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विदाई समारोह का भाषण संसदीय परंपरा के अनुकूल नहीं था--हामिद अंसारी का मोदी पर निशाना

2017 में पूर्व उप राष्ट्रपति के पद से हटने के बाद एक बार फिर हामिद अंसारी ने अपने विदाई समारोह के भाषण को याद दिलाया है। इस दौरान हामिद ने मुस्लिमों के प्रति असहजता के मुद्दे को उठाया था। तो वहीं मोदी ने इसको ध्यान नहीं दिया जिसके बाद कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए बोला की पीएम का भाषण नियम अनुसार नहीं था। तो वहीं अंसारी के बयान को इस सभा के हिसाब से भटकाव बताया। 
10 अगस्त 2017 को पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सभी लोगों की मौजूदगी में नियमानुसार अपने पद के कार्यकाल खत्म होने पर विदाई ली थी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वहां मौजूद थे और उन्होंने हामिद के कार्यकाल को याद करते हुए उनको बेहतर नेता बताया। साथ ही पीएम ने हामिद के ख़ास मुद्दों को नजरअंदाज करते हुए अपने दिल की बात साझा की थी।  इसके बाद हामिद ने अपने भाषण में मुस्लमानों के प्रति असहजता को दर्शाया और कई अहम मुद्दों पर बात की जिसके बाद लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई।  कई लोगों ने जहां अंसारी की बात को सभा से भटकाव बताया तो वहीं कुछ लोगों ने उनकी बातों को स्वीकारा और सही बताया।
इस मुद्दे को लेकर पीएम मोदी ने भी कुछ नहीं बोला था जिसके एक साल बाद अब अब अंसारी ने पीएम के भाषण को याद करते हुए इशारा किया। अंसारी कहते हैं कि, मोदी ने उनके भाषण के ख़ास बिंदुओं पर नजर तो डाली और मुसलमानों के प्रति असहजता वाले शब्द को भी संकेत किया था। तो मोदी के इस भाषण को लोग नियमानुसार बता रहे हैं।  दरअसल अंसारी ने अपने आखरी भाषण में यह दर्शाया था की आज के समय में मुस्लमान देश में असहज महसूस कर रहे हैं। जिसके बाद काफी हंगामा भी मचा था और अंसारी के इस बयान को गलत बताया गया था। तो अब अंसारी मोदी के भाषण को अपरिपक्व बता रहे हैं।
साथ ही कार्यकाल खत्म होने के बाद हामिद ने कई इंटरव्यू में भी अपने आखरी भाषण का जिक्र किया था और मुसलमानों के प्रति हमदर्दी जताई। उनका कहना था कि, यह सही नहीं है।  मुसलमान आज देश में खुद को असहज महसूस करने लगे हैं।

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

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