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हिन्दुआें को बदनाम करने के लिए #JusticeForAsifa नाम से आंदोलन चलानेवाला तालिब हुसैन निकला बलात्कार का आरोपी

पत्नी से मारपीट करने सहित कई अन्य मामलों में
शामिल तालिब हुसैन
पत्नी से मारपीट करने सहित कई अन्य मामलों में शामिल तालिब हुसैन को पुलवामा जिले के त्राल से सांबा पुलिस ने पकडा है। गिरफ्तारी के समय पुलिस पर स्थानीय लोगों ने पथराव भी किया। तालिब कठुआ के रसाना कांड में प्रदर्शन कर चर्चा में आया था। पिछले कई दिनों से उसकी तलाश की जा रही थी। जुलाई 31 को सांबा में ही तालिब पर एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का केस भी दर्ज हुआ है।
अगस्त 1 को तालिब को पकडकर सांबा लाया गया। तालिब ने रसाना कांड को लेकर कई बार प्रदर्शन किया। इसे लेकर अपना एक संगठन बनाया और उसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। जानकारी के अनुसार 28 जून को सांबा न्यायालय के आदेश पर सांबा पुलिस ने तालिब हुसैन पर मामला दर्ज किया था। तालिब की पत्नी ने न्यायालय में उसके खिलाफ मारपीट करने और दहेज के लिए तंग करने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि उसका पति तलाक देने के लिए धमका रहा है। उसे जान से मारने तक की धमकी दी गई।
सांबा पुलिस की ओर से तालिब के खिलाफ 307, 382, 354ए., 498ए., 323, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके साथ ही तालिब पर रेप का मामला भी दर्ज किया गया है। मामले दर्ज होने के बाद ही तालिब हुसैन पुलिस से बचने के लिए कश्मीर में जाकर छिप गया था। कुछ दिन पहले वह फेसबुक पर लाइव हुआ। जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस को फोन की लोकेशन से पता चला कि वह कश्मीर में है। पुलिस टीम अगस्त 1 को पुलवामा पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तालिब के पकडे जाने पर स्थानीय लोगों ने पथराव भी किया। तालिब के खिलाफ जम्मू, कठुआ, नगरोटा और सांबा में केस दर्ज हैं। उसकी पत्नी नुसरत बेगम ने डेढ माह पहले यह केस दर्ज कराया था।
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:--
nigamrajendra28.blogspot.com
मदरसे में यौन उत्पीड़न करने वाला मौलाना गिरफ्तार, 36 छात्राओं को बचाया गया
स्मरण हो, हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए #JusticeForAsifa नाम से आंदोलन चलानेवाला तालिब हुसैन ही था। और वास्तुस्थिति को समझे बिना लोग अपने-अपने विचारों का आदान-प्रदान प्रारम्भ कर हिन्दुओं को अपमानित करते रहे। अब उसी तालिब के बलात्कारी होने पर इसका अनुसरण करने वाले समस्त बुद्धिजीवी, पत्रकार, मीडिया, बाॅलीबुड गैंग अब कुछ बोलेंगे ? पता नहीं सब के सब कहाँ लुप्त हो गए, पता नहीं उनकी आवाज़ बंद हो गयी या उनको दिखना एवं सुनाई देना भी बंद हो गया है। आखिर, बकरे की माँ भी कब तक खैर मनाती, एक दिन तो उसे भी छुरी के नीचे आना ही है। समय करवट ले रहा है। बहुत हो गयी तुष्टिकरण। देखिए तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी के कार्यकाल यानि 1971 से बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा तुष्टिकरण के कारण लागू नहीं हुआ, और अब लागू होने पर किस तरह विधवा-विलाप हो रहा है। अभी तो केवल 40 लाख के उजागर होने पर इनका यह हाल हो रहा है, जब समस्त भारत से करोडो की संख्या सामने आएगी, भगवान जाने इन विधवा-विलाप करने वालों का तब क्या हालत होगी। अभी तो श्रीगणेश होना शेष है।

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

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