आपको जान कर हैरानी नहीं होनी चाइये की बीफ के निर्यातको में,कांग्रेस के नेताओ का नाम बड़े निर्यातको में आता है यही कारण है की कांग्रेस सरकार कभी भी बीफ पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं रही है। कांग्रेस बीफ पर प्रतिबंध के खिलाफ क्यों है? ज़ाहिर है, उनके लिए ये सब पैसे की बात है। लेकिन, कुछ कांग्रेस नेता के तार बीफ निर्यात से जुड़े हैं, या ये कह लीजिये की उनकी देख रेख में ये धंधा चल रहा है।हम आपके सामने ऐसे सबूत पेश करने वाले हैं, जिससे साबित हो जाएगा कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की पत्नी प्रोमिला सिब्बल बीफ के निर्यात में शामिल में है।
कपिल सिब्बल की पत्नी प्रोमिला सिब्बल अरिहंत निर्यात प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी की निदेशक है। वह 31 मार्च 1981 से इस कंपनी की निदेशक है।इस कंपनी में कथित तौर पर बीफ का निर्यात किया जाता है और गौर करने वाली बात ये है कि ये निर्यात प्रोमिला सिब्बल के आधिकारिक पता से संचालित किया जाता है।
जैन समुदाय के कंपनी के नाम ‘अरिहंत निर्यात’ पर आपत्ति जताने के बाद, कंपनी का नाम बदलना पड़ा। अरिहंत का अर्थ होता है “आन्तरिक दुश्मनों” को खत्म करना और अहिंसा का पालन करना। इसलिए कंपनी का नाम बदल कर “अर्शिया एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड” में बदल दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रोमिला ऑपरेशन हेड है और C-749 न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी नई दिल्ली-110065 पर बैठती है। और ये भी पता चला है कि वह तहसील गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र, साइट- IV, B-67 में स्थित क़साईख़ाना में निरंतर रूप से जाती रहती है। प्रोमिला सिब्बल कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय(MCA) के साथ पंजीकृत है। उनका DIN 00754957 है।
सूत्रों से पता चला है कि, अर्शिया एक्सपोर्ट भारत की सबसे बढ़ी बीफ एक्सपोर्ट कंपनी है। कपिल सिब्बल, जो 2014 के आम चुनावों के दौरान चांदनी चौक से चुनाव लड़े थे, उन्होनें अपनी पत्नी के इस व्यवसाय के बारे में जानकारी नहीं दी। कपिल सिब्बल ने जानबूझ कर अपनी पत्नी की इन तीन कंपनियों के बारे में अपने हलफनामे में कोई खुलासा नहीं किया। और ये पूर्ण रूप से चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ है।
सूत्रों से पता चला है कि, अर्शिया एक्सपोर्ट भारत की सबसे बढ़ी बीफ एक्सपोर्ट कंपनी है। कपिल सिब्बल, जो 2014 के आम चुनावों के दौरान चांदनी चौक से चुनाव लड़े थे, उन्होनें अपनी पत्नी के इस व्यवसाय के बारे में जानकारी नहीं दी। कपिल सिब्बल ने जानबूझ कर अपनी पत्नी की इन तीन कंपनियों के बारे में अपने हलफनामे में कोई खुलासा नहीं किया। और ये पूर्ण रूप से चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ है।
कांग्रेस शुरू से ही बीफ के प्रतिबंध की खिलाफत करती आई है, ये कह कर की एक व्यक्ति को उसे क्या खाना चाहिए, उसकी पूरी आज़ादी होनी चाहिए। लेकिन इन तर्कों का अब कोई अर्थ नहीं रहता, क्योंकि स्पष्ट रूप से पता चलता है कि कैसे कांग्रेस अपने लाभ भारत में बीफ निर्यात को सुनिश्चित कर रही है। ऐसा देश जहाँ न की गाय को माता कहा जाता है. बल्कि इन्हें पूजा जाता है। वहां कांग्रेस ने न केवल गोमांस पर प्रतिबंध पर प्रतिबंध पर विरोध जताया, बल्कि कुछ अज्ञानी हिन्दुओं के वोट बटोरने की खातिर, कपिल सिब्बल की पत्नी के इस व्यापार को भी छुपाकर रखा ।
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