Skip to main content

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की चुनावी टी-शर्ट में भी ‘घोटाला’!

लगता है, घोटाला कांग्रेस के DNA में ही है। यह आरोप नहीं कटु सत्य है, जिसे कोई झुठला नहीं सकता। आज़ाद भारत में सबसे पहला जीप घोटाला हुआ था, उस समय कांग्रेस की सरकार थी और प्रधानमंत्री थे जवाहरलाल नेहरू। और पिछली कांग्रेस समर्पित यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालो से भारत तो क्या विश्व परिचित है, इसलिए चर्चा व्यर्थ है। 
अब मोदी सरकार के विकास की हवा निकालने के चक्कर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हो रहे घोटाले उजागर होने लगे हैं। यह स्थिति उस समय है, जब कांग्रेस अभी सत्ता से दूर है  यह भविष्य के गर्भ में छिपा है कि कांग्रेस सत्ता में वापसी कर पायेगी अथवा नहीं। अगर सत्ता में आ गयी, कितने घोटाले होंगे, जनता स्वयं निष्कर्ष निकाल सकती है। यानि जो पार्टी घोटाले में अपने ही कार्यकर्ताओं को नहीं बख्श रही, आम जनता को कैसे बख्श सकती हैं। और इस घोटाले की तो केवल पार्टी ही जाँच करवा सकती हैं, किसी अन्य को क्या मतलब कि किसी की फटी में टांग फंसाए। यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है।    
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में टी-शर्ट घोटाला सामने आया है। दरअसल कुछ दिन पहले ही राज्य कांग्रेस ने एक चुनावी टी-शर्ट जारी की है, जिस पर ‘उड़ गई विकास की चिड़िया’ लिखा गया है। इस टी-शर्ट के जरिए पार्टी ने राज्य की रमन सिंह सरकार के खिलाफ हमला बोला है। लेकिन अब उसी टी-शर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के ही कुछ समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट के बदले वसूली के आरोप लगाए हैं। हालांकि उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है। इन लोगों का आरोप है कि टी-शर्ट के बदले राज्य कांग्रेस के कुछ बड़े नेता अपनी जेब भर रहे हैं। ये हालत तब है जब पार्टी मीडिया में कह रही है कि वो कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच एक लाख टी-शर्ट बांट रही है।

विधानसभा चुनाव की तैयारी

दरअसल छत्तीसगढ़ में इस साल के आखिर तक विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस यहां पर 15 साल से सत्ता से बाहर है। उसे लग रहा है कि इस बार उसका चांस है, लिहाजा अभी से आक्रामक प्रचार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने ‘उड़ गई विकास की चिड़िया’ लिखे टी-शर्ट धूम-धाम से लॉन्च किए थे। फिलहाल 35 लाख नए टी-शर्ट के लिए भी ऑर्डर दिए जा चुके हैं। लेकिन उससे पहले इसे लेकर विवादों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। टी-शर्ट को लेकर वसूली के बारे में कुछ जानकारी सोशल मीडिया पर छन-छन कर सामने आ रही है। इनके मुताबिक स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से टी-शर्ट के एवज में पैसे मांगे गए हैं। जबकि पार्टी इसे मुफ्त में बांटने का दावा कर रही है। ऐसे ही ट्वीट्स आप नीचे देख सकते हैं।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

कांग्रेस के इस टीशर्ट अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। कई लोगों ने इस नारे के मतलब पर चुटकी ली है। जबकि कई लोगों ने कांग्रेस को 2003 से पहले उसकी सत्ता का दौर याद दिलाया है। उधर कांग्रेस के समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर पूरा जोर लगा रखा है। हालांकि टी-शर्ट के नाम पर वसूली के आरोपों से पार्टी के अंदर ही अंदर खलबली है। हमने इस बारे में स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो सभी ने इस तरह की किसी वसूली से इनकार किया। हालांकि कई लोग फंड का रोना रो रही कांग्रेस पार्टी के इस अभियान के खर्च पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।


मीडियावालों ये क्यों नहीं बता रहे कि 'उड़ गई विकास की चिड़िया' की टीशर्ट में भी घोटाला हो गया है। सरगुजा जिले में मेरे एक कांग्रेसी मित्र ने कार्यकर्ताओं में वितरित करने के लिए जब 100 टीशर्ट मंगाईं तो उससे 300 रुपये प्रति का दाम मांगा गया। https://aajtak.intoday.in/story/chhattisgarh-congress-new-t-shirt-pecks-on-bjp-vikas-model-1-1015114.html 
कहा गया कि प्रति टीशर्ट 350 दोगे तो जल्दी सप्लाई करवा देंगे। 100 रुपये वाली टी-शर्ट को 300 रुपये में बेचकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े नेता जेब भर रहे हैं। विपक्ष में रहकर ये हालत है तो सत्ता मिलने पर क्या करोगे? @RahulGandhi जी जांच करवाकर सच्चाई सामने लाइए।


अगर 1 टी-शर्ट की कीमत कम से कम रू. 200 भी लगाएं तो,

3500000x200 = रू 700000000
अब सवाल @INCIndia से..
इतने पैसे कौन इन्वेस्ट कर रहा जबकि पार्टी चंदे मांगने की मुहिम चला रखी है?
दूसरे
ये पैसे गरीबों के भलाई के लिए खर्च क्यों नहीं करती?

2019 में कांग्रेस फुर्ररररररर pic.twitter.com/Ulid5YOvXK



अगर 1 टी-शर्ट की कीमत कम से कम रू. 200 भी लगाएं तो,

3500000x200 = रू 700000000
अब सवाल @INCIndia से..
इतने पैसे कौन इन्वेस्ट कर रहा जबकि पार्टी चंदे मांगने की मुहिम चला रखी है?
दूसरे
ये पैसे गरीबों के भलाई के लिए खर्च क्यों नहीं करती?

2019 में कांग्रेस फुर्ररररररर pic.twitter.com/Ulid5YOvXK
विकास की चिड़िया उड़ी कि नहीं इसका तो पता नहीं लेकिन कांग्रेस रूपी भ्रष्टाचार का भस्मासुर अब कभी इस देश में नहीं आएगा


कांग्रेस अपने चुनाव प्रचार के लिए 36 लाख टीशर्ट बनवा रही है,
.
जबकि पिछले साल राहुल गांधी लोगों को अपना फटा कुर्ता दिखा रहा था। 🤣🤣🤣@TajinderBagga @SharmaKhemchand@AmitShahOffice@narendramodi@ManojTiwariMP@VijayJollyBJPhttps://aajtak.intoday.in/story/chhattisgarh-congress-new-t-shirt-pecks-on-bjp-vikas-model-1-1015114.html  via @aajtak


काँग्रेस खुद ही खुद को ट्रोल कर लेती है। वर्ल्ड बैंक के अनुसार मोदी शासन में 2017 में हुई उलट फेर को वजह से भारत विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और काँग्रेस 35 लाख T-shirt आर्डर कर रही है जिसपर "उड़ गई विकास की चिड़िया" लिखा होगा।


फिर नया सेल्फ गोल, विकास की चिड़िया को पंख लग गए तभी तो उड़ी। तुम्हारी तरह किसान के खेत का दाना - दाना तो नही चुग गयी।


भारत जिसे सोने की चिड़िया कहा जाता था, उसे लूटने वाले लोग आज विकास की चिड़िया उड़ने की बात कर रहे है

Comments

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

कायस्थ कौन हैं ?

सर्वप्रथम तो ये जान लें आप सब कि ना तो मै जातिवादी हुँ और ना ही मुझे जातिवादी बनने का शौक है और ना ही कायस्थ समाज को जागृत करने मे मेरा कोई स्वार्थ छिपा है। मै कल भी एक कट्टर सनातनी था आज भी एक कट्टर सनातनी हुँ और विश्वास दिलाता हुँ सनातन धर्म के प्रति मेरी ये कट्टरता भविष्य मे भी बनी रहेगी। इन शब्दों के बावजूद भी हमे कोई जातिवादी कहे तो मै बस इतना ही कहुँगा कि कुत्तो के भौकने से हाथी रास्ता नही बदला करते। मै ‘कायस्थ समाज’ से संबंध रखता हूँ । जो मेरे मित्र इस से सर्वथा अपरिचित हैं, उनकी जानकारी के लिए बता दुँ कि उत्तर भारत के बहुलांश क्षेत्रों मे कायस्थों की जबर उपस्थिति मौजूद है, हालांकि यह समाज देश के अन्य हिस्सों मे भी विद्यमान है । इनकी जनसंख्या काफी सीमित है परंतु इस वर्ग से संबन्धित सम्मानित महापुरुषों , विद्वानो, राजनेताओ , समाज सेवियों की एक लंबी फेहरिस्त मिलेगी जिन्होंने अपनी विद्वता, कर्मठता और प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व मे मनवाया है । सम्राट अकबर के नवरत्न बीरबल से लेकर आधुनिक समय मे स्वामी विवेकानंद , राजा राम मोहन रॉय , महर्षि अरविंद ,श्रीमंत शंकर देव ,महर्षि महेश योगी, मु…

गीता को फाड़कर कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए -- दलित नेता विजय मानकर

सोशल मीडियो पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि गीता को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए। आपको बता दें कि विजय मानकर का ये बयान अली शोहराब नाम के फेसबुक पेज से शेयर किया गया है। इस वीडियो को एक दिन में ही लगभग 1 लाख लोग देख चुके हैं। इसे अब तक 6 हजार लोगों ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर भी किया है। वीडियो में विजय मानकर मंच से लगभग चुनौती भरे अंदाज में कह रहे हैं जो गीता युद्ध और हिंसा को धर्म बताती है उसे कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिए। हालांकि ये वीडियो कब का है इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है। जनसत्ताऑनलाइन भी इसवीडियो की पुष्टी नहीं करता है। वीडियो में दिख रहा है कि अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि ‘मैं आज इस मंच से कहता हूं कि गीता को कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए। गीता कहती है कि मैंने वर्ण व्यवस्था बनाई है, गीता कहती है कि ब्राह्मण श्रेष्ठ होते हैं हमें ब्राह्मणों की पूजा करनी चाहिए। गीता महिलाओं को कनिष्ठ मानती है, हिंसा और युद्ध को ध…

शेर सिंह राणा को भारतरत्न कब मिलेगा?

Play
-13:30





Additional Visual Settings