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गर्भवती बकरी से 8 लोगों ने किया गैंगरेप

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
दुष्कर्म के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा के मेवात से एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे हर कोई हैरान है। यहां हवस के भूखे 8 दरिंदों ने एक गर्भवती बकरी से गैंगरेप किया जिससे उस बेजुबान जानवर की मौत हो गई। बकरी के मालिक ने अब इस संदर्भ में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद मामले की जांच की जा रही है।
यहाँ तक कुछ खाद्य पदार्थों की थैली पर
प्रकाशित होता है "केवल भारत में बिक्री योग्य",
 क्या अर्थ निकाला जाए, स्वयं सोंचिये। 
अभी बच्चियों और वयस्क महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही कि अब हवस के भूखे बेजुबान जानवरों को भी नहीं बख्श रहे। जो दशार्ता है दुर्बल होती मानसिकता। इस पर जो प्रकाश मनोचिकित्सक डाल सकते हैं, शायद कोई अन्य नहीं। कुछ-कुछ जो अल्पज्ञान बताता है, वह यह कि दूषित होती भारतीय संस्कृति एवं लगभग हर खाद्य पदार्थ में होती मिलावट। फलों एवं सब्ज़ियों की खेतियों में केमिकल आदि का छिड़काव। शुद्ध क्या मिल रहा है? आज किस चीज में मिलावट नहीं, प्रमाणिकता पर टीवी पर आते विज्ञापनों में एक मिर्च का विज्ञापन आता है, जो अपनी शुद्धता सिद्ध करने के लिए दूसरे उत्पादक की मिर्च को हानिकारक रंगों से लाल की हुई बताता है। जब बाजार में दालों के सैंपल लिए जाते हैं, तो तुरन्त बाजार बंद हो जाते हैं, और निरीक्षक अपनी नौकरी पक्की कर मौज-मस्ती कर वापस चले जाते हैं। फिर कुछ
मिलावट पर लिखा मेरा स्तम्भ 
ही समय पूर्व एक नामी आटे में मिलावट का समाचार सुर्खियाँ बटोरे हुए था। इससे पूर्व आम, खरबूजा, तरबूज, ककड़ी आदि को केमिकल से पकाने का समाचार भी सुर्ख़ियों में था, फिर लगभग एक दशक पूर्व खुले बिकने वाले मिलावटी घी एवं तेल में मिलावट का समाचार भी खूब सुर्खियाँ बटोरे हुए था, क्या सीलबंद बिकने से यही चीजें क्या शुद्ध हो गयीं हैं? यहाँ तक कुछ खाद्य पदार्थों की थैली पर प्रकाशित होता है "केवल भारत में बिक्री योग्य", क्या अर्थ निकाला जाए, स्वयं सोंचिये। जो चीज भारत में बिक सकती हैं, वही किसी विदेश में क्यों नहीं? यानि विदेश में जब वही खाद्य पदार्थ जायेगा तो शुद्ध और भारत में तो चाहे जैसा बेच दो। यदाकदा RO पानी और रिफाइन्ड तेल से होने वाले दुष्परिणाम भी सुर्ख़ियों में रहते हैं। हँसी तब आती है, जब किसी भी RO के विज्ञापन में अभिनेता बने सांसद आते हैं, कोई उनसे पूछे, "जब आप मानते हो कि नलों में पीने योग्य पानी नहीं आता, तो संसद में कोई नहीं शोर मचाते, क्या जनता के धन की बर्बादी के लिए संसद में जाते हो?" और शायद इसी कारण नई-नई बीमारियाँ भी जन्म ले रही हैं। पीछे मुड़ कर देखने पर, जब अपने बचपन से युवा होने तक के समय का अवलोकन करने पर देखते हैं कि उन दिनों छोटे मकान होते थे, सब लोग एक-दूसरे के घरों में किसी भी समय बेरोकटोक आते-जाते रहते/रहती थीं, किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सुनने को नहीं मिलती थी। परन्तु आज ऐसे अप्रिय समाचार आम बात हो गए हैं। और अब तो बेजुबान जानवर भी सुरक्षित नहीं। इस गम्भीर विषय पर मनोचिकित्सक से लेकर सरकार तक, किसी राजनीति षड्यंत्र से निकल कर, मन्थन करना चाहिए।    
 
Pregnant goat dies after being gang-raped by 8 men in Haryana
                                                            प्रतीकात्मक चित्र 
यह शर्मनाक वाकया मेवात के मरोड़ा का है, जहां 25 जुलाई को शराब और जुए के आदी 8 लड़के बकरी को पहले एक सुनसान जगह पर ले गए और फिर हैवानियत दिखाते हुए उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म कर डाला। बकरी को इन दरिंदों ने इस तरह नोचा कि 26 जुलाई को उसकी मौत हो गई। बकरी के मालिक के अनुसार, बकरी 2 माह की गर्भवती थी।
बकरी के मालिक ने 26 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, 'इस मामले में सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। मृत बकरी का मेडिकल किया जाएगा। जांच जारी है।' 


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Haryana: Pregnant goat died a day after allegedly being raped by 8 men in Mewat. Goat's owner (in pic) registered a police complaint on July 26. Police says, 'all accused are absconding. Medical of the dead goat will be conducted. Investigation is underway'
नगीना पुलिस स्टेशन के एसआई राजबीर सिंह ने कहा, 'असलू नाम के एक शख्स ने 26 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई जिसमें उसने हारून, जफर और अन्य पांच लोग जिनकी पहचान अभी बांकि है, के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने उसकी बकरी के साथ 25 जुलाई को गैंगरेप किया था।' बकरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सारी स्थिति साफ हो पाएगी। खबर लिखे जाने तक मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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