प्रत्याशियों में से स्वतंत्र उम्मीदवार गोपाल मालवीय शीर्ष दावेदार में शामिल थे. पिछले साल 28 अगस्त को भाजपा विधायक कीर्ति कुमारी की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी. जिस कारण रिक्त मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर 29 जनवरी को मतदान हुआ था. जीत से उत्साहित कांग्रेस ने विवेक धाकड़ पर ट्विटर पर बधाई दी है.
अलवर और अजमेर में भी कांग्रेस की हुई जीत
वहीं, अलवर और अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस बढ़त बनाये हुए हैं. अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस 72 हजार 101 वोटों से बढ़त बनाये हुए है, वहीं, अजमेर में कांग्रेस 45 हजार 321 वोटों की बढ़त पर है. राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में यह उपचुनाव कांग्रेस के लिए अपनी जमीन मजबूत करने के मौके के रूप में देखा जा रहा है.
अग्नि परीक्षा में फेल हो गयी वसुंधरा राजे
वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए यह अग्नि परीक्षा से कम नहीं है. यानी साल अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे बीजेपी और कांग्रेस के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है. बता दें कि यह उपचुनाव बीजेपी सांसद सांवर लाल जाट (अजमेर), सांसद चांद नाथ योगी (अलवर) और विधायक कीर्ति कुमारी के निधन के कारण हुआ था. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा परिणाम के बाद कहा है कि जनादेश सरकार के खिलाफ हैं. हम आशा करते हैं कि हमारी बढ़ोतरी बरकरार रहेगी. वसुंधरा राजे और उनकी सरकार को लोगों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
सेमीफाइनल में भाजपा पर भारी कांग्रेस
उपचुनाव के परिणामों के रुझानों को देखकर कर लग रहा है कि यह राजस्थान के आम जनता का जनादेश है जो कांग्रेस पार्टी के पक्ष में है. लोगों ने वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ लोगों ने मतदान किया है. जनादेश के बदलने मूड से साफ नजर आ रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपनी कुर्सी बचाने में काफी मुश्किलें होने वाली हैं. सात महीनों के बाद राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाल हैं और उससे पहले ही भाजपा को नकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है. जहां अजमेर और अल्वर में भाजपा पर कांग्रेस भारी साबित हो रही है. लोगों की भावनाएं कांग्रेस पार्टी के पक्ष में हैं. यह जनादेश पूरी तरह से राजे सरकार के खिलाफ है. वे राज्य में सभी मोर्चों में असफल साबित होती दिख रही हैं. जिस तरह का परिणाम राजस्थान में देखने को मिल रहा है, वह जाहिर तौर पर आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का मनोबल बढ़ायेगा.
उलुबेड़िया में 4.74 लाख से जीतीं टीएमसी उम्मीदवार
उलुबेड़िया लोकसभा केंद्र से तृणमूल कांग्रेस की उन्नीदवार साजदा अहमद ने 4 लाख 74 हजार 209 वोट से जीत दर्ज कर अपना संसद जाने का मार्ग प्रशस्त कर लिया है. साजदा अहमद को कुल 7 लाख 67 हजार 219 वोट मिले हैं. जबकि बीजेपी उम्मीदवार अनुपम मल्लक को 2 लाख 93 हजार 19 वोट मिले हैं. वहीं सीपीएम के साबीरूद्दीन मोल्ला को एक लाख 38 हजार 792 वोट मिला तो कांग्रेस के उम्मीदवार को मात्र 23 हजार 109 वोट से ही संतोष करना पड़ा.पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले उपचुनाव के नतीजे काफी अहम माने जा रहे हैं. बंगाल में उलुबेडिया लोकसभा केंद्र और नोआपाड़ा विधानसभा केंद्र में उपचुनाव हुये. दोनों सीटों पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी की लड़ाई देखने को मिली. नोआपाड़ा विधानसभा सीट पर टीएमसी के उम्मीदवार सुनील सिंह ने 63018 वोटों से जीत दर्ज की है. उन्होंने भाजपा के संदीप बनर्जी को हराया है. माकपा की गार्गी चटर्जी और कांग्रेस के गौतम बोस तीसरे और चौथे स्थान पर रहे.
Comments