Skip to main content

दारुल उलूम देवबंद का नाम बदलकर 'खूनी पंजा' कर देना चाहिए- बुक्कल नवाब

दारुल उलूम देवबंद का नाम बदलकर 'खूनी पंजा' कर देना चाहिए- बुक्कल नवाब

भाजपा के MLC बुक्कल नवाब ने दारुल उलूम देवबंद पर निशाना साधते हुए कहा कि इसका नाम बदलकर खूनी पंजा कर देना चाहिए। बुक्कल नवाब ने कहा कि मुस्लिमों को मुहम्मद साहब का कौल याद रखना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा है कि 'अपने देश से मोहब्बत करना आधी इबादत होती है।' उन्होंने कहा कि दारुल उलूम के मौलाना सबसे पहले नर्क जाएंगे। ये वो लोग हैं जिन्होंने ओसामा बिन लादेन, बगदादी, दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद जैसे लोगों को पैदा किया है। बुक्कल नवाब ने कहा कि हम शिया मुस्लिम हैं जो अपने मजहब के अलावा दूसरे मजहब का भी सम्मान करते है। 
दारुल उलूम ने कहा- शिया मुस्लिमों की पार्टी में ना जाएं सुन्नी मुसलमान
पिछले दिनों दारुल उलूम देवबंद ने एक फतवा जारी किया जिसमें कहा गया था कि शिया मुसलमानों की इफ्तार पार्टी में सुन्नी मुसलमान नहीं जा सकते। देवबंद के फतवा का बरेलवी उलेमाओं ने भी समर्थन दिया था. ऑल इंडिया तंजीम उलेमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव और दरगाह आला हजरत से जुड़े  मौलाना शहाबुद्दीन ने इस मुद्दे पर कहा कि शरीयत के अनुसार किसी भी गैर मजहब के शादी या इफ्तार में सुन्नी मुसलमानों को नहीं जाना चाहिए। 
बुक्कल नवाब  हनुमान मंदिर में भी पूजा करते हैं
पिछले महीने बुक्कल नवाब द्वारा बजरंग बली की पूजा करने और घंटा चढ़ाने पर देवबंदी उलेमाओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी थी। देवबंदी उलेमाओं ने कहा कि बुक्कल इस्लाम में रहने लायक नहीं है। उलेमाओं के इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने ऐतराज जताते हुए उलेमाओं को धर्म का ठेकेदार बताया, तो मुफ्ती अहमद ने कहा कि अगर आजम खान भी दूसरे मजहब की पूजा करेंगे तो वो भी इस्लाम से खारिज हो जाएंगे। आपको बता दें, एमएलसी बुक्कल नवाब ने 16 अप्रैल को बीजेपी से एमएलसी की तरफ से विधानपरिषद के उम्मीदवार का नामांकन भरने के बाद, 17 अप्रैल को लखनऊ स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर पहुंचे और 20 किलो का पीतल का घंटा चढ़ाया और जय श्रीराम के जयकारे भी लगाए थे।
इस वीडियो को भी देखें जो व्हाट्सअप पर खूब प्रसारित हो रहा है:--  

Comments

AUTHOR

My photo
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

कायस्थ कौन हैं ?

सर्वप्रथम तो ये जान लें आप सब कि ना तो मै जातिवादी हुँ और ना ही मुझे जातिवादी बनने का शौक है और ना ही कायस्थ समाज को जागृत करने मे मेरा कोई स्वार्थ छिपा है। मै कल भी एक कट्टर सनातनी था आज भी एक कट्टर सनातनी हुँ और विश्वास दिलाता हुँ सनातन धर्म के प्रति मेरी ये कट्टरता भविष्य मे भी बनी रहेगी। इन शब्दों के बावजूद भी हमे कोई जातिवादी कहे तो मै बस इतना ही कहुँगा कि कुत्तो के भौकने से हाथी रास्ता नही बदला करते। मै ‘कायस्थ समाज’ से संबंध रखता हूँ । जो मेरे मित्र इस से सर्वथा अपरिचित हैं, उनकी जानकारी के लिए बता दुँ कि उत्तर भारत के बहुलांश क्षेत्रों मे कायस्थों की जबर उपस्थिति मौजूद है, हालांकि यह समाज देश के अन्य हिस्सों मे भी विद्यमान है । इनकी जनसंख्या काफी सीमित है परंतु इस वर्ग से संबन्धित सम्मानित महापुरुषों , विद्वानो, राजनेताओ , समाज सेवियों की एक लंबी फेहरिस्त मिलेगी जिन्होंने अपनी विद्वता, कर्मठता और प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व मे मनवाया है । सम्राट अकबर के नवरत्न बीरबल से लेकर आधुनिक समय मे स्वामी विवेकानंद , राजा राम मोहन रॉय , महर्षि अरविंद ,श्रीमंत शंकर देव ,महर्षि महेश योगी, मु…

गीता को फाड़कर कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए -- दलित नेता विजय मानकर

सोशल मीडियो पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि गीता को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए। आपको बता दें कि विजय मानकर का ये बयान अली शोहराब नाम के फेसबुक पेज से शेयर किया गया है। इस वीडियो को एक दिन में ही लगभग 1 लाख लोग देख चुके हैं। इसे अब तक 6 हजार लोगों ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर भी किया है। वीडियो में विजय मानकर मंच से लगभग चुनौती भरे अंदाज में कह रहे हैं जो गीता युद्ध और हिंसा को धर्म बताती है उसे कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिए। हालांकि ये वीडियो कब का है इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है। जनसत्ताऑनलाइन भी इसवीडियो की पुष्टी नहीं करता है। वीडियो में दिख रहा है कि अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि ‘मैं आज इस मंच से कहता हूं कि गीता को कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए। गीता कहती है कि मैंने वर्ण व्यवस्था बनाई है, गीता कहती है कि ब्राह्मण श्रेष्ठ होते हैं हमें ब्राह्मणों की पूजा करनी चाहिए। गीता महिलाओं को कनिष्ठ मानती है, हिंसा और युद्ध को ध…

गरुड़ शास्त्र में पराई स्त्री के साथ सम्बन्ध बनाने एवं दैनिक कर्म के परिणाम

हमारे गृहस्थ जीवन के बारे में भारतीय प्राचीन शास्त्रों बहुत से सुझाव लिखे गये है| हर काम को करने के नतीजों के बारे में बताया गया है, फिर वो चाहे अच्छे कर्म हो या बुरे, अच्छे कर्मो का नतीज़ा हमेशा ही अच्छा होता है वही बुरे कर्मों के बुरे नतीजे भी लोगो को भुगतने पड़ते है।  शास्त्रों के अनुसार किसी पराई स्त्री के साथ सम्भोग करना पाप माना जाता है, और ऐसे इंसान को सीधे नर्क में जाना पड़ता है। वही किसी स्त्री के ऊपर बुरी नज़र रखने वाले, किसी पराई स्त्री के साथ संभोग का सोचने वाले लोगो को भी नर्क में ही जगह दी जाती है।
एक समय था, जब दिल्ली के पुराना किला स्थित भैरों मंदिर में किले की दीवारों पर चित्रों के माध्यम से प्राणियों को दुष्कर्मों से दूर रहने के लिए मृत्यु उपरान्त यमलोक में दी जाने वाली यातनाओं से अवगत करवाया जाता था। लेकिन पश्चिमी सभ्यता के मानव जीवन पर हावी होने के कारण मानव जीवन से हिन्दू मान्यताएँ धूमिल ही नहीं हुईं, बल्कि आस्था पर भी आघात हुआ है।
परिवार में किसी मृत्यु उपरान्त गरुड़ पुराण पाठ किया जाता है, लेकिन मनुष्य है, इसे केवल मृतक तक ही सीमित समझ एक धार्मिक पूर्ति मात्र मान कर…