Skip to main content

PM का इंटरव्यू: नौकरी, NRC, मॉब लिंचिंग से लेकर राहुल गांधी पर खुलकर बोले नरेंद्र मोदी

narendra modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 11 को न्यूज एजेंसी ANI को इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार रखे। पीएम ने मॉब लिंचिंग से लेकर हाल में सामने आए एनआरसी के मुद्दे पर भी खुलकर बोला। उन्होंने दावा किया है कि पिछले साल 1 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा की गई हैं। पढ़ें पीएम मोदी का इंटरव्यू-


  • एनआरसी पर ममता बनर्जी के बयान पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'जो लोग अपने आप में विश्वास खो चुके हैं, समर्थन के नुकसान से डरते हैं और वो हमारे संस्थानों में विश्वास की कमी के कारण 'गृह युद्ध', 'ब्लड बाथ' और 'देश के टुकड़े-टुकड़े' जैसे शब्दों का उपयोग करते हैं। जाहिर है कि वे राष्ट्र की नब्ज से अलग हो चुके हैं।'
  • पीएम ने कहा, मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत के किसी नागरिक को देश नहीं छोड़ना होगा। उचित प्रक्रिया के अनुसार, उनकी चिंताओं को संबोधित करने के लिए सभी संभावित अवसर दिए जाएंगे।
  • पीएम ने बेरोजगारी पर कहा, सिर्फ पिछले साल 1 करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा की गई हैं, इस प्रकार के जो अभियान हैं कि नौकरियां नहीं हैं, उन्हें रोकना चाहिए। 
  •  भीड़ हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों पर खामोश रहने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी एक भी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मोदी ने कहा कि उन्होंने और कई भाजपा नेताओं ने बार-बार हिंसा के खिलाफ स्पष्ट शब्दों में बोला है। ऐसी घटनाओं के खिलाफ राजनीति से ऊपर उठकर एकसाथ खड़े होना चाहिए। 
  • मोदी ने कहा, ‘मेरी पार्टी (भाजपा) और मैंने ऐसी घटनाओं व सोच का बार-बार विरोध किया है। ये सब रिकॉर्ड में है। हमने शब्दों से आगे बढ़कर काम किया है। गृह मंत्रालय के काम पर नजर डालिए कि हिंसा की घटनाओं के खिलाफ हमने क्या काम किया।’ ऐसी घटनाओं को महज संख्याओं में आंकना और फिर उन पर राजनीति करना उचित नहीं है। ज्यादातर लोग ऐसी घटनाओं का एकसाथ मिलकर विरोध करने के बजाय राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने लगते हैं। सभी लोगों को समाज में एकजुटता और शांति के लिए अपनी-अपनी राजनीतिक विचारधारा को छोड़कर आगे आना चाहिए।
  • महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर पीएम मोदी ने कहा, यहां तक कि इस तरह की एक भी घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे समाज में शांति और एकता सुनिश्चित करने के लिए हर किसी को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। ‘मैंने सत्ता में आने बाद लाल किले से पहले भाषण में ही कहा था कि महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करना सरकार, समाज, परिवार और हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।’ उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर हमने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्युदंड तक का प्रावधान किया। ऐसी घटनाओं के मुकदमों की सुनवाई में तेजी आई है। यहां तक कि अब मौत की सजा भी दी जा रही है। हमारी सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कानून को पूरी तरह से लागू करने में सक्षम है।
  • इन मुद्दों पर विपक्ष द्वारा चुप्पी के आरोपों पर मोदी ने कहा, मेरी पार्टी और मैंने इस तरह के कार्यों और ऐसी मानसिकता के खिलाफ कई अवसरों पर स्पष्ट शब्दों में बात की है। यह सब रिकॉर्ड पर है।
  • राहुल गांधी द्वारा जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहने पर पीएम मोदी ने कहा, गुजरात के चुनावों के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने जीएसटी के खिलाफ लोगों को उकसाने की पूरी कोशिश की, लोगों ने उन्हें क्यों खारिज कर दिया? 
  • छोटे दलों का भरोसा खोने के आरोपों पर मोदी ने कहा, हाल के अतीत की दो घटनाएं आपके प्रश्न का उत्तर देगीं- लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव और राज्यसभा के उप सभापति के लिए चुनाव। इन घटनाओं के परिणाम से संकेत मिलता है कि कौन सा गठबंधन बरकरार है और कौन अलग हो रहा है। असल में, हमें उन पार्टियों से भी समर्थन मिला जो हमारी सहयोगी नहीं हैं। बीजेपी ने हाल के वर्षों में लोगों के बीच लगातार आधार का विस्तार किया है और एनडीए में और सहयोगियों का स्वागत किया है।
  • लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी द्वारा उन्हें गले लगाने पर पीएम ने कहा, यह आपको तय करना है कि यह एक बचपना था या नहीं। और यदि आप निर्णय लेने में असमर्थ हैं, तो उनके द्वारा आंख मारना देखें और आपको जवाब मिल जाएगा।
  • महागठबंधन विरासत को लेकर है, विकास को लेकर नहीं। एकमात्र सवाल यह है कि क्या वे चुनाव से पहले या बाद में टूट जाएंगे!
  • आरक्षण पर मोदी ने कहा कि आरक्षण जारी रहेगा है। इसको लेकर कोई संदेह नहीं है।
  • राहुल के गले लगने पर पीएम मोदी ने कहा, मैं एक विनम्र कामदार हूं। मैं इस देश के नामदारों की तुलना में कुछ भी नहीं हूं, जिनके पास स्वयं को पेश करने की अनूठी शैली है। वे तय करते हैं कि किससे घृणा करना है, कब नफरत करनी है और किससे प्यार करना है और इसका शो कैसे करना है। इन सब में मेरे जैसे कामदार क्या कह सकते हैं?
  • जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी के गठबंधन पर मोदी ने कहा, मुफ्ती साहब के दुखद निधन के बाद उन लोगों (लोगों) की अपेक्षाओं को पूरा करने में बाधाएं थीं, यही कारण है कि हम किसी भी तरह की छेड़छाड़ किए बिना सत्ता से बाहर निकल गए।
  • पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पीएम मोदी ने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि हम पड़ोसियों से अच्छे संबंध रखना चाहते हैं। हमने इस संबंध में विभिन्न पहल भी की हैं। मैंने हाल ही में चुनाव में जीत पर इमरान खान को बधाई भी दी।                                                                               
  • Comments

    AUTHOR

    My photo
    shannomagan
    To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

    Popular posts from this blog

    कायस्थ कौन हैं ?

    सर्वप्रथम तो ये जान लें आप सब कि ना तो मै जातिवादी हुँ और ना ही मुझे जातिवादी बनने का शौक है और ना ही कायस्थ समाज को जागृत करने मे मेरा कोई स्वार्थ छिपा है। मै कल भी एक कट्टर सनातनी था आज भी एक कट्टर सनातनी हुँ और विश्वास दिलाता हुँ सनातन धर्म के प्रति मेरी ये कट्टरता भविष्य मे भी बनी रहेगी। इन शब्दों के बावजूद भी हमे कोई जातिवादी कहे तो मै बस इतना ही कहुँगा कि कुत्तो के भौकने से हाथी रास्ता नही बदला करते। मै ‘कायस्थ समाज’ से संबंध रखता हूँ । जो मेरे मित्र इस से सर्वथा अपरिचित हैं, उनकी जानकारी के लिए बता दुँ कि उत्तर भारत के बहुलांश क्षेत्रों मे कायस्थों की जबर उपस्थिति मौजूद है, हालांकि यह समाज देश के अन्य हिस्सों मे भी विद्यमान है । इनकी जनसंख्या काफी सीमित है परंतु इस वर्ग से संबन्धित सम्मानित महापुरुषों , विद्वानो, राजनेताओ , समाज सेवियों की एक लंबी फेहरिस्त मिलेगी जिन्होंने अपनी विद्वता, कर्मठता और प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व मे मनवाया है । सम्राट अकबर के नवरत्न बीरबल से लेकर आधुनिक समय मे स्वामी विवेकानंद , राजा राम मोहन रॉय , महर्षि अरविंद ,श्रीमंत शंकर देव ,महर्षि महेश योगी, मु…

    गीता को फाड़कर कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए -- दलित नेता विजय मानकर

    सोशल मीडियो पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि गीता को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए। आपको बता दें कि विजय मानकर का ये बयान अली शोहराब नाम के फेसबुक पेज से शेयर किया गया है। इस वीडियो को एक दिन में ही लगभग 1 लाख लोग देख चुके हैं। इसे अब तक 6 हजार लोगों ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर भी किया है। वीडियो में विजय मानकर मंच से लगभग चुनौती भरे अंदाज में कह रहे हैं जो गीता युद्ध और हिंसा को धर्म बताती है उसे कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिए। हालांकि ये वीडियो कब का है इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है। जनसत्ताऑनलाइन भी इसवीडियो की पुष्टी नहीं करता है। वीडियो में दिख रहा है कि अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि ‘मैं आज इस मंच से कहता हूं कि गीता को कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए। गीता कहती है कि मैंने वर्ण व्यवस्था बनाई है, गीता कहती है कि ब्राह्मण श्रेष्ठ होते हैं हमें ब्राह्मणों की पूजा करनी चाहिए। गीता महिलाओं को कनिष्ठ मानती है, हिंसा और युद्ध को ध…

    गरुड़ शास्त्र में पराई स्त्री के साथ सम्बन्ध बनाने एवं दैनिक कर्म के परिणाम

    हमारे गृहस्थ जीवन के बारे में भारतीय प्राचीन शास्त्रों बहुत से सुझाव लिखे गये है| हर काम को करने के नतीजों के बारे में बताया गया है, फिर वो चाहे अच्छे कर्म हो या बुरे, अच्छे कर्मो का नतीज़ा हमेशा ही अच्छा होता है वही बुरे कर्मों के बुरे नतीजे भी लोगो को भुगतने पड़ते है।  शास्त्रों के अनुसार किसी पराई स्त्री के साथ सम्भोग करना पाप माना जाता है, और ऐसे इंसान को सीधे नर्क में जाना पड़ता है। वही किसी स्त्री के ऊपर बुरी नज़र रखने वाले, किसी पराई स्त्री के साथ संभोग का सोचने वाले लोगो को भी नर्क में ही जगह दी जाती है।
    एक समय था, जब दिल्ली के पुराना किला स्थित भैरों मंदिर में किले की दीवारों पर चित्रों के माध्यम से प्राणियों को दुष्कर्मों से दूर रहने के लिए मृत्यु उपरान्त यमलोक में दी जाने वाली यातनाओं से अवगत करवाया जाता था। लेकिन पश्चिमी सभ्यता के मानव जीवन पर हावी होने के कारण मानव जीवन से हिन्दू मान्यताएँ धूमिल ही नहीं हुईं, बल्कि आस्था पर भी आघात हुआ है।
    परिवार में किसी मृत्यु उपरान्त गरुड़ पुराण पाठ किया जाता है, लेकिन मनुष्य है, इसे केवल मृतक तक ही सीमित समझ एक धार्मिक पूर्ति मात्र मान कर…