Skip to main content

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार जजों ने की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस, चीफ जस्टिस पर लगाए गंभीर आरोप

पहली बार SC के 4 जजों ने की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस, कहा- सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहींसुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई करने वाले सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि यह मैटर बेहद सीरियस है। कोर्ट में दो पिटीशन लगाई गईं हैं, जिनमें इस केस की अलग से जांच कराने की मांग की गई है। इनमें से एक पिटीशन महाराष्ट्र के जर्नलिस्ट बीआर लोन ने और दूसरी कांग्रेस लीडर तहसीन पूनावाला ने दायर की है। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा।
सुप्रीम कोर्ट के न्‍यायाधीश जे चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसफ ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में मीडिया से बातचीत की. उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है. हमने चीफ जस्टिस से इस बारे में मुलाकात भी की है. उन्‍होंने कहा कि चीफ जस्टिस से कई गड़बडि़यों की शिकायत की थी, जिन्‍हें ठीक किए जाने की जरूरत है. आज सुबह भी हम चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से मिले थे.
इस तरह पहली बार मीडिया के सामने आए सुप्रीम कोर्ट के जज
सुप्रीम कोर्ट के जजों ने पहली बार मीडिया के सामने आते हुए यह बातें कहीं. न्‍यायाधीशों ने मीडिया से कहा, हम आज इसलिए आपके सामने आए हैं, ताकि कोई ये न कहे कि हमने अपनी आत्‍माएं बेच दीं.
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा द्वारा मामलों के आवंटन समेत कई मामले उठाए गए
प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा द्वारा मामलों के आवंटन समेत कई मामले उठाए.
देखें, जस्टिस जे चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसफ की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस...
देश का लोकतंत्र खतरे में है- जस्टिस चेलमेश्वर
उन्‍होंने मीडिया से कहा, 'हमने किसी काम को सही तरीके से करने के लिए कहा था. कुछ महीने पहले हम चारों जजों ने चीफ जस्टिस को एक चिट्ठी लिखी थी. हमारी कोशिशें नाकामयाब रहीं. जब कोई विकल्‍प नहीं बचा तो हम आपके सामने आए हैं. देश का लोकतंत्र खतरे में है'. उन्‍होंने आगे कहा कि 'हम चाहते हैं कि हमारे द्वारा उठाए गए मामले में कार्रवाई हो. हम देश का कर्ज अदा कर रहे हैं'.


View image on TwitterView image on Twitter

Judges J.Chelameswar, Ranjan Gogoi, Madan Lokur and Kurian Joseph release 7 page letter, that they wrote to the Chief Justice of India Dipak Misra.
 वहीं, जस्टिस गोगोई ने कहा कि हमने जो मुद्दा उठाया उस पर कार्रवाई हो.


Supreme Court Judges
जस्टिस जे चेलमेश्वर ने कहा, कुछ महीने पहले हम चारों जजों ने चीफ जस्टिस को एक चिट्ठी लिखी थी. हमारी कोशिशें नाकामयाब रहीं.

कैसे हुई थी जस्टिस लोया की मौत?

- लोया 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में अपने कलीग की बेटी की शादी में जा रहे थे, तभी हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी।
जज की मौत पर संदेह क्यों?
- पिछले साल नवंबर में लोया की मौत के हालात पर उनकी बहन ने शक जाहिर किया। इसके तार सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जोड़े गए। इसके बाद यह केस मीडिया की सुर्खियां बना।
पिटीशन पर फौरन सुनवाई क्यों?
- जर्नलिस्ट बीआर लोन ने अपनी पिटीशन पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि लोया की रहस्यमयी मौत की जांच कराने की जरूरत है, ताकि सच दुनिया के सामने आ सके।
- गुरुवार को ही दोपहर बाद कांग्रेस लीडर तहसीन पूनावाला की ओर से उनके वकील वरिंदर कुमार शर्मा ने भी एक पिटीशन दायर कर मामले की जांच की मांग की। उनका कहना है कि जज की मौत "सवालों के घेरे में, संदेहास्पद और विरोधाभासी है।"
- इस पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच फौरन सुनवाई के लिए राजी हो गई।
- बॉम्बे लॉयर एसोसिएशन ने भी बॉम्बे हाईकोर्ट में 8 जनवरी को एक पिटीशन दायर करके इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
क्या है सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस?
- सीबीआई के मुताबिक गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को उस वक्त अगवा कर लिया था जब वे हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे।
- नवंबर 2005 में गांधीनगर के करीब उसकी कथित फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई। यह दावा किया गया कि शेख के पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ संबंध थे।
- पुलिस ने दिसंबर 2006 में मुठभेड़ के चश्मदीद गवाह और शेख के साथी तुलसीराम प्रजापति की भी कथित तौर पर गुजरात के बनासकांठा जिले के चपरी गांव में हत्या कर दी। अमित शाह तब गुजरात के गृह राज्यमंत्री थे। उन पर दोनों घटनाओं में शामिल होने का आरोप था।
अमित शाह समेत कई आरोपी हो चुके बरी?
- सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस को 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रजापति और सोहराबुद्दीन शेख के केस को एक साथ जोड़ दिया।
- पहले इस केस की सुनवाई जज जेटी उत्पत कर रहे थे, लेकिन 2014 में अचानक उनका तबादला कर दिया गया था और फिर केस की सुनवाई जज बीएच लोया ने की।
- सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में बीजेपी के प्रेसिडेंट अमित शाह, राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के बिजनेसमैन विमल पाटनी, गुजरात पुलिस के पूर्व चीफ पीसी पांडे, एडीजीपी गीता जौहरी, गुजरात पुलिस के ऑफिसर अभय चूडासम्मा और एनके अमीन को बरी किया जा चुका है। पुलिस अफसरों समेत कुल 23 आरोपी के खिलाफ अभी भी जांच चल रही है।(एजेंसीज इनपुट पर आधारित)

Comments

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

कायस्थ कौन हैं ?

सर्वप्रथम तो ये जान लें आप सब कि ना तो मै जातिवादी हुँ और ना ही मुझे जातिवादी बनने का शौक है और ना ही कायस्थ समाज को जागृत करने मे मेरा कोई स्वार्थ छिपा है। मै कल भी एक कट्टर सनातनी था आज भी एक कट्टर सनातनी हुँ और विश्वास दिलाता हुँ सनातन धर्म के प्रति मेरी ये कट्टरता भविष्य मे भी बनी रहेगी। इन शब्दों के बावजूद भी हमे कोई जातिवादी कहे तो मै बस इतना ही कहुँगा कि कुत्तो के भौकने से हाथी रास्ता नही बदला करते। मै ‘कायस्थ समाज’ से संबंध रखता हूँ । जो मेरे मित्र इस से सर्वथा अपरिचित हैं, उनकी जानकारी के लिए बता दुँ कि उत्तर भारत के बहुलांश क्षेत्रों मे कायस्थों की जबर उपस्थिति मौजूद है, हालांकि यह समाज देश के अन्य हिस्सों मे भी विद्यमान है । इनकी जनसंख्या काफी सीमित है परंतु इस वर्ग से संबन्धित सम्मानित महापुरुषों , विद्वानो, राजनेताओ , समाज सेवियों की एक लंबी फेहरिस्त मिलेगी जिन्होंने अपनी विद्वता, कर्मठता और प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व मे मनवाया है । सम्राट अकबर के नवरत्न बीरबल से लेकर आधुनिक समय मे स्वामी विवेकानंद , राजा राम मोहन रॉय , महर्षि अरविंद ,श्रीमंत शंकर देव ,महर्षि महेश योगी, मु…

गीता को फाड़कर कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए -- दलित नेता विजय मानकर

सोशल मीडियो पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि गीता को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए। आपको बता दें कि विजय मानकर का ये बयान अली शोहराब नाम के फेसबुक पेज से शेयर किया गया है। इस वीडियो को एक दिन में ही लगभग 1 लाख लोग देख चुके हैं। इसे अब तक 6 हजार लोगों ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर भी किया है। वीडियो में विजय मानकर मंच से लगभग चुनौती भरे अंदाज में कह रहे हैं जो गीता युद्ध और हिंसा को धर्म बताती है उसे कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिए। हालांकि ये वीडियो कब का है इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है। जनसत्ताऑनलाइन भी इसवीडियो की पुष्टी नहीं करता है। वीडियो में दिख रहा है कि अंबेकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट विजय मानकर कह रहे हैं कि ‘मैं आज इस मंच से कहता हूं कि गीता को कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए। गीता कहती है कि मैंने वर्ण व्यवस्था बनाई है, गीता कहती है कि ब्राह्मण श्रेष्ठ होते हैं हमें ब्राह्मणों की पूजा करनी चाहिए। गीता महिलाओं को कनिष्ठ मानती है, हिंसा और युद्ध को ध…

शेर सिंह राणा को भारतरत्न कब मिलेगा?

Play
-13:30





Additional Visual Settings