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मुस्लिम लीग ने आर्थिक मदद का वादा किया था: रोहित वेमुला की मां

मुस्लिम लीग ने आर्थिक मदद का वादा किया था: रोहित वेमुला की मां; आपका सियासी फायदे के लिए इस्तेमाल हुअा: भाजपा, national news in hindi, national news
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में सुसाइड करने वाले छात्र रोहित वेमुला के परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। मोदी सरकार के मंत्री पीयूष गोयल ने जून 20 को कहा कि मुस्लिम लीग ने वेमुला की मां राधिका को 20 लाख रुपए देने का झूठा वादा किया था। बदले में राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उनसे कहा गया कि वे लीग की रैलियों में पहुंचे और सुसाइड केस को गलत तरीके से पेश करने के लिए बयान दें। गोयल ने कांग्रेस पर भी इस मामले में सवाल उठाए हैं। राधिका ने पिछले दिनों मुस्लिम लीग पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया था। हालांकि कुछ दिनों बाद वह अपने बयानों से पलट गईं। लगता है, उनके पास पैसे पहुँच गए। पीएचडी की पढ़ाई कर रहे रोहित का शव जनवरी, 2016 में हॉस्टल में फंदे पर लटका मिला था।

राजनीतिक बढत के लिए किया उपयोग

राधिका वेमुला ने बताया, ‘एक महीने के अंदर ही वह लोग हमें केरल ले गए । वहां पर उन्होंने हमें बडी रैलियों में बुलवाया, जहां 30 से 40 हजार लोग मौजूद थे। उन्होंने हमसे वादा किया कि वे लोग हमें 20 लाख रुपये देंगे और हमारे लिए नया घर बनवा देंगे।” राधिका वेमुला का आरोप है कि मुस्लिम लीग ने उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में कई रैलियों में बुलाकर अच्छी खासी राजनीतिक बढ़त प्राप्त की है। सभी राज्यों में सबसे ज्यादा मैंने केरल की यात्रा की है। मुस्लिम लीग की केरल युवा शाखा का महासचिव सीके सुबैर मुझे हमेशा कहा करता था कि उन रैलियों में और भी अत्याचारों से सताए हुए लोग होंगे, जिनसे बात करने के लिए मुझे ले जाया जा रहा है।
राधिका वेमुला ने ये भी कहा,”वह केरल में एक रैली में शामिल होने के लिए जा रही थीं । उसी समय उन्हें खबर मिली कि उनकी बहू को बच्चा हुआ है । मैंने लौटने के बारे में सोचा, परंतु उन्होंने मुझसे कहा कि रैली आयोजित की जा चुकी है और 15 लाख रुपये का चेक तो बस मेज पर साइन किया हुआ ही रखा है। जिसे वह मुझे तुरंत ही दे देंगे । ये वादा वह मुझसे पिछले दो साल से करते रहे, मैं आज भी उस चेक की उम्मीद लगाए बैठी हूं।”

फोटो खिंचवाकर थमाया बोगस चेक

राधिका कहती हैं कि एक बार मुस्लिम लीग के कई नेता गुंटूर में हमारे घर आए और सफेद रंग के बडे चेक के साथ फोटो खिंचवाई । इस चेक में 25 लाख बडे अक्षरों में लिखा हुआ था । बाद में मुझे पता चला कि वे केरल चले गए और दावा कर गए कि मुझे 25 लाख रुपये मिले हैं । जबकि असल में मुझे कुछ नहीं मिला था ।”

नहीं देना था तो झूठ क्यों बोला

राधिका वेमुला ने आगे बताया, कई महिला संगठनों ने जब मुस्लिम लीग पर दबाव डाला तब उन्होंने हमें कुरियर से ढाई लाख रुपये के दो चेक भिजवाए, जिनमें से एक बाउंस हो गया। अगर वह हमें नहीं वादा किया हुआ पैसा नहीं देना चाहते तो साफ मना कर दें, हमें परेशान क्यों कर रहे हैं ? इस संबंध में मुस्लिम लीग के नेता सुबैर का कहना है कि वेमुला परिवार को भेजा गया चेक लिखने की त्रुटि के कारण हुआ था । हमने उन्हें अपार्टमेंट खरीदने के लिए दूसरा चेक भेजा था । जो उन्होंने भुना लिया है । हम अपने वादे पर अभी भी अडिग हैं ।”
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अपने पत्राचार में दलित शब्द का प्रयोग करने से बचना चाहि.....

रेलमंत्री पीयूष गोयल के दावे पर वेमुला की मां ने सफाई में कहा, ''ये सच है मुस्लिम लीग ने आर्थिक मदद का वादा किया था, पर उन्होंने मेरा राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया। मैंने अपनी इच्छा से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयान दिए थे। अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी बोलूंगी। मुस्लिम लीग ने मुझे ढाई लाख के दो चेक भेजे थे। इनमें से एक चेक बाउंस हो गया। लीग ने कहा है कि घर बनाने के लिए वे नकद रकम मुहैया कराएंगे।" गोयल ने सुसाइड केस में कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वेमुला के परिवार को मंच पर बुलाया और भाजपा विरोधी बयान देने के लिए कहा था, इसके सबूत मौजूद हैं। कांग्रेस अध्यक्ष को झूठ की बुनियाद पर ओछी राजनीति करने के लिए माफी मांगना चाहिए।
जिस नेता को देखो, संविधान की बात करता नज़र आता है, लेकिन लगता है, उन्हें ही नहीं मालूम की संविधान में क्या लिखा है? अगर ज्ञान होता बात-बात में दलित शब्द का इस्तेमाल नहीं करते, यानि संविधान का मान रखने की बात करने ही संविधान का अपमान कर जनता को भ्रमित कर अपनी तिजोरियाँ भर रहे हैं। अगर संविधान में दलित शब्द होता तो मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को दलित शब्द के प्रयोग करने से बचने का निर्णय नहीं देना पड़ता। बल्कि दलित नाम पर बनी पार्टियों की वैधता पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब यह काम चुनाव आयोग का है कि "दलित नाम पर बनी पार्टियों को अवैध घोषित करने का प्रस्ताव भेजता है अथवा नहीं।"    

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