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मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव मंजूर, सरकार ने कहा- हमारे पास दो-तिहाई बहुमत

Many important decisions in nation's interest will be taken up in Monsoon Session says PM Modi
आर.बी.एल निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मोदी सरकार के खिलाफ साढ़े चार साल में पहला अविश्वास प्रस्ताव मंजूर किया है। मानसून सत्र के पहले दिन जुलाई 18 को कांग्रेस और तेदेपा ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। इस पर शुक्रवार को चर्चा होगी। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा- हम परेशान नहीं हैं। मोदी सरकार के खिलाफ हमारे पास पर्याप्त संख्याबल है। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार भी अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार है। हम आसानी से जीतेंगे, क्योंकि हमारे पास सदन में दो-तिहाई बहुमत है।


"Who says we don't have the numbers?," asks Sonia Gandhi when asked about No Confidence motion (File pic)
इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कौन कहता है कि हमारे पास संख्या नहीं है? सोनिया गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, 'मुझे लगता है कि इस तरह के आत्मविश्वास से कुछ नहीं मिलेगा। हम 20 जुलाई को स्पष्ट बहुमत साबित करेंगे। हम आराम से जीतेंगे और विपक्ष को अपनी ताकत दिखाएंगे।' 


Congress had shown similar kind of arrogance during Atal Ji's tenure & they had to face the consequences. Indians have elected PM Modi as their leader & he has their confidence. We are ready to face them: D Pradhan on Sonia Gandhi's statement 'who says we don't have the numbers'
वहीं धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'अटल जी के कार्यकाल के दौरान भी कांग्रेस ने इसी तरह का अहंकार दिखाया था और उन्हें परिणामों का सामना करना पड़ा था। भारतीयों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना नेता चुना है और उनका उन पर विश्वास है। हम उनका सामना करने के लिए तैयार हैं।' 


I think such over confidence will serve no purpose. We will show clear majority on July 20. We will win comfortably and show our strength to the opposition: Union Minister Ramdas Athawale on Sonia Gandhi's statement "Who says we don't have the numbers?" over motion
समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा, 'विपक्ष में संख्या नहीं है, लेकिन ऐसे लोग हैं जो दूसरों को बताएंगे कि सरकार ने राष्ट्र को कैसे बेवकूफ बना दिया है। सरकार गिराने लायक जब नंबर नहीं हैं तो मकसद क्यों सरकार गिराने का है? विश्वास ये है कि जनता के मन में अविश्वास पैदा कर दें।' 
सदन में तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हम 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाते हैं और उसके आयोजन की वजह से 20 जुलाई को तृणमूल का एक भी सांसद सदन में नहीं रहेगा। इसलिए शुक्रवार की जगह चर्चा सोमवार(जुलाई 16) को कराई जाए। हालांकि बाद में उन्हीं की पार्टी के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'हमने निर्णय किया है कि टीएमसी अपने 34 लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मौजूद रहने को कहेगी। 
सदन में प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने वाले सभी सदस्यों का उल्लेख किया और टीडीपी के एस केसीनेनी को अविश्वास प्रस्ताव पेश करने को कहा।View image on Twitter

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Opposition doesn't have numbers but have people who will tell others how govt has be-fooled the nation. Sarkar girane layak jab number nahi hai to maksad kyun sarkar girane ka hai? Vishwas ye hai ki janta ke mann mein avishwas paida kar dein: RG Yadav, SP


We have decided that we will send all 34 TMC Lok Sabha MPs on a whip to be present for discussion and voting of in the Parliament, on Friday: TMC leader Derek O' Brien
अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने एस केसीनेनी, तारिक अनवर, मल्लिकार्जुन खडगे समेत कुछ अन्य सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार किया है और अब वह इस नोटिस को सदन के समक्ष रख रही हैं। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने को तैयार है और दूध का दूध-पानी का पानी हो जायेगा। हम निश्चत तौर पर विजयी होंगे। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बीजेपी ने व्हिप जारी कर दिया है और अपने सहयोगियों से भी व्हिप जारी करने को कहा है। 
सरकार सभी मामलों पर चर्चा के लिए तैयार
सत्र शुरू होने से पहले जुलाई 18 की सुबह प्रधानमंत्री ने उम्‍मीद जताई है कि मानसून सत्र अच्‍छी तरह चलेगा। सभी पार्टियों के मुद्दों को सदन पटल पर उठाया जा सकता है। सरकार सभी मामलों पर चर्चा के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि संसद मानसून सत्र के दौरान देशहित में कई अहम फैसले लिए जाएंगे। सदन के सभी अनुभवी सदस्‍यों से अच्‍छे सुझाव और चर्चा की उम्‍मीद है। दूसरी ओर, संसद के मानसून सत्र में मॉब लिंचिंग पर बहस के लिए तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा में नोटिस दिया। इसी मुद्दे पर राजद सांसद जेपी यादव ने लोकसभा में और माकपा सांसद डी राजा ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।
NDA के सहयोगी दलों के कुल सांसदों की संख्या 312, बहुमत के लिए 271 जरूरी
पार्टीसांसद
भाजपा 273 
शिवसेना18
लोजपा 06
अकाली दल 04 
रालोसपा 03 
जेडीयू 02 
अपना दल 02 
एनपीपी01 
एनडीपीपी 01
आरएसपी 01
एसडीएफ 
01
कुल312
दोनों सदनों में 67 बिल अटके
संसद के दोनों सदनों में 67 बिल अटके हैं। इनमें ट्रिपल तलाक, भगोड़ा कानून और मुस्लिम विवाह संरक्षण बिल सरकार के टॉप एजेंडा में हैं। 18 जुलाई से 10 अगस्त तक सत्र चलेगा। इनमें 6 दिन छुट्टी के हैं। सरकार के पास अहम बिल पास कराने के लिए 18 दिन, यानी 198 घंटे हैं। उधर, मंगलवार को कांग्रेस के दफ्तर में विपक्षी दलों की बैठक हुई, जिसमें सरकार को घेरने की तैयारी की गई। इसमें अविश्वास प्रस्ताव पर 12 दलों ने सहमति भी जताई। मानसून सत्र के दौरान ही राज्यसभा में उप-सभापति का चुनाव होगा। पीजे कुरियन का कार्यकाल पूरा हो रहा है। 
एक कहावत है, खरबूजा चाकू पर गिरे या चाकू खरबूजे पर, कटना खरबूजे को ही, और अब विपक्ष ने इस अविश्वास प्रस्ताव को लाकर मोदी सरकार के दोनों हाथों में लड्डू दे दिए हैं। सरकार गिरी तो आरोप विपक्ष पर, और अगर बच गयी, 2019 में विपक्ष का बहुत बुरा हाल होगा। इसीलिए कहते हैं, हिन्दुओं को आरोपित करने से पूर्व उनकी भागवत गीता का कुछ ज्ञान ले लेना चाहिए। भागवत गीता में लिखा है "विनाश काले, विपरीत बुद्धि" विपक्ष के पास सिवाए मोदी विरोध के कुछ नहीं, इसलिए आगे को सोंचने में इनमे सामर्थ शेष ही नहीं बचा।
मोदी सरकार को मिलेगा विपक्ष पर निशाना साधने का मौका
लोकसभा में 535 में से एनडीए के पास 312 सांसद होने के कारण मोदी सरकार को अविश्वास प्रस्ताव से निपटने को लेकर कोई चिंता नहीं है। सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के जरिए पिछले चार वर्षों में अपनी उपलब्धियों की जानकारी संभावित मतदाताओं तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही वह बहुत से राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को भी घेरेगी। 
बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि सरकार अपने प्रभावशाली वक्ताओं को विपक्ष पर हमला करने के लिए उतारेगी। वक्ताओं के नाम अभी तक तय नहीं किए गए हैं। सरकार केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह औरसुषमा स्वराज के साथ ही रविशंकर प्रसाद को बीजेपी के विरोधियों का मुकाबला करने के लिए तैनात कर सकती है। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान दलित मुद्दों पर सरकार का पक्ष रख सकते हैं, जबकि अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर सरकार की ओर से जानकारी देंगी।
 बहस के अंतिम वक्ता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जोरदार भाषण देने की विशेषता का प्रदर्शन होगा। मोदी इसमें तीन तलाक, किसानों की समस्याएं दूर करने के लिए सरकार की कोशिशों, कांग्रेस को निशाना बनाने और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष के एकजुट होने जैसे मुद्दों को शामिल कर सकते हैं। 
बीजेपी ने सदन में अपने नेताओं की मीटिंग कर उन्हें सहयोगियों और समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत करने का निर्देश दिया है। पार्टी को विश्वास है कि उसके लिए पिछले कुछ समय से मुश्किलें पैदा कर रहे 18 सांसदों वाले सहयोगी दल शिव सेना के साथ ही टीआरएस (11 सांसद) और एआईएडीएमके (37 सांसद) उसके पक्ष में वोट देंगे। टीआरएस ने कांग्रेस के साथ नहीं जुड़ने का संकेत दिया है। 20 सांसदों वाली बीजेडी भी कांग्रेस से अपनी दूरी बरकरार रख सकती है। एआईएडीएमके का बीजेपी को लेकर नरम रवैया है क्योंकि पार्टी ने उसे डेप्युटी स्पीकर का पद दिया था। 
टीडीपी के बाहर निकलने के बाद एनडीए से 16 सांसद घट गए थे। जेडी (यू) के एनडीए में शामिल होने से केवल दो सांसद आए हैं। बीजेपी को पीएमके (1 सांसद), स्वाभिमान पक्ष (1 सांसद), 3 निर्दलीय सांसदों और दो एंग्लो इंडियन सांसदों का समर्थन मिलने की भी उम्मीद है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा, ‘एनडीए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ एकजुटता से वोट देगा। हमें विश्वास है कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के कारण हमें एनडीए के बाहर भी समर्थन मिलेगा।’ 
यह देखना होगा कि पूरा विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर वोट देता है या वॉक आउट किया जाता है। बीजेपी के एक सांसद ने कहा, ‘बहस से विपक्ष को भी नीरव मोदी और बैंकिंग स्कैम, अर्थव्यवस्था की स्थिति और भीड़ की ओर से पीटकर मारने की घटनाओं जैसे मुद्दों पर अपना गुस्सा निकालने का मौका मिलेगा, लेकिन इससे हमें सत्र का बाकी हिस्सा आसानी से चलाने में मदद मिलेगी।’    

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