Skip to main content

1984 दंगे: जिस किशोरीलाल ने सिख को टुकड़े-टुकड़े किया था, उसे रिहा कराना चाहती थी शीला दीक्षित सरकार

नवंबर 1984 में मात्र तीन दिनों में दिल्ली के त्रिलोकपुरी में 350 सिख मारे गये थे। (Source: Photograph by Ram Rahman)
सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा एक बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने तीन सदस्यों की एक विशेष जांच टीम बनाने का आदेश दिया है। यह टीम 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े 186 केसों की फिर से जांच करेगी। इन मामलों को सरकार द्वारा नियुक्त एक एसआईटी ने बंद करने का आदेश दिया था। 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र होते ही हिंसा और नफरत की तस्वीरें दिमाग आती है। तब दिल्ली में कत्ले-आम का दौर था। इस दंगे के कई गुनहगारों में किशोरी लाल का जिक्र आता है। किशोरी लाल, जिसकी हैवानियत इतनी खौफनाक थी कि उसे लोग ”त्रिलोकपुरी के कसाई” के नाम से जानने लगे थे। त्रिलोकपुरी पश्चिमी दिल्ली का एक इलाका है। 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद शुरू हुए हिंसा और लूटपाट के दौर में ये इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था।
किशोरी लाल का जिक्र सुनते ही तब त्रिलोकपुरी के ब्लॉक 32 के रहने वाले सिख मंशा सिंह कुछ असहज महसूस करने लगते हैं। वो 31 अक्टूबर 1984 का दिन था। त्रिलोकपुरी में मीट की दुकान चलाने वाला किशोरी लाल एक धारदार चाकू से भेड़ की खाल निकाल रहा था। तब उसे देखकर मंशा सिंह के दिमाग में कोई ख्याल नहीं आया। लेकिन मात्र एक दिन बाद मंशा सिंह ने इस कसाई को उसी चाकू से अपने बेटे दर्शन सिंह की बाहें काटते हुए देखा। इस खौफनाक वाकये के दौरान मंशा सिंह को मानो लकवा मार गया था। वो एक कपड़े के पीछे छिपे अपनी जान बचा रहे थे। 3 साल पहले इंडियन एक्सप्रेस को दिये एक इंटरव्यू में मंशा सिंह बताते हैं, ‘किशोरी लाल एक दंगाई भीड़ का अगुवा था, उसने मेरे बेटे को घर से निकाला और उस पर चाकू और रॉड से हमला किया।’ मंशा सिंह कहते हैं, ‘मैंने अपनी आंखों के सामने अपने 3 बेटों को मरते हुए देखा, उन्हें टुकड़ों-टुकड़ों में कर दिया गया, लोहे की छड़ से पीटा गया, मैं अपने बच्चे को बचा नहीं सका, मैं नहीं जानता कि वाहे गुरु ने मुझे क्यों जिंदा रखा है, मैं तो ऐसा अपने शत्रु के लिए भी ऐसा नहीं सोचता हूं।’ 2014 में 74 साल के हो चुके मंशा सिंह ने काफी पहले ही त्रिलोकपुरी छोड़ दिया था, वह तिलक विहार में 2 कमरों के फ्लैट में रहते थे।
किशोरी लाल इस वक्त तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। निचली अदालत ने किशोरी लाल समेत तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनकी सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया में देरी को जिम्मेदार ठहराया था। 2012 में दिल्ली की तत्कालीन शीला सरकार ने किशोरी लाल को रिहा करने की सिफारिश की थी। इसके लिए कांग्रेस सरकार ने जेल में उसके अच्छे चाल चलन का हवाला दिया था। पर सरकार के इस सिफारिश की जानकारी होते ही सिख संगठन उबल पड़े थे। दवाब में दिल्ली के तत्कालीन एलजी तेजेन्द्र खन्ना ने इस बात की इजाजत शीला सरकार को नहीं दी थी। बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की दो सिख सुरक्षा गार्डों द्वारा 31 अक्तूबर 1984 की सुबह हत्या करने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे और इस हिंसा में अकेले दिल्ली में 2733 लोग मारे गये थे।(साभार)

Comments

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

भोजपुरी एक्ट्रेस त्रिशा कर मधु का MMS…सोशल मीडिया पर हुआ लीक

सोशल मीडिया पर भोजपुरी एक्ट्रेस और सिंगर त्रिशा कर मधु का MMS लीक हो गया है, जिससे वो बहुत आहत हैं, एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है, त्रिशा मधु ने इस बात को कबूल किया है कि वीडियो उन्होंने ही बनाया है लेकिन इस बात पर यकीन नहीं था कि उन्हें धोखा मिलेगा। गौरतलब है कि हाल ही में त्रिशा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें वह एक शख्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रही थीं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अभिनेत्री ने इसे डिलीट करने की गुहार लगाई साथ ही भोजपुरी इंडस्ट्री के लोगों पर उन्हें बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। त्रिशा मधु कर ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो के साथ पोस्ट लिखा है जिसमें कहा, आप लोग बोल रहे हैं कि खुद वीडियो बनाई है। हां, हम दोनों ने वीडियो बनाया थ। पर मुझे ये नहीं मालूम था कि कल को मेरे साथ धोखा होने वाला है। कोई किसी को गिराने के लिए इतना नीचे तक गिर जाएगा, यह नहीं पता था। इससे पहले त्रिशा ने वायरल हो रहे वीडियो पर अपना गुस्सा जाहिर किया था और कहा था कि उनको बदनाम करने को साजिश की जा रही है। त्रिशा मधु कर ने सोशल मीडिया पर ए...

राखी सावंत की सेक्सी वीडियो वायरल

बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत हमेशा अपनी अजीबो गरीब हरकत से सोशल मिडिया पर छाई रहती हैं। लेकिन इस बार वह अपनी बोल्ड फोटो के लिए चर्चे में हैं. उन्होंने हाल ही में एक बोल्ड फोटो शेयर की जिसमें वह एकदम कहर ढाह रही हैं. फोटो के साथ-साथ वह कभी अपने क्लीवेज पर बना टैटू का वीडियो शेयर करती हैं तो कभी स्नैपचैट का फिल्टर लगाकर वीडियो पोस्ट करती हैं. वह अपने अधिकतर फोटो और वीडियो में अपने क्लीवेज फ्लांट करती दिखती हैं. राखी के वीडियो को देखकर उनके फॉलोवर्स के होश उड़ जाते हैं. इसी के चलते उनकी फोटो और वीडियो पर बहुत सारे कमेंट आते हैं. राखी अपने बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहती हैं.राखी अक्सर अपने रिलेशनशिप को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहतीं हैं. राखी कभी दीपक कलाल से शादी और लाइव हनीमून जैसे बयान देती हैं तो कभी चुपचाप शादी रचाकर फैंस को हैरान कर देती हैं. हंलाकि उनके पति को अजतक राखी के अलावा किसी ने नहीं देखा है. वह अपने पति के हाथों में हाथ डाले फोटो शेयर करती हैं लेकिन फोटो में पति का हाथ ही दिखता है, शक्ल नहीं. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर राखी जो भी शेयर करती हैं वह भी चर्चा ...

Netflix फैला रहा हिन्दू घृणा : ‘हल्लिलूय्याह’ बन गया ‘अनंत आनंदम्’, बच्चों का यौन शोषण करने वाला हिन्दू बाबा

                             Netflix लो वेब सीरीज 'राणा नायडू' में वेंकटेश और राणा दग्गुबती भारत में आजकल गालियों और सेक्स को ही वेब सीरीज मान लिया गया है। इसमें अगर हिन्दू घृणा का छौंक लग जाए तो फिर कहना ही क्या। चाहे ‘पाताल लोक’ में पंडित के मुँह से माँ की गाली बुलवाने वाला दृश्य हो या फिर ‘मिर्जापुर’ में ब्राह्मण को लालची बता कर उसे उठा कर भगाने का, OTT पर धड़ाधड़ रिलीज हो रहे ये वेब सीरीज इन मामलों में निराश नहीं करते। ऐसी ही एक नई वेब सीरीज Netflix पर आई है, ‘राणा नायडू’ नाम की। हिन्दू भावनाओं के प्रति जितनी जागरूकता सरकार और हिन्दुओं में देखी जा रही है, उतनी कभी नहीं। 70 के दशक में वैश्यवृत्ति पर आधारित निर्माता-निर्देशक राम दयाल की फिल्म 'प्रभात' का प्रदर्शन हुआ, जिसे विश्व हिन्दू परिषद द्वारा नायक और नायिका के राम एवं सीता होने पर आपत्ति करने राम दयाल को दोनों के नाम परिवर्तित होने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा कई फिल्में आयी जिनमें हिन्दू मंदिरो को बदनाम किया जाता रहा है। यही कारण है कि राहुल गाँधी द्वा...